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FATF : पाकिस्तान के अलावा ये देश भी हैं ग्रे लिस्ट में शामिल, जानें क्या है एफएटीएफ का उद्देश्य

टेरर फंडिंग और मनी लॉन्ड्रिंग पर नजर रखने वाली संस्था फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (एफएटीएफ) ने पाकिस्तान को ग्रे लिस्ट में रखना का फैसला बरकरार रखा है।

FATF : पाकिस्तान के अलावा ये देश भी हैं ग्रे लिस्ट में शामिल, जानें क्या है एफएटीएफ का उद्देश्य

दुनिया में टेरर फंडिंग और मनी लॉन्ड्रिंग पर नजर रखने वाली संस्था फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (एफएटीएफ) ने पाकिस्तान को ग्रे लिस्ट में रखना का फैसला बरकरार रखा है। मलेशिया और तुर्की ने पाकिस्तान का समर्थन किया था, लेकिन उसके बाद भी ग्रे लिस्ट में बनाए रखा।

मंगलवार को पेरिस में हुई एफएटीएफ की बैठक में पाकिस्तान के खिलाफ कड़ा फैसला बरकरार रखा गया। जिसमें इमरान सरकार को इस ब्लैक लिस्ट में रखे जाने का फरमान सुना दिया गया। पाकिस्तान लगातार इस बैन को हटाने के लिए दिन रात प्रयास कर रहा है।

पाकिस्तान के दिया था ये एक्शन प्लान

फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (एफएटीएफ) दुनिया में टेरर फंडिंग और मनी लॉन्ड्रिंग जैसे मामलों को लेकर देशों पर नजर रखती है और गतिविधियों की रिपोर्ट पर जांच के बाद फैसला भी लेती है। पाकिस्तान के संस्था ने ब्लैक लिस्ट से बचने के लिए 27 सूत्रीय एक्शन प्लान दिया था। लेकिन वो प्लान को पूरा नहीं कर सका।

ये देश हैं ब्लैक लिस्ट में

अब बात करते हैं कि वो कौन से देश हैं जो इस लिस्ट में शामिल हैं। उत्तर कोरिया और ईरान फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (एफएटीएफ) की ब्लैक लिस्ट में शामिल हैं। जब भी किसी देश को इस सूची में डाल दिया जाता है तो उसको अंतर्राष्ट्रीय देशों से मिलने वाली सुविधाएं से दूर कर दिया जाता है। कोई देश उनकी मदद नहीं करता है।

एफएटीएफ का क्या है उद्देश्य

फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (एफएटीएफ) की स्थापना 1989 में 37 देशों को मिलाकर हुई थी। जिसका मकसद अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय व्यवस्था को मनी लांड्रिंग और आतंकी फंडिंग जैसे खतरों से बचाना होगा। जो भी देश इनका उल्लंघन करता मिलेगा। उसके खिलाफ कार्रवाई होगी। आतंकवाद को रोकने के लिए यह संस्था कड़ी नियम लागू करती है।

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