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केंद्रीय HRD मंत्री डॉ. निशंक बोलेः 'निष्ठा' के जरिए निखारे जाएंगे 42 लाख शिक्षकों के स्किल

केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री (MHRD) रमेश पोखरियाल निशंक ने बुधवार को देश के सरकारी स्कूलों में पढ़ाने वाले शिक्षकों और स्कूल प्रमुखों की कार्य कुशलता को भविष्य में और अधिक मजबूत बनाने के लिए 'नेशनल इनिसिएटिव फॉर स्कूल हेड्स एंड टीचर्स होलिस्टिक एडवांसमेंट (निष्ठा)' नामक एक नए कार्यक्रम को लांच करते हुए कहा कि इसके जरिए प्राथमिक और उच्च-प्राथमिक स्तर पर यानि पहली से आठवीं कक्षा तक पढ़ाने वाले कुल 42 लाख शिक्षकों, स्कूल प्रमुखों को मौजूदा दौर के हिसाब से बदलती हुई शिक्षण प्रक्रिया और तकनीक के मामले में दक्ष बनाने के लिए प्रशिक्षण दिया जाएगा।

केंद्रीय HRD मंत्री डॉ. निशंक बोलेः

केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री (MHRD) रमेश पोखरियाल निशंक ने बुधवार को देश के सरकारी स्कूलों में पढ़ाने वाले शिक्षकों और स्कूल प्रमुखों की कार्य कुशलता को भविष्य में और अधिक मजबूत बनाने के लिए 'नेशनल इनिसिएटिव फॉर स्कूल हेड्स एंड टीचर्स होलिस्टिक एडवांसमेंट (निष्ठा)' नामक एक नए कार्यक्रम को लांच करते हुए कहा कि इसके जरिए प्राथमिक और उच्च-प्राथमिक स्तर पर यानि पहली से आठवीं कक्षा तक पढ़ाने वाले कुल 42 लाख शिक्षकों, स्कूल प्रमुखों को मौजूदा दौर के हिसाब से बदलती हुई शिक्षण प्रक्रिया और तकनीक के मामले में दक्ष बनाने के लिए प्रशिक्षण दिया जाएगा।

इसमें मंत्रालय का लक्ष्य निष्ठा के जरिए कुल करीब 90 लाख स्कूली शिक्षकों को प्रशिक्षित करने का है। पहले चरण में 42 लाख और दूसरे चरण में करीब 48 लाख शिक्षकों को ट्रेनिंग दी जाएगी। शिक्षकों, स्कूल प्रमुखों के अलावा इसमें राज्यों के एससीईआरटी और डाइट के प्रतिनिधि भी शामिल होंगे।

खत्म होगी रटने की प्रवृति

उन्होंने यह भी कहा कि आजकल बच्चों को कक्षाओं में जिस तरह से पढ़ाया जा रहा है। उससे वह केवल अंक व अक्षर ज्ञान को कंठस्थ करके परीक्षा में केवल शत-प्रतिशत अंक तो हासिल कर रहे हैं। लेकिन रोजगार व जीवन की व्यवहारिक्ता व चुनौतियों का मुकाबला करने के मामले में वह लगातार पिछड़ते जा रहे हैं।

इसलिए मंत्रालय ने अपने तमाम भागीदारों के साथ मिलकर निष्ठा जैसी अनोखी पहल की है, जिसमें शिक्षकों को ऐसे प्रशिक्षित किया जाएगा कि वह दशकों से चली आ रही बच्चों की किताबी ज्ञान को रटने की प्रवृति को कक्षाओं से बाहर करके उन्हें ऐसे शिक्षित करेंगे कि उनका सर्वांगीण विकास हो सकेगा।

निष्ठा में शिक्षक को बच्चों का पहला परार्मशदाता बनाने के अलावा आईसीटी बेस्ड टीचिंग-लर्निंग, हेल्थ एंड इनवायरमेंट से जुड़ाव, समावेशी शिक्षा, बच्चों को सुरक्षा प्रदान करने के लिए पोक्सो और आरपीडब्ल्यूडी जैसे कानूनों के बारे में स्वयं का ज्ञानवर्धन करने का मौका मिलेगा।

यूटी से ट्रेनिंग की शुरुआत

राजधानी के बाहर केंद्र-शासित प्रदेशों से प्रशिक्षण की शुरुआत की जाएगी। अभी इसके लिए ट्रेनिंग मॉड्युल, बुकलेट और मोबाइल ऐप जारी किया गया है। जिस पर शिक्षक रजिस्टर कर प्रशिक्षण लेने के अलावा अपने अनुभव भी साझा कर सकते हैं। प्रशिक्षण के लिए राज्यों-केंद्रशासित प्रदेशों द्वारा चयनित 33 हजार 120 मुख्य रिर्सोस पर्संन और स्टेट रिर्सोस पर्संन की मदद ली जाएगी। जिन्हें 120 नेशनल रिर्सोस पर्संन द्वारा प्रशिक्षित किया गया है। कार्यक्रम में मंत्रालय के स्कूली शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के अलावा एनसीईआरटी, न्यूपा, एनसीटीई, केवीएस, एनवीएस और राज्यों के प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद थे।

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