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विजयादशमी पर RSS प्रमुख मोहन भागवत बोले- 'देश का विभाजन एक दुखद इतिहास है, नई पीढ़ी...'

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) 15 अक्टूबर को अपना 96वां स्थापना दिवस मना रही है। इस मौके पर आरएसएस प्रमुख मोहन भागवन ने महाराष्ट्र के नागपुर में शस्त्र पूजा (Shastra Pooja) की और फिर स्वयं सेवकों को संबोधित किया। इस कार्यक्रम में इजराइल के Consulate General कोबी शोशानी (Kobbi Shoshani) भी मौजूद रहें।

विजयादशमी पर RSS प्रमुख मोहन भागवत बोले- देश का विभाजन एक दुखद इतिहास है, नई पीढ़ी...
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राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) 15 अक्टूबर को अपना 96वां स्थापना दिवस मना रही है। इस मौके पर आरएसएस प्रमुख मोहन भागवन ने महाराष्ट्र के नागपुर में शस्त्र पूजा (Shastra Pooja) की और फिर स्वयं सेवकों को संबोधित किया। इस कार्यक्रम में इजराइल के Consulate General कोबी शोशानी (Kobbi Shoshani) भी मौजूद रहें।

अपने संबोधन ने आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने कहा - 'स्वाधीनता' से 'स्वतंत्रता' तक का हमारा सफर अभी पूरा नहीं हुआ है। दुनिया में ऐसे तत्व हैं, जिनके लिए भारत की प्रगति और एक सम्मानित स्थिति में उसका उदय उनके निहित स्वार्थों के लिए हानिकारक है। भारत की परंपराओं, धर्म, वर्तमान इतिहास की निंदा करने के प्रयास किए जा रहे हैं।

विभाजन के इतिहास को बताया दुखद

आरएसएस प्रमुख ने कहा - ''देश का विभाजन एक दुखद इतिहास है, इस इतिहास की सच्चाई का सामना करना चाहिए, खोई हुई अखंडता और एकता को वापस लाने के लिए नई पीढ़ी को उस इतिहास को जानना चाहिए।''

ओटीटी प्लेटफॉर्म पर होना चाहिए कंट्रोल

आरएसएस प्रमुख ने कहा - ''ओटीटी प्लेटफॉर्म पर जो दिखाया जाता है, उस पर कोई नियंत्रण नहीं है, कोरोना के बाद बच्चों के पास भी फोन हैं। नशीले पदार्थों का प्रयोग बढ़ रहा है...इसे कैसे रोकें? आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत कहते हैं, ऐसे व्यवसायों के पैसे का इस्तेमाल राष्ट्रविरोधी गतिविधियों के लिए किया जाता है... इन सब पर नियंत्रण होना चाहिए''

जनसंख्या नीति पर किया जाना चाहिए विचार

मोहन भागवत ने कहा - 'जनसंख्या नीति पर एक बार फिर विचार किया जाए, नीति अगले 50 वर्षों के लिए बनाई जाए, और इसे समान रूप से लागू किया जाए, जनसंख्या असंतुलन एक समस्या बन गई है''

जानते है तालिबान का इतिहास

आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने अपने संबोधन नें कहा - ''हम तालिबान के इतिहास को जानते हैं...चीन और पाकिस्तान आज भी इसका समर्थन करते हैं... तालिबान भले ही बदले, पाकिस्तान नहीं... क्या भारत के प्रति चीन के इरादे बदल गए हैं... हमारी सीमा सुरक्षा को मजबूत करने की जरूरत है। ..,"



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