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खांसी-छींक आने पर कोरोना वायरस का खतरा नहीं, गर्मी में कई लोगों को आती हैं

लॉकडाउन के बाद पूरा माहौल बदल गया है। इसका असर मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ना स्वाभाविक है। जरूरत से अधिक कोरोना की खबर ना देखें। घर के बगीचे में आकर सूरज की रोशनी लें। परिवार को समय दें। अपनी दिनचर्या को बनाए रखें। हमेशा की तरह समय पर सोना, जागना, खाना-पीना और व्यायाम करें।सामान्य खांसी जुखाम कोरोना नहीं है। घवराने की जरूरत नहीं है।

खांसी-छींक आने पर कोरोना वायरस का खतरा नहीं, गर्मी में कई लोगों को आती हैं
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इन तरीकों से कोरोना वायरस से करें बचाव (फाइल फोटो)

सवाल- लॉकडाउन के शुरुआत में अच्छा लगा लेकिन अब तनाव, डर और बैचेनी हो रही है। क्या करूं?

जवाब- लॉकडाउन के बाद पूरा माहौल बदल गया है। इसका असर मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ना स्वाभाविक है। जरूरत से अधिक कोरोना की खबर ना देखें। घर के बगीचे में आकर सूरज की रोशनी लें। परिवार को समय दें। अपनी दिनचर्या को बनाए रखें। हमेशा की तरह समय पर सोना, जागना, खाना-पीना और व्यायाम करें।

सवाल- इन दिनों में परिवार में झगड़े अधिक होने लगे है, जिसका प्रभाव मस्तिष्क पर हो रहा है।

जवाब- इस समय घर में रहकर अपने रिश्तों को मजबूत करने का प्रयास करें। छोटी-छोटी बातों का बुरा ना मानें। एक-दूसरे से बात करें और सदस्यों का ख्याल रखें। निगेटिव बातों पर चर्चा कम करेे। बच्चों काे बदली हुई परिस्थितियों में एडजस्ट होने का समय दें।

- डॉ. मनोज साहू, मनोचिकित्सक, आंबेडकर अस्पताल

सवाल- गर्मी के मौसम में अक्सर छींक आती है।

जवाब- कुछ लोगों को गर्म मौसम से छींक आने लगती है। यह समस्या धूप, धूल या धुएं से एलर्जी की वजह से हो सकती है। अगर यह सामान्य है तो एंटी एलर्जी की दवा खाएं। इसके अलावा बुखार या खांसी जैसी समस्या हो तो आपको एलर्जी की समस्या हो सकती है। इसके लिए डॉक्टर की सलाह से दवा लेना सही होगा।

सवाल- गर्मी के मौसम में शरीर में फुंसी निकलने लगती है। कैसे इलाज करें?

जवाब- गर्मी में फुंसी पसीने वाली जगह में अधिक होती है। नहाते वक्त सूती कपड़े से खुद को अच्छे से सुखाएं। इसके अलावा स्नान के बाद मॉइश्चराइजर लोशन लगाएं इससे समस्या कम होगी।

- डॉ. आर.के खरे, ओपीडी प्रमुख, आंबेडकर अस्पताल

सवाल- लॉकडाउन में गर्भवती महिला को किस तरह ध्यान रखना चाहिए?

जवाब- गर्भवती महिला की रोग-प्रतिरोधक क्षमता पहले से कम हो जाती है। ऐसे में विशेष ध्यान रखने की आवश्यकता है। इसके लिए खान-पान सही रखें। इस वक्त किसी भी चीज में लापरवाही ना बरतें। जब चिकित्सक बुलाएं, जाकर जांच कराएं।

सवाल- क्या मां को कोरोना होने से बच्चे को भी समस्या होगी?

जवाब- भारत में अभी तक ऐसा केस नहीं आया है। अगर मां को समान्य बुखार है, तो खतरे की बात नहीं है। लेकिन मां को कोरोना की वजह से सांस लेने में दिक्कत हो रही है तो इसका असर बच्चे पर दिख सकता है। परिवार में किसी को बुखार, खांसी है तो उनके संपर्क में ना आएं तथा अन्य सावधानियां बरतें।


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