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पूर्व गवर्नर रघुराम राजन ने बीजेपी सरकार पर लगाया बड़ा आरोप, अर्थव्यवस्था में गिरावट की वजह भी बताई

2019-20 के वित्तीय वर्ष की पहली तिमाही में जीडीपी ग्रोथ रेट 5 प्रतिशत पर आ गई थी जो लुढ़ककर दूसरी तिमाही में 4.5 प्रतिशत पर चली गई थी। अब तीसरी तिमाही में ये थोड़ी सी बढ़कर 4.7 प्रतिशत पर आई है।

आरबीआई के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन ने बीजेपी सरकार पर लगाया आरोप, इस बात को बताया इकॉनोमी खराब होने का कारणआरबीआई के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन

हाल ही में एनएसओ (राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय) के द्वारा जारी किए गए सितंबर-दिसंबर के जीडीपी आंकड़ों ने सरकार को मामूली राहत दी है। लेकिन जीडीपी ग्रोथ 4.7 प्रतिशत ही रहने से देश की आर्थिक स्थिति में ज्यादा सुधार नहीं हुआ है। इस बात से नाराज आरबीआई के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन ने बीजेपी सरकार पर आरोप लगाया है।

राजनीतिक और सामाजिक एजेंडे पर दे रही ध्यान

रघुराम राजन ने कहा है कि सरकार अर्थव्यवस्था पर ध्यान नहीं दे रही। बल्कि अपने राजनीतिक और सामाजिक एजेंडे को पूरा करने में लगी है। उन्होंने कहा कि अगर भारत की मौजूदा सरकार चाहे तो इस गिरी हुई अर्थव्यवस्था को फिर से रास्ते पर लाया जा सकता है। लेकिन सरकार राजनीति करने में लगी है। जिसके कारण अर्थव्यवस्था का इतना बुरा हाल है।

जीएसटी और नोटबंदी भी है कारण

रघुराम राजन ने कहा कि मोदी सरकार ने पिछला चुनाव जीतने के बाद से ही राजनीतिक एजेंडे पर ध्यान दिया है। साथ ही नोटबंदी और खराब तरीके से माल एवं सेवा कर (जीएसटी) को लागू करना भी भारतीय अर्थव्यवस्था के गिरने की प्रमुख वजह है।

जीडीपी ग्रोथ रेट में आई थी गिरावट

पिछले तीन तिमाही में जीडीपी के ग्रोथ रेट में गिरावट आई थी। 2018-19 के वित्तीय वर्ष की पहली तिमाही में ग्रोथ रेट 8 प्रतिशत पर थी। जो लुढ़क कर दूसरी तिमाही में 7 प्रतिशत पर आ गई थी। फिर तीसरी तिमाही में ये दर 6.6 और चौथी तिमाही में 5.8 पर आ गई थी। वहीं 2019-20 के वित्तीय वर्ष की पहली तिमाही में जीडीपी ग्रोथ रेट 5 प्रतिशत पर आ गई थी जो लुढ़ककर दूसरी तिमाही में 4.5 प्रतिशत पर चली गई थी। अब तीसरी तिमाही में ये थोड़ी सी बढ़कर 4.7 प्रतिशत पर आई है।

रिजर्व बैंक ने 6 प्रतिशत का लगाया है अनुमान

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने अगले वित्तीय वर्ष में जीडीपी ग्रोथ रेट के 6 प्रतिशत पर रहने का अनुमान लगाया है। वहीं भारत सरकार के आर्थिक सर्वे में अगले वित्तीय वर्ष में इसके 6 से 6.5 प्रतिशत के बीच रहने का अनुमान लगाया गया है।

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