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Farmers Protest Updates: कृषि मंत्री बोले- किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए लाए गए तीनों कृषि कानून

Farmers Protest Updates: किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा कि जो प्रस्ताव आया है उसमें बिल वापसी की बात नहीं है। सरकार संशोधन चाहती है। संशोधन के लिए किसान तैयार नहीं है। हम चाहते है पूरा बिल वापस हो। बिल वापसी के अलावा कोई रास्ता निकलता नज़र नहीं आ रहा है। सरकार तीन कृषि बिल लाई है उसी तरह से एमएसपी को लेकर भी बिल लाए।

Farmers Protest Updates: कृषि मंत्री बोले- किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए लाए गए तीनों कृषि कानून
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नरेंद्र सिंह तोमर

नये कृषि कानूनों को लेकर केंद्र के खिलाफ किसानों का आंदोलन 15वें दिन भी जारी है। वहीं किसान संगठनों और केंद्र सरकार के बीच छठे दौर की बैठक रद्द हो गई है। जबकि किसान नेताओं ने नए कृषि कानूनों में संशोधन करने के सरकार के प्रस्ताव को बुधवार को खारिज कर दिया और कहा कि वे शनिवार को जयपुर-दिल्ली और दिल्ली-आगरा एक्सप्रेस-वे को बंद करेंगे तथा आंदोलन को तेज करते हुए 14 दिसंबर को राष्ट्रव्यापी प्रदर्शन करेंगे।

किसान नेता शिव कुमार कक्का ने कहा कि सरकार के प्रस्ताव में कुछ भी नया नहीं है और संयुक्त किसान समिति ने बुधवार को अपनी बैठक में इसे पूरी तरह खारिज कर दिया। किसान संघ के नेताओं ने प्रस्ताव को देश के किसानों का अपमान करार दिया। हालांकि, उन्होंने कहा कि सरकार अगर वार्ता के लिये नया प्रस्ताव भेजती है तो वे उस पर विचार कर सकते हैं। किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा कि जो प्रस्ताव आया है उसमें बिल वापसी की बात नहीं है। सरकार संशोधन चाहती है। संशोधन के लिए किसान तैयार नहीं है। हम चाहते है पूरा बिल वापस हो। बिल वापसी के अलावा कोई रास्ता निकलता नज़र नहीं आ रहा है। सरकार तीन कृषि बिल लाई है उसी तरह से एमएसपी को लेकर भी बिल लाए।

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सरकार ने किसानों की सभी आशंकाओं को दूर करने की कोशिश की

कृषि कानूनों को लेकर कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि संसद के सत्र में सरकार कृषि से जुड़े तीन कानून लेकर आई थी। इन कानूनों पर संसद में सभी दलों के सांसदों ने अपना पक्ष रखा था। लोकसभा और राज्यसभा में बिल पारित हुआ था। चर्चा के दौरान सभी सांसदों ने अपने विचार रखे। ये तीनों कानून आज देशभर में लागू हैं। नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि तीनों कृषि कानून किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए है। तय समय में भुगतान की व्यवस्था की गई है। किसानों की जमीन सुरक्षित रखने का ध्यान रखा गया है। नए कृषि कानून किसानों के हित में हैं। मंडी से बाहर जाकर भी किसानों को छूट दी गई। वहीं, उन्होंने कहा कि आंदोलनकारी किसानों से बातचीत जारी है।

उत्तर भारत के सभी किसान 'दिल्ली चलो' का आह्वान करेंगे

किसान संगठनों के नेताओं मुताबिक उत्तर भारत के सभी किसानों के लिये 14 दिसंबर को 'दिल्ली चलो' का आह्वान किया गया है, जबकि दक्षिण भारत में रहने वाले किसानों से जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन के लिये कहा गया है। किसान नेताओं ने कहा कि वे 14 दिसंबर को भाजपा के मंत्रियों, पार्टी के जिला कार्यालयों का घेराव करेंगे और पार्टी के नेताओं का बहिष्कार करेंगे। नये कृषि कानूनों पर केंद्रीय गृह मंत्री के, किसानों के 13 प्रतिनिधियों से मुलाकात करने के एक दिन बाद बुधवार को केंद्र की तरफ से किसानों को प्रस्ताव भेजा गया था। प्रस्ताव में सरकार ने कहा था कि वह वर्तमान में लागू न्यूनतम समर्थन मूल्य की व्यवस्था को जारी रखने के लिए लिखित में आश्वासन देने को तैयार है।

किसानों ने कानून में प्रस्तावित संशोधन को किया खारिज

किसान नेता दर्शन पाल ने कहा कि किसानों ने कानून में प्रस्तावित संशोधन को खारिज कर दिया है क्योंकि वे कानूनों को निरस्त किये जाने से कम कुछ नहीं चाहते। उन्होंने कहा कि नए मसौदा में कुछ भी नया नहीं है, जो केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर किसान नेताओं के साथ अपनी पूर्व की बैठकों में नहीं कहा हो। उन्होंने कहा कि प्रदर्शनकारी किसान 14 दिसंबर को राष्ट्रीय राजधानी के सभी राजमार्गों को बंद करेंगे और जिला मुख्यालयों के साथ ही भाजपा के जिला कार्यालयों का भी घेराव करेंगे।

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