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राज्यसभा की खाली पड़ीं 18 सीटों के लिए चुनाव जल्द

महाराष्ट्र विधान परिषद का चुनाव कराने के बाद जल्द ही केंद्रीय निर्वाचन आयोग राज्यसभा चुनाव की घोषणा करेगा। कोरोना संकट को वजह बताकर निर्वाचन आयोग ने 26 मार्च को होने वाले राज्यसभा चुनाव टाल दिए थे। ये बात अलग है कि उसी के दो दिन पहले 24 मार्च को मप्र में शिवराज सिंह सरकार का शपथ ग्रहण समारोह इसी कोरोना काल में हुआ था।

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राज्यसभा (फाइल फोटो)

महाराष्ट्र विधान परिषद का चुनाव कराने के बाद जल्द ही केंद्रीय निर्वाचन आयोग राज्यसभा चुनाव की घोषणा करेगा। कोरोना संकट को वजह बताकर निर्वाचन आयोग ने 26 मार्च को होने वाले राज्यसभा चुनाव टाल दिए थे। ये बात अलग है कि उसी के दो दिन पहले 24 मार्च को मप्र में शिवराज सिंह सरकार का शपथ ग्रहण समारोह इसी कोरोना काल में हुआ था। इसी कोरोना काल में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को विधान परिषद से चुने जाने का रास्ता भी साफ हुआ है तो अब कोई कारण नहीं बचता कि आयोग राज्यसभा की खाली पड़ीं 18 सीटो के चुनाव को और टाले।

आयोग के विश्वस्त सूत्रों ने बताया कि उच्चसदन के लिए बैठकों का दौर जारी है। बहुत संभावना है कि इसी महीने में चुनाव करा लिया जाएगा। सूत्रों ने बताया कि आयोग में इस बात पर भी विमर्श चल रहा है कि इसी महीने कर्नाटक की 4 सीटें भी खाली हो रही हैं। उन के चुनाव की भी घोषणा साथ में की जा सकती है। हालांकि आयोग के कुछ सदस्यों का कहना है कि जुलाई में अरुणाचल प्रदेश की खाली हो रही एक सीट का चुनाव भी साथ ही कराया जा सकता है। इससे बार-बार चुनाव नहीं कराना पड़ेगा। कुछ ऐसे ही मसलों पर अभी विमर्श का दौर चल रहा है।

सूत्रों ने बताया कि राज्यसभा का चुनाव चूंकि विधायकों के वोटों के आधार पर होता है, कोरोना काल में देशभर में चल रहे लॉकडाउन की वजह से एक भी विधायक वोट डालने नहीं पहुंच पाए तो बिना वजह राजनीतिक बवाल होगा। इसको टालने के लिए ही कोरोना-काल के खत्म होने के बाद चुनाव का निर्णय लिया गया था। अब चूंकि 17 मई के बाद लॉकडाउन चरणबद्ध तरीके से उठाया जाएगा, सो आयोग भी चुनाव कराने को लेकर तैयारी कर रही है।

एक दूसरे सवाल के जवाब में आयोग के विश्वस्त सूत्रों ने कहा, 26 मार्च को चुनाव टालने का निर्णय आयोग का अकेले नहीं था इसमें सभी राजनीतिक दलों की मंशा भी थी। सभी दलों के नेताओं से बातचीत के बाद ही ये निर्णय हुआ था कि चुनाव को कुछ दिन के लिए टाला जाए। विगत 10 अप्रैल को ही सीटें खाली हुई हैं विशेष परिस्थितियों में ऐसा कई बार हुआ कि चुनाव थोड़े विलंब से कराया गया।

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