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दिग्विजय सिंह ने नीतीश कुमार को दिया ऑफर, कहा - बीजेपी का साथ छोड़ तेजस्वी यादव को आशीर्वाद दें

कांग्रेस के दिग्गज नेता दिग्विजय सिंह ने नीतीश कुमार को महागठबंधन से जुड़ने का ऑफर दिया है। उन्होंने कहा है कि नीतीश जी बीजेपी-संघ का साथ छोड़कर तेजस्वी को आशीर्वाद दें।

दिग्विजय सिंह ने नीतीश कुमार को दिया ऑफर, कहा - बीजेपी का साथ छोड़ तेजस्वी यादव को आशीर्वाद दें
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दिग्विजय सिंह 

कांग्रेस के दिग्गज नेता दिग्विजय सिंह ने नीतीश कुमार को महागठबंधन से जुड़ने का ऑफर दिया है। उन्होंने कहा है कि नीतीश जी बीजेपी-संघ का साथ छोड़कर तेजस्वी को आशीर्वाद दें। बता दें कि बिहार विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की बुरी तरह से हार हुई है। हालांकि तेजस्वी यादव अकेले दम पर बीजेपी और नीतीश कुमार दोनों को टक्कर देते हुए नजर आए।

दिग्विजय सिंह ने कही ये बात

दिग्विजय सिंह ने कहा कि भाजपा ने अपनी कूटनीति से नीतीश का क़द छोटा कर दिया व रामविलास पासवान जी की विरासत को समाप्त कर दिया। सन ६७ से ले कर आज तक जनसंध/भाजपा ने हर गठबंधन सरकारों में अपना क़द बढ़ाया है और सभी समाजवादी धर्मनिरपेक्ष विचारधारा वाले राजनैतिक संघटनों को कमजोर किया है।

मुझे इस बात का दुख है भारत की आज़ादी के बाद के राजनैतिक इतिहास में राजनेताओं की अपनी महत्वकांक्षाओं के कारण विचारधारा गौण हो जाती रही है। कॉंग्रेस ही एक मात्र दल है जिसने संघ की विचारधारा के साथ ना कभी समझौता किया और ना ही जनसंघ/भाजपा के साथ मिल कर कभी सरकार बनाई।

देश में एक मात्र नेता राहुल गॉंधी हैं जो विचारधारा की लड़ाई लड़ रहे

दिग्विजय सिंह ने कहा कि आज देश में एक मात्र नेता राहुल गॉंधी हैं जो विचारधारा की लड़ाई लड़ रहे हैं। NDA के सहयोगी दलों को समझना चाहिए राजनीति विचारधारा की होती है। जो भी व्यक्ति अपनी महत्वाकांक्षा के कारण विचारधारा को छोड़कर अपने स्वार्थ के लिए समझौता करता है वह अधिक समय तक राजनीति में ज़िंदा नहीं रहता।

मैं संघ की विचारधारा का घोर विरोधी हूँ क्योंकि वह भारत की सनातनी परंपराओं व सनातन धर्म की मूल भावना के विपरीत है।यह देश सबका है। लेकिन फिर भी मैं उनकी इस बात की प्रशंसा भी करता हूँ कि वे अपने लक्ष्य और अपनी विचारधारा के साथ समझौता नहीं करते। केवल समाज को बॉंट कर राजनीति करते हैं।

भारत की राजनीति में आएं नीतीश कुमार

दिग्विजय सिंह ने कहा कि भाजपा/संघ अमरबेल के समान हैं, जिस पेड़ पर लिपट जाती है वह पेड़ सूख जाता है और वह पनप जाती है। नीतीश जी, लालू जी ने आपके साथ संघर्ष किया है आंदोलनों मे जेल गए है भाजपा/संघ की विचारधारा को छोड़ कर तेजस्वी को आशीर्वाद दे दीजिए। इस "अमरबेल" रूपी भाजपा/संघ को बिहार में मत पनपाओ।

उन्होंने कहा कि नीतीश जी, बिहार आपके लिए छोटा हो गया है, आप भारत की राजनीति में आ जाएँ। सभी समाजवादी धर्मनिरपेक्ष विचारधारा में विश्वास रखने वाले लोगों को एकमत करने में मदद करते हुए संघ की अंग्रेजों के द्वारा पनपाई फूट डालो और राज करो की नीति ना पनपने दें। विचार ज़रूर करें।

यही महात्मा गॉंधी जी व जयप्रकाश नारायण जी के प्रति सही श्रद्धांजलि होगी। आप उन्हीं की विरासत से निकले राजनेता हैं वहीं आ जाइए। आपको याद दिलाना चाहूँगा जनता पार्टी संघ की Dual Membership के आधार पर ही टूटी थी। भाजपा/संघ को छोड़िए। देश को बर्बादी से बचाइए।

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