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नीति आयोग की बैठक से पहले पीएम मोदी से मिले सीएम भूपेश, 20 मिनट की बैठक में कई मुद्दों पर की चर्चा Watch video

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने शनिवार को दिल्ली दौरे के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। इस दौरान सीएम बघेल ने छत्तीसगढ़ के कई मुद्दों पर चर्चा के साथ 70 लाख आदिवासियों और 58 लाख गरीब परिवारों से जुड़े लंबित विषयों के शीघ्र निराकरण का आग्रह किया।

नीति आयोग की बैठक से पहले पीएम मोदी से मिले सीएम भूपेश, 20 मिनट की बैठक में कई मुद्दों पर की चर्चा Watch video

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने शनिवार को दिल्ली दौरे के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। इस दौरान सीएम बघेल ने छत्तीसगढ़ के कई मुद्दों पर चर्चा के साथ 70 लाख आदिवासियों और 58 लाख गरीब परिवारों से जुड़े लंबित विषयों के शीघ्र निराकरण का आग्रह किया।

नीति आयोग की बैठक से पहले सीएम भूपेश प्रधानमंत्री निवास गए जहां उन्होंने दोबारा प्रधानमंत्री चुने जाने के लिए पीएम मोदी को बधाई और शुभकामनाएं दी। दोनों के बीच 20 मिनट चली बैठक के दौरान प्रदेश के कई योजनाओं को लेकर मंथन किया गया।

बता दें छत्तीसगढ़ के सीएम भूपेश बघेल आज दिल्ली में नीति आयोग की बैठक में शामिल होने पहुंचे हैं। बैठक से पहले ही उन्होंने पीएम मोदी से मुलाकात की है। दिल्ली रवाना होने से पहले रायपुर एयरपोर्ट में सीएम ने कहा था, कि नीति आयोग की बैठक में देश और राज्य से जुड़े तमाम मुद्दों पर चर्चा की जाएगी।

मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री बघेल ने पीएम मोदी को कहा कि छत्तीसगढ़ में किसानों के हितों को ध्यान रखते हुए छत्तीसगढ़ शासन ने किसानों से 2500 रू प्रति क्विटंल समर्थन मूल्य पर धान की खरीदी की है। इससे राज्य में अतिरिक्त धान का उपार्जन हुआ हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री से आग्रह किया कि किसानों के हित को देखते हुए सार्वजनिक प्रणाली की आवश्यकता के अतिरिक्त चावल को केन्द्रीय पूल में लेने की स्वीकृति प्रदान करें।


मुलाकात के दौरान वन अधिकारों की मान्यता का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री से कहा कि भारतीय वन अधिनियम, 1927 में प्रस्तावित संशोधनों में अनेक खामियां हैं, जिससे वन क्षेत्रों में निवासरत आदिवासियों के हितों का संरक्षण नहीं किया गया है उन्होंने इसमें संशोधन पर जोर दिया।

श्री बघेल ने कहा कि केन्द्र सरकार द्वारा देश के लघु एवं सीमांत कृषकों को लाभांवित करने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना आरंभ की गई है। इस योजना के हितग्राहियों में अनुसूचित जनजाति और अन्य परंपरागत वन निवासी (वन अधिकारों की मान्यता) अधिनियम, 2006 के तहत अधिकार प्राप्त किसानों को शामिल नहीं किया गया है, उन्होंने इस योजना अंतर्गत उक्त वन अधिकार प्राप्त किसानों को सम्मिलित करते हुए रू. 12,000 प्रतिवर्ष सम्मान निधि देने की मांग की।

बैठक में उज्जवला योजना का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि योजना के तहत रिफिल कराये गये सिलेंडर की संख्या कम हैं। उन्होंने कहा कि गरीब परिवारों के लिए एक मुश्त इतनी राशि देना संभव नहीं होने तथा दूरस्थ अंचलों में एलपीजी वितरकों की संख्या में अपेक्षित वृद्धि न होना कम रिफिल का मुख्य कारण है।

उन्होंने कहा कि गरीबी की रेखा से नीचे आने वाले परिवारों को खाना पकाने हेतु ईधन के रूप में केरोसिन की आवश्यकता होती है। अतः राज्य हित में केरोसिन का कोटा 1.15 लाख किलो लीटर से बढ़ाकर 1.58 लाख किलो लीटर किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि राज्य में उज्जवला योजना के अंतर्गत जारी गैस कनेक्शन का वार्षिक रिफिल प्रतिशत औसतन 1.7 है, जो कि अत्यंत कम है। इसलिए 5 किलो वाले गैस सिलेण्डर की आपूर्ति आॅयल कंपनियों द्वारा प्रदेश के सभी जिलों में आपूर्ति की जानी चाहिए ताकि बीपीएल परिवार की क्रय क्षमता के अंतर्गत एलपीजी का उपयोग सुनिश्चित हो सके।

मुख्यमंत्री बघेल ने प्रधानमंत्री मोदी से फसल बीमा योजना में सुधार लाने, फूड सब्सिडी, महात्मा गांधी नरेगा में आवटंन की समस्या, स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण), गोबर-धन योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी), स्टैंड-अप इंडिया योजना पर भी अपनी बात कही। बैठक में मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव गौरव द्विवेदी भी उपस्थित थे।


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