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जम्मू कश्मीर: प्रशासन के फैसले का बीजेपी ने किया जोरदार स्वागत, राज्य की बेटी के पति और बच्चों को मना जाएगा स्थानीय निवासी

जम्मू कश्मीर राज्य में धारा 370 हटने के बाद से कई नियमों में बदलाव किए जा रहे हैं। अब राज्य से बाहर शादी करने वाली महिलाओं को मूल निवासी प्रमाण पत्र मिलेगा।

जम्मू कश्मीर: प्रशासन के फैसले का बीजेपी ने किया जोरदार स्वागत, राज्य की बेटी के पति और बच्चों को मना जाएगा स्थानीय निवासी
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जम्मू कश्मीर राज्य में धारा 370 हटने के बाद से कई नियमों में बदलाव किए जा रहे हैं। राज्य में प्रशासन ने बड़ा फैसला लेते हुए स्थायी निवाली वाली बेटियों के परिवार को मूल निवाली प्रमाण पत्र जारी करेगी। प्रशासन के इस फैसले का सरकार ने जमकर विरोध प्रदर्शन किया है।

जम्मू कश्मीर प्रशासन ने गुरुवार को प्रदेश की बेटियों के पक्ष में फैसला लेते हुए कहा कि जिन महिलाओं की शादियां राज्य से बाहर हुई हैं। उनके पति और बच्चों को राज्य सरकार की तरफ से मूल निवासी प्रमाण पत्र (Domicile certificate) दिया जाएगा।

कश्मीरी महिलाओं की मिली आजादी

इसका मतलब साफ है कि राज्य में पैदा होने वाली बेटियां दूसरे राज्य में विवाह करने के बाद भी स्थानीय निवासी बनने के पात्र होंगे। इसके अलावा शादी के बाद पैदा हुए बच्चों को जेके के स्थानीय निवासी माना जाएगा। इससे पहले राज्य सरकार ने महिलाओं को इस अधिकारी से वंछित रखा था। दूसरे राज्य में शादी करने वाली महिलाओं के पति राज्य के मूल निवासी नहीं कहे जाते थे।

स्टेट बीजेपी ने किया जोरदार स्वागत

प्रशासन के द्वारा बदले गए नियम से पहले मूल निवासी बनने के लिए वहां 15 सालों तक राज्य में रहना जरूरी था। जिसके बाद साल 2020 में कैबिनेट ने सेकेंड ऑर्डर 2020 को मंजूरी दी। जिससे मूल निवासी प्रमाण पत्र से जुड़े नियमों में बदलाव का रास्ता साफ हो गया। प्रशासन के इस फैसले का स्टेट बीजेपी ने जोरदार स्वागत किया है। जम्मू-कश्मीर बीजेपी के अध्यक्ष रविंदर रैना ने इस नियम में बदलाव के बाद कहा कि ये बहुत ही हास्यास्पद है कि कुछ ऐसे अलगाववादी नेता है, जिन्होंने देश के बाहर से शादी की है। जिसमें पाकिस्तान की महिलाएं भी शामिल हैं। ऐसे में उनको भी राज्य प्रशासन ने मूल निवासी होने का अधिकार दे दिया है। पहले प्रदेश से बाहर शादी करने पर उनके सभी अधिकार खत्म हो जाया करते थे।

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