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कोरोना वायरस के इलाज को लेकर सरकार ने किये ये इंतजाम, प्राइवेट में हो सकते हैं लाखों खर्च

कोरोना वायरस को लेकर दुनिया भर में खतरा बढ़ता जा रहा है, इसके इलाज के लिए प्राइवेट अस्पतालों में लोगों के लाखों रुपए खर्च हो सकतें हैं।

कोरोना वायरस को लेकर सरकार ने मजबूत किये इंतजाम, प्राइवेट में हो सकते हैं लाखों खर्चकोरोना वायरस

कोरोना वायरस को लेकर दुनियाभर में हडकंप मचा हुआ है। वहीं भारत में भी अब तक इसके 28 मामले सामने आ चुके हैं। ऐसे में वायरस से बचने के साथ ही इसके उपचार खंगालने के लिए टीमों को लगाया गया है। जिन लोगों में कोरोना वायरस की पुष्टी हुई है। उन्हें आइसोलेशन वार्ड में रखा गया है। कोरोनवा वायरस के मरीजों की संख्या को बढते देख बुधवार को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ हर्षवर्धन ने अधिकारियों के साथ बैठक की। इस बैठक के बाद उन्होंने दिल्ली के सभी अस्पतालों को अच्छी गुणवत्ता वाले आइसोलेशन वार्ड विकसित करने का अनुरोध किया है। इस वायरस के उपचार की बात करें तो इसका खर्च लाखों में हो सकता है, लेकिन सरकार ने इसको लेकर खुद ही टेस्ट कराने से लेकर आइसोलेशन वार्ड बनाने की पहल की है।


सरकारी अस्पतालों में बनाया गया आइसोलेशन वार्ड

कोरोना वायरस को लेकर लगातार सतर्कता बरती जा रही है। खतरे को देखते हुए सरकारी अस्पतालों में आइसोलेशन वार्ड बनाए गए हैं। कोरोना वायरस के मरीजों की संख्या अधिक होने पर संदिग्ध मरीज भर्ती किए जा सकते हैं। इसके लिए सरकारी अस्पतालों मं अलग वार्ड व वेंटिलेटर आदि की व्यवस्था की गई । गुरूग्राम के सेक्टर-दस अस्पताल में 8 बेड से संख्या बढ़ाकर 20 बेड का आइसोलेशन वार्ड बनाया गया है। अगर कोरोना वायरस का प्रकोप बड़ता है तो इसके बचाब के लिए पर्याप्त संख्या में एन95 मॉस्क, ट्रिपल मॉस्क, वीटीएल मॉस्क, पीपीई किट आदि उपलब्ध कराए जाएगें और यह भी कहा गया है कि अगर कोरोना वाइरस का मरीज कहीं भी मिलता है तो उसका टेस्ट 5 किलोमीटर के दायरे में किया जाएगा। इस के लिए दोबारा सभी अस्पतालों को रिमाइंडर भेजे गए हैं।

लाखों में हो सकता है दवाइयों का खर्च

कोरोना वायरस के बड़ते हुए खतरे को देखते हुए सरकारी पुख्ता इंतजाम किए हैं। आपको बता दें एक ब्लड टेस्ट के लिए 100 रुपए से 150 रुपए तक लोगों से वसूले जाते हैं तो आप अंदाजा लगा सकते है कि कोरोना वायरस का टेस्ट कितना महंगा हो सकता है। इसके इलाज के लिए एंटी बॉयॉटिक एम्युनिटी ये दवाईयां बहुत ही महंगी बताई जा रही है, जिससे कोरोना वायरस की दवाइयों में लोगों के लाखों रुपए खर्च हो सकते हैं इसलिए इसका इलाज सरकारी अस्पतालों में किया जा रहा है। इससे लोगों में काफी राहत है।

कोरोना वायरस से संक्रमित लोगो की जांच के लिए बनाए लैब

सभी अंतरराष्ट्रीय यात्रियों की भारत में हवाई अड्डों, बंदरगाहों और सीमाओं पर कोरोना वायरस के लक्षणों के लिए जांच की जाएगी। सभी जगह स्वास्थ्य विभाग ने अपने अधिकारी तैनात किए हुए है और इसे लेकर सरकार ने पहले ही 15 लैब बनाए थे। अब 19 और लैब बना दिए गए हैं।

मास्क की हो रही है किल्लत

कोरोना वायरस के बड़ते खतरे को देखते हुए बाजार में मास्क की किल्लत हो रही है और N-95 मास्क ढूंढे नहीं मिल रहे हैं। बाजार में कोरोना वायरस के से बचाने वाले मास्क कुछ जगह उपलब्ध है तो कीमतें भी बहुत महंगी हो गई है। मेडिकल स्टोर्स वालों का कहना है कि मास्क चीन में बनाए जाते है और वहां की कंपनियां बंद कर दी गई है।

वही दिल्ली के पास नोएडा के एक नामी स्कूल के बच्चों में कोरोना वायरस को लेकर मंगलवार को हडकंप मच गया। इसको देखते हुए आनन फानन में जिला प्रशासन और मेडिकल टीम ने बच्चों का टेस्ट कराया। इनमें बच्चों समेत 55 लोगों के सैंपल लिये गये। बुधवार को 43 लोगों की रिपोर्ट आई। जिसमें सभी नेगेटिव मिले है। वहीं 12 लोगों की रिपोर्ट खबर लिखे जाने तक नहीं आई है। वही सीएमओ अनुराग भार्गव ने बताया कि नोएडा के चाइल्ड पीजीआई और ग्रेटर नोएडा के जिम्स कॉलेज में आइसोलेशन वार्ड बनाये गये है। जिनमें डॉक्टरों की टीम को लगाया गया है। इसके साथ ही कोरोना वायरस से बचाव को लेकर लगातार लोगों को सुझाव दिये जा रहे है।

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