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Coronavirus: आयुष मंत्रालय ने कोरोनावायरस को लेकर जारी की एडवाइजरी, बताया इस तरह हो सकता है बचाव

Coronavirus: केंद्र सरकार के आयुष मंत्रालय ने कोरोनावायरस से बचाव के लिए ट्वीट के जरिए सलाह जारी कर कहा कि आयुर्वेद, यूनानी, होम्योपैथी का उपयोग करने से इस कोरोनावायरस से बचाव किया जा सकता है। जिसपर लोगों ने जमकर आलोचना शुरू कर दी।

Red Alert : चीन के बाद अब दक्षिण कोरिया कोरोना वायरस की चपेट में, सामने आए 161 नए मामलेकोरोनावायरस (फाइल फोटो)

Coronavirus: केंद्र सरकार के आयुष मंत्रालय ने कोरोना वायरस (Coronavirus) के रोकथाम के उपाय जारी किए हैं। जिसपर लोगों ने जमकर आलोचना की है। दरअसल मंत्रालय ने ट्वीट के जरिए वायरस को लेकर अपनी सुझाव जाहिर कर कहा कि आयुर्वेद, यूनानी, होम्योपैथी का उपयोग करने से इस वायरस से बचाव किया सकता है। बस फिर क्या था लोगों ने जमकर ट्रोल करना शुरू कर दी।

आयुष मंत्रालय की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि कोराना वायरस तेजी से फैल रहा है। पूरा विश्व कोरोना वायरस से भयभीत है। ऐसे में होम्योपैथ, आयुर्वेद और युनानी पद्धति की वो दवाएं है, जो वायरस से बचाव कर सकते हैं।आयुर्वेदिक परंपराओं के अनुसार इस वायरस की रोकथाम के लिए कुछ उपाय किए जा सकते हैं।

इसी तरह की एक सलाह PIB द्वारा भी जारी की गई थी, जिसमें कहा गया था कि कोरोनोवायरस संक्रमण की रोकथाम के लिए होम्योपैथी, यूनानी चिकित्सा कोरोनव संक्रमण के लक्षण प्रबंधन में काफी उपयोगी है, जिसपर लोगों ने अलग- अलग तरह से आलोचना कर अपना बयान जारी किया है।

एक ट्विटर श्रुति चतुर्वेदी ने ट्वीट किया कि उम्म व्हाट! यह सरकार द्वारा फैलाई जा रही इस तरह की कुरूप गलतफहमी है। कोरोना वायरस आज के सूर्योदय के रूप में नया है और हजार साल पुराना "विज्ञान" जानता था कि यह ठीक है? चीन को फोन करने और अपने ज्ञान को उन्हें ना करने के लिए परेशान करें।

ट्विटर उपयोगकर्ता शांतनु सिंह ने कहा कि आधिकारिक सरकारी आउटलेट्स वर्तमान में उग्र महामारी के लिए वैकल्पिक चिकित्सा को बढ़ावा दे रहे हैं, जो अभी देश में पार हो गई है। यह जबकि चीन एक सप्ताह में पूरे अस्पतालों का निर्माण करता है और SARS के साथ अपने दूसरे महामारी का मुकाबला करता है। नकली डिग्री का चुनाव करते रहें। चायवाले, भारत। "

एक ट्विटर हैंडल GorwayGlobal ने लिखा कि यह पूर्ण पागलपन है। सलाह (A) मानक WHO सलाह (स्वच्छता, हाथ धोने, आदि) का मिश्रण है और (B) जड़ी-बूटियों / औषधि आदि की एक श्रृंखला है। सबसे अच्छा बेकार, प्रसंस्करण की अशुद्धियों के कारण सबसे खराब विषाक्तता पर। लेकिन वास्तविक खतरा यह है कि लोग (ए) और अभ्यास (बी) की अनदेखी करेंगे।

एक अन्य ट्विटर हैंडल Yoga Vedanta ने इन एडवाइजरी को सर्कुलेट करने के लिए गोवेर्मिशन को स्लो कर दिया। इसने कहा यह केवल हास्यास्पद, नीच शर्मनाक नहीं है। यह अभी भी सोच रहा है कि इस सरकार को गंभीर स्वास्थ्य संकट के बारे में क्वैक दवा से इतना मोह क्यों है। सरकार वैश्विक संकट के समय में चीजों को धक्का देने वाली विश्वसनीयता खो देगी।

आपको बता दें कि इस वायरस के कारण चीन में अब तक 170 लोगों की मौत हो चूकी है।

Priyanka Kumari

Priyanka Kumari

Jr. Sub Editor


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