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ईडी ने मनी लांड्रिंग के आरोप पर चिंपांजियों को किया अटैच, इतिहास में पहली बार ऐसा

ईडी(ED) ने छापेमारी करते हुए कोलकाता के सुप्रदीप गुहा से भारतीय वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 के तहत प्रतिबंधित वन्यजीवों को जब्त किया। प्रवर्तन निदेशालय ने मनी लांड्रिंग मामले (Money Laundering Case) में तीन चिंपांजियों और चार मार्मोसेट(Chimpanzees, Marmosets) को संलग्न किया है। प्रत्येक चिम्पांजी की कीमत 25 लाख और मार्मोसैट की 1.5 लाख बताई जा रही है।

ईडी ने मनी लांड्रिंग के तहत तीन चिंपांजियों को किया जब्त, अवैध तस्करी का मामलाED attaches Chimpanzees, Marmosets in money laundering case

पश्चिम बंगाल से एक अजीबोगरीब मामला सामने आया है। प्रवर्तन निदेशालय ने मनी लांड्रिंग मामले में पहली बार मालिक के वन्यजीवों को ही अटैच कर लिया है। तीन चिंपांजियों और चार मार्मोसेट को अटैच किया है। प्रत्येक चिम्पांजी की कीमत 25 लाख और मार्मोसैट की 1.5 लाख बताई जा रही है।

मिली जानकारी के मुताबिक ईडी को पश्चिम बंगाल वन्य जीव संरक्षण विभाग से सूचना मिली थी कि सुप्रदीप गुहा नाम का एक आदमी अवैध तरीके से चिंपांजियों और मार्मोसेट की अवैध तस्करी कर रहा था। इसके बाद ईडी ने छापेमारी करते हुए कोलकाता के सुप्रदीप गुहा से भारतीय वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 के तहत प्रतिबंधित वन्यजीवों को जब्त करने का मामला दर्ज किया। इसके बाद तीन चिंपांजियों और चार मार्मोसेट को कुर्की के तहत जब्त किया है और हर चिम्पांजी की कीमत 25 लाख और मार्मोसैट की 1.5 लाख लगाई। इसके साथ ही 81 लाख कुर्की की कुल कीमत लगाई गई। इसके बाद, राज्य वन्यजीव विभाग की मदद से पश्चिम बंगाल पुलिस ने सुप्रदीप गुहा के खिलाफ जालसाजी का मामला दर्ज किया है।

वन्यजीव तस्करी रैकेट का खुलासा

इससे पहले सुप्रदीप गुहा को अवैध रूप से वन्यजीव पक्षियों को ट्रांसपोर्ट करने के लिए पश्चिम बंगाल द्वारा जारी किए गए एक जाली अनुमति पत्र का उपयोग करते हुए पाया गया था।पीएमएलए के तहत जांच से पता चला कि सुप्रदीप गुहा एक संगठित वन्यजीव तस्करी रैकेट चला रहा था। ईडी ने उसे एक चालाक अपराधी है और उसके रिकॉर्ड किए गए बयानों में विरोधाभासी हैं, जो सीमा शुल्क अधिकारियों और वन्यजीव अधिकारियों के समक्ष कार्रवाई से बचने के लिए जाली पत्रों का उपयोग करता था।

नकली बनवा रखे थे प्रमाण पत्र

गुहा ने भारत में तीन चिंपांजियों के जन्म संबंधी नकली प्रमाण पत्र भी बनवा लिए थे। जांच के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर सामने आया कि तस्करी में पाए गए वन्य जीवों को ईडी ने कुर्की करते हुए जब्त किया है। तीन चिंपांजी और मर्मोसेट्स को अलीपुर प्राणी उद्यान, कोलकाता भेज दिया गया हैं। इससे पहले चिड़ियाघर अधिकारियों ने ईडी से कार्रवाई का अनुरोध किया था। जांच एजेंसी के अनुसार सुप्रदीप गुहा चिड़ियाघर के अधिकारियों से झूठे बयानों और दस्तावेजों का उपयोग करके उन पर अधिकार का दावा करके वन्यजीवों को वापस लेने का प्रयास कर रहा था। बता दें कि चिड़ियाघर में सभी आगंतुकों के लिए तीन चिंपाजी आकर्षण का एक प्रमुख बिंदु हैं।

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