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Chandrayaan 2/ विक्रम लैंडर से संपर्क टूटने के 21 दिन बाद ही मिल गया था मलबा, नौसखिया होने के कारण नहीं किया भरोसा

Chandrayaan 2 के विक्रम लैंडर (Vikram Lander) को लेकर लगातार नए खुलासे हो रहे हैं। विक्रम लैंडर का मलबा इससे संपर्क टूटने के 21 दिन बाद ही हो गया था। 28 सितंबर को चांद की सतह पर विक्रम लैंडर का मलबा मिल गया था।

विक्रम लैंडर से संपर्क टूटने के 21 दिन बाद ही मिल गया था मलबा, नौसखिया होने के कारण नहीं किया भरोसाचेन्नई के खगोल वैज्ञानिक ने 28 सितंबर को ही खोज लिया था विक्रम लैंडर का मलबा

Chandrayaan 2/ चंद्रयान 2 के विक्रम लैंडर (Vikram Lander) का मलबा मिलने के बाद अब नया खुलासा हुआ है। विक्रम लैंडर का मलबा इससे संपर्क टूटने के 21 दिन बाद ही मिल गया था। 28 सितंबर को चांद की सतह पर विक्रम लैंडर का मलबा मिल गया था। जिसका खुलासा खुद खगोल विज्ञानी शनमुगा सुब्रमण्यम ने ट्विट कर किया था। लेकिन उस वक्त किसी भी व्यक्ति ने भरोसा नहीं किया।

भारतीय खगोल विज्ञानी शनमुगा सुब्रमण्यम ने विक्रम लैंडर के मलबे को खोज निकाला है। शनमुगा की तरफ से भेजे गए सबूतों के आधार पर ही नासा ने मलबा मिलने की घोषणा की है। लेकिन शनमुगा ने 3 अक्टूबर नहीं बल्कि सितंबर में ही मलबे का पता लगा लिया था। जिसका सबूत उनके ट्विटर खाते पर है।

शनमुगा ने 27 सितंबर को मलबा मिलने की संभावना जताते हुए ट्विट किया कि यह विक्रम लैंडर जैसा दिखता है। यह विक्रम लैंडर की प्रत्याशित लैंडिंग साइट लाइन 3531 और सैंपल 22670 के पास है। मैं इसके एक हिस्से को देख पा रहा हूं।

28 सितंबर को कर दी पुष्टि

28 सितंबर को शनमुगा ने विक्रम लैंडर का मलबा मिलने का दावा किया। शनमुगा ने ट्विट कर कहा कि चंद्रयान 2 का विक्रम लैंडर मिल गया है। लगभग सुनिश्चित भी हो गया है। एलआरओ की तस्वीरें देखिए। पुरानी और नई तस्वीर के बीच अंतर देखिए।

इसरो-नासा ने नहीं दिया ध्यान

खगोल विज्ञान में दिलचस्पी के कारण शनमुगा ने इसकी खोज की। लेकिन इसरो-नासा ने उनके दावे पर ध्यान नहीं दिया। क्योंकि 27 और 28 सितंबर को किए गए ट्विट में शनमुगा ने इसरो, एलआरओ नासा और नासा को टैग किया था। यदि उसी वक्त उनके ट्विट पर तीनों अंतरिक्ष एजेंसी ध्यान देती तो तभी खुलासा हो जाता।


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