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चीनी ऐप बैन के बाद लोगों ने पूछे सवाल, जूम और पबजी को क्यों नहीं किया बैन

केंद्र सरकार चीन के 59 ऐप पर प्रतिबंध लगा दिया है। साथ ही उन ऐप्स को गूगल प्ले स्टोर से भी हटा दिया गया है। इसके बाद लोगों के मन में कई सवाल उभरते हुए देखे गए। लोगों ने सवाल किए कि जूम और पबजी को क्यों नहीं बैन किया गया?

चीनी ऐप बैन के बाद लोगों ने पूछे सवाल, जूम और पबजी को क्यों नहीं किया बैनचीनी ऐप बैन के बाद लोगों ने पूछे सवाल, जूम और पबजी को क्यों नहीं किया बैन

केंद्र सरकार चीन के 59 ऐप पर प्रतिबंध लगा दी है। साथ ही उन ऐप्स को गूगल प्ले स्टोर से भी हटा दिया गया है। इसके बाद लोगों के मन में कई सवाल उभरते हुए देखे गए। लोगों ने सवाल किए कि जूम और पबजी को क्यों नहीं बैन किया गया?

पबजी मे 10 प्रतिशत शेयर चीन का

बता दें कि पबजी चीनी कंपनी द्वारा डेवलप नहीं किया गया है। इसका निर्माता देश दक्षिण कोरिया है। इसको चीनी मार्केट में पहुंचाने के लिए चीनी कंपनी टेंसेंट के साथ पार्टनरशीप की गई। बता दें कि चीनी कंपनी का सिर्फ 10 प्रतिशत शेयर ही पबजी में लगा हुआ है। हालांकि 2017 में टेंसेंट ने ही पबजी का मोबाईल वर्जन मार्केट में उतारा था।

इसके बाद पबजी ने चीन में अपना अच्छा मार्केट बना लिया। इसके बाद चीनी सरकार ने पबजी को चीन में अनुमति नहीं दी। फिर पबजी ने इसका मोबाईल वर्जन पूरी दुनिया के लिए लॉन्च किया। बता दें कि सिर्फ मई में पबजी ने 226 मिलियन डॉलर यानी 1.7 हजार करोड़ रुपए का रेवेन्यू जुटाया है।

जूम ऐप पर चीनी होने का क्यों है शक

सोशल मीडिया पर यह अफवाह उड़ाई जा रही थी कि जूम वीडियो कान्फ्रेंस ऐप चीनी कंपनी द्वारा विकसित की गई है। बता दें कि जूम को अमेरिकी कंपनी ने विकसित किया था। हालांकि जिस अमेरिकी बिजनेसमेन ने इस ऐप की शुरूआत की थी, वो चीनी मूल के हैं। उनका नाम एरिक युआन है और उन्होंने 2011 में इस ऐप की स्थापना की थी।

जानकारी के अनुसार, एरिक ने खुद कहा है कि इस ऐप का सर्वर चीन में है और डेटा टीन के रास्ते ही दुनिया में जाता है। वहीं सुरक्षा एजेंसी का मानना है कि इस ऐप पर गोपनीय बातें न ही की जाएं तो बेहतर है।

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