Top
Hari bhoomi hindi news chhattisgarh

Consumer Protection Law 2019: मोदी सरकार नया उपभोक्ता संरक्षण कानून-2019 दो दिन बाद करेगी लागू, जानें ग्राहकों को कैसे मिलेगा फायदा

केंद्र की मोदी सरकार 20 जुलाई को नया उपभोक्ता संरक्षण कानून 2019 लागू करने जा रही ह। इस नए कानून से देश के ग्राहकों को एक बड़ा फायदा मिलेगा।

Consumer Protection Law 2019: मोदी सरकार नया उपभोक्ता संरक्षण कानून-2019 दो दिन बाद करेगी लागू, जानें ग्राहकों को कैसे मिलेगा फायदा
X

केंद्र की मोदी सरकार 20 जुलाई को नया उपभोक्ता संरक्षण कानून 2019 लागू करने जा रही ह। इस नए कानून से देश के ग्राहकों को एक बड़ा फायदा मिलेगा और वही अगले 50 सालों तक इसका फायदा मिलता रहेगा।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, मोदी सरकार ने नए उपभोक्ता संरक्षण कानून 2019 को लागू करने के लिए एक नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। यह नया कानून 20 जुलाई से देशभर में लागू हो जाएगा। वहीं करीब 35 साल पुराने कानून की जगह अब यह नया कानून लागू होगा।

खाद्य मंत्री रामविलास पासवान ने जानकारी देते हुए कहा कि इससे लागू हो जाने के बाद ग्राहकों के लिए अगले 50 साल तक किसी नए उपभोक्ता संरक्षण कानून की जरूरत नहीं पड़ेगी।

20 जुलाई से लागू हो गया नया कानून

नए कानून के मुताबिक अब किसी भी प्रोडक्ट की भ्रामक विज्ञापन पर पूरी तरह से रोक लगेगी अगर कोई किसी प्रोडक्ट के बारे में गलत जानकारी देता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी नए कानून के तहत उपभोक्ता अदालतों के साथ-साथ एक केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (CCPA) बनाया गया है.

अधिनियम के कई प्रावधान को अधिसूचित किया जाना बाकी है। उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 के अधिकांश प्रावधान 20 जुलाई से लागू होंगे, हालांकि सरकार ने ई-कॉमर्स से संबंधित प्रावधानों पर निर्णय नहीं लिया है। जिसमें इसकी परिभाषा भी शामिल है, और जो एक शीर्ष केंद्रीय उपभोक्ता के संविधान से संबंधित हैं।

ई-कॉमर्स के लिए भी है कानून

लेकिन ई-कॉमर्स और डायरेक्ट सेलिंग से संबंधित प्रावधानों को संबोधित नहीं किया गया है। अधिनियम एक वैकल्पिक विवाद निपटान तंत्र के रूप में मध्यस्थता का प्रावधान करता है। ताकि आयोगों से संपर्क किए बिना विवादों को तेजी से हल किया जा सके। दिलचस्प बात यह है कि अधिनियम में विवादों को या तो पूरे या कुछ हिस्सों में सुलझाने के लिए मध्यस्थता का उपयोग करने का प्रावधान है। अधिनियम उपभोक्ताओं के हितों की सुरक्षा प्रदान करने और उनकी शिकायतों का समय पर निपटान करने का प्रयास करता है।

कंपनियों पर जुर्माना और जेल का प्रावधान

अधिनियम ने जिला आयोगों और राज्य परिषदों के विशेष अधिकार क्षेत्र को काफी बढ़ा दिया है। जबकि जिला आयोग उन शिकायतों का निपटारा कर सकता है। जहां वस्तुओं और सेवाओं का मूल्य 1 करोड़ रुपये तक था। राज्य परिषदें उपभोक्ता शिकायतों को 1 करोड़ रुपये से 10 करोड़ रुपये के बीच ले सकती हैं। इन निकायों को उनके सामने आने वाले मामलों को निपटाने के लिए 30 दिनों तक की सख्त समयसीमा भी दी गई है।

उपभोक्ता संरक्षण कानून की खास बातें

उपभोक्ताओं को भ्रामक विज्ञापन जारी करने पर भी कार्रवाई होगी। कस्टमर देश के किसी भी उपभोक्ता कोर्ट में मुकदमा दर्ज करा सकेगा। ऑनलाइन और टेलीहोपिंग कंपनियों को शामिल किया गया है। खाने-पीने की चीजों में मिलावट होने पर कंपनियों पर जुर्माना और जेल होगी। ग्राहकों को सुविधा देने के लिए कंज्यूमर मीडिएशन सेल का गठन किया गया है। कंज्यूमर फोरम में एक करोड़ रुपये तक के मुकदमे दाखिल किए जा सकेंगे।

Next Story