Hari bhoomi hindi news chhattisgarh
Breaking

Chandrayaan-2 Mission: जानें मून मिशन का क्या है मकसद, ये हैं 10 अहम बातें

Chandrayaan-2 Mission Ten things: आंध्र प्रदेश में श्रीहरिकोटा के सतीश धवन स्पेस सेंटर में भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) अपना दूसरा सबसे बड़ा मून मिशन Chandrayaan 2 15 जुलाई तड़के सुबह 2 बजकर 51 मिनट पर लॉन्च करेगा। इस मिशन से भारत को हमारे पड़ोसी देश के बारे में अधिक जानकारी मिलेगी, जिससे अंतरिक्ष में भारत मून पर जाने वाले देशों की लिस्ट में शामिल हो जाएगा।

Chandrayaan-2 Mission: जानें मून मिशन का क्या है मकसद, ये हैं 10 अहम बातेंTen things to know about Chandrayaan-2

Chandrayaan-2 Mission Ten things: आंध्र प्रदेश में श्रीहरिकोटा के सतीश धवन स्पेस सेंटर में भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) अपना दूसरा सबसे बड़ा मून मिशन Chandrayaan 2 15 जुलाई तड़के सुबह 2 बजकर 51 मिनट पर लॉन्च करेगा। इस मिशन से भारत को हमारे पड़ोसी देश के बारे में अधिक जानकारी मिलेगी, जिससे अंतरिक्ष में भारत मून पर जाने वाले देशों की लिस्ट में शामिल हो जाएगा।

चंद्रयान -2 से जुड़ी 10 अहम बातें

1. यह मिशन भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) का चंद्र मिशन है, जिसे इसरो वैज्ञानिकों ने तैयार किया है।

2. जीएसएलवी एमके-3 रॉकेट चंद्रयान 2 को अपनी निर्धारित कक्षा तक ले जाएगा। यह भारत का अब तक का सबसे शक्तिशाली लांचर होगा।

3. अंतरिक्ष यान के लैंडर विक्रम का परीक्षण करने के लिए इसरो ने बेंगलुरू के चल्लकेरे साइंस सिटी में अपने लूनर टेरेन टेस्ट फैसिलिटी बनाया है।

4. इस मिशन में इसरो के वैज्ञानिकों ने तमिलनाडु में सलेम के पास की मिट्टी की इस्तेमाल किया गया है। वैज्ञानिकों का मनना है कि इसमें 'एरोथोसाइट' चट्टान है, जो संरचना और विशेषताओं में कुछ हद तक चंद्रमा की मिट्टी से मिलती है।

5. चंद्रयान-2 में 14 भारतीय पेलोड और कई अध्ययन उपकरण शामिल हैं, जिनमें टोपोग्राफी, सिस्मोग्राफी, खनिज पहचान और वितरण और सतह रासायनिक संरचना का अध्ययन करने के लिए शामिल किया गया है।

6. पृथ्वी से चंद्रमा की सतह 3.84 लाख किमी है और धरती से चन्द्रमा की सतह तक पहुंचने के लिए 53 से 54 दिन लगेंगे।

7. इस मिशन में चंद्रयान-2 को तीन हिस्सों में बांटा गया है। ऑर्बिटर, लैंडर और रोवर की सतह है।

8. इस मिशन का मकसद चंद्रमा की सतह पर पानी के प्रसार और मात्रा का अध्ययन करना होगा, वहीं चंद्रमा का मौसम अन्य रासायनिक तत्‍वों का अध्‍ययन समेत बाहरी वातावरण का पता लगा होगा।

9. इसरो ने चंद्रयान 2 मिशन के लिए बाहुबली रॉकेट का इस्तेमाल करेगा। ISRO के GSLV Mk III रॉकेट से इस मिशन को भेजा जाएगा। जिसे बाहुबली या फैट ब्वॉय नाम दिया गया है।

10. यह मिशन 15 जुलाई 2019 को तड़के सुबह 2.51 बजे, श्रीहरिकोटा (आंध्र प्रदेश) से लॉन्च होगा और इस रॉकेट का वजन वजन- 3800 किलो है। जिस पर कुल खर्च 1000 करोड़ रुपए हुआ है।

Share it
Top