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चीन से आने वाले सौर उर्जा उपकरण भारत में होंगे महंगे, 20 फीसदी शुल्क लगाएगी सरकार

केंद्र सरकार घरेलू विनिर्माताओं को प्रोत्साहित करने और आयात में कमी लाने के लिए नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के सौर मोड्यूल पर 20 प्रतिशत मूल सीमा शुल्क लगाने के प्रस्ताव पर विचार कर रही है।

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अनुराग ठाकुर

वित्त राज्यमंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा कि सरकार घरेलू विनिर्माताओं को प्रोत्साहित करने और आयात में कमी लाने के लिए नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (एमएनआरई) के सौर मोड्यूल पर 20 प्रतिशत मूल सीमा शुल्क (बीसीडी) लगाने के प्रस्ताव पर विचार कर रही है।

मंत्री ने कहा कि सरकार ने नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में क्षमता बढ़ाने के लिए कई कदम उठाए हैं, अब समय सौर उपकरणों के आयात पर निर्भरता कम करने का है। फिलहाल चीनी कंपनियां देश में करीब 80 प्रतिशत सौर सेल और मोड्यूल की आपूर्ति कर रही है।

20 प्रतिशत बीसीडी लगाने का सुझाव

मंत्री ने उद्योग मंडल सीआईआई के नवीकरणीय ऊर्जा पर आयोजित वेबिनार (इंटरनेट के जरिए आयोजित सम्मेलन) में कहा, ' नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (एमएनआरई) ने वित्त मंत्रालय को सौर मोड्यूल पर 20 प्रतिशत बीसीडी लगाने का सुझाव दिया है। हम इस प्रस्ताव विचार कर रहे हैं। इसका मकसद अन्य देशों से आयात को हतोत्साहित करना है।'

1.2 अरब डॉलर सौर बिजली उपकरण आयात

ठाकुर ने कहा कि भारत ने 2019-20 में अप्रैल-दिसंबर के दौरान 1.2 अरब डॉलर मूल्य के सौर बिजली उपकरण आयात किए। ठाकुर ने आगे कहा कि सरकार विभिन्न पक्षों के साथ चर्चा कर रही है और आने वाले समय में जो भी नीतियां आएंगी, वह दीर्घकालिक होंगी और उसका मकसद देश को आत्म-निर्भर बनाना है।

भारत अब मेगावाट की बात नहीं करता

नरेंद्र मोदी की अगुवाई वाली सरकार के हरित ऊर्जा पर जोर का उल्लेख करते हुए ठाकुर ने कहा, 'नवीकरणीय ऊर्जा पर ध्यान हमारे हरित भविष्य की ओर बढ़ने के लक्ष्य, इरादा और प्रतिबद्धता को बताता है। भारत अब मेगावाट की बात नहीं करता, हम अपने उद्योगों और शहरों को बिजली उपलब्ध कराने के लिए वृहत आकार की गीगावाट क्षमता की बात करते हैं।'

सरकार ने हरित ऊर्जा गलियारा बनाया

सरकार ने 5.8 अरब डॉलर के अनुमानित निवेश से हरित ऊर्जा गलियारा बनाया है। ताकि जरूरी पारेषण संबंधी ढांचागत सुविधा सृजित कर उत्पादन केंद्रों से बिजली लेकर 'लोड सेंटर' तक पहुंचाई जाए।

कर्जदाताओं के लिए कर्ज सीमा का प्रावधान

ठाकुर ने कहा कि एमएनआरई ने सौर आधारित बिजली इकाई, बॉयो मास आधारित बिजली इकाई, पवन ऊर्जा परियोजना और छोटी पनबिजली इकाई लगाने को लेकर कर्जदाताओं के लिए 23 लाख डॉलर तक के बैंक कर्ज सीमा का प्रावधान किए जाने की घोषणा की है।

पनबिजली नीति का मसौदा तैयार

वित्त मंत्री ने कहा, 'देश में पनबिजली परियोजनाओं की वृद्धि के लिए 2018-2028 के लिए नई पनबिजली नीति का मसौदा तैयार किया गया है। हमने स्वच्छ कोयला के उपयोग की अत्याधुनिक अल्ट्रा-सुपरक्रिटिकल प्रौद्योगिकी के लिए 23.8 करोड़ डॉलर के राष्ट्रीय मिशन की योजना की भी घोषणा की है।'

स्थानीय करों से जुड़े मुद्दे सुलझाने का भरोसा : गोयल

वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने उद्योगों को बिजली शुल्क जैसे स्थानीय करों से जुड़े मुद्दों को सुलझाने का भरोसा दिया। गोयल ने भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) के अक्षय ऊर्जा पर वेबिनार को संबोधित करते हुए उद्योग जगत को आश्वस्त किया कि सरकार बिजली शुल्कों जैसे मुद्दों को सुलझाने के लिए प्रतिबद्ध है क्योंकि इनकी वजह से घरेलू विनिर्माताओं की प्रतिस्पर्धी क्षमता प्रभावित होती है।

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