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केंद्र सरकार मोटर वाहन नियमों में करेगी सुधार, इस ईंधन से चलने वाली गाडियों पर पड़ेगा असर

देश में वायु प्रदूषण से निपटने की दिशा में ई-वाहनों को प्रोत्साहित करने की दिशा में केंद्र सरकार हाइड्रोजन चालित वाहनों की के सुरक्षा मानकों को लागू करने के लिए जल्द ही केंद्रीय मोटर वाहन नियमों में संशोधन करेगी।

केंद्र सरकार मोटर वाहन नियमों में करेगी सुधार, इस ईंधन से चलने वाली गाडियों पर पड़ेगा असर
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मोटर वाहन (प्रतीकात्मक फोटो)

देश में वायु प्रदूषण से निपटने की दिशा में ई-वाहनों को प्रोत्साहित करने की दिशा में केंद्र सरकार हाइड्रोजन चालित वाहनों की के सुरक्षा मानकों को लागू करने के लिए जल्द ही केंद्रीय मोटर वाहन नियमों में संशोधन करेगी। इसके लिए सड़क परिवहन मंत्रालय ने एक अधिसूचना जारी करके मसौदे पर सुझाव मांगे हैं। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने शनिवार को यह जानकारी देते हुए बताया कि हाइड्रोजन ईंधन से चलने वाले वाहनों के सुरक्षा मूल्यांकन के लिए मानकों को शामिल करने हेतु केंद्रीय मोटर वाहन नियम-1989 में संशोधन का प्रस्ताव किया गया है।

इसके लिए तैयार किये गये मसौदे के संबंध में एक अधिसूचना जारी की गई है। मंत्रालय के अनुसार भारतीय मानक ब्यूरो अधिनियम-2016 (2016 का 11) के तहत बीआईएस विनिर्देश अधिसूचित होने तक समय-समय पर संशोधित एआईएस 157:2020 के अनुसार संपीड़ित गैसीय हाइड्रोजन ईंधन सेल पर चलने वाली एम और एन श्रेणियों के मोटर वाहनों को शामिल करने का प्रस्ताव किया गया है।

इसके अलावा ईंधन सेल वाहनों के लिए हाइड्रोजन ईंधन विनिर्देश आईएसओ 14687 के अनुसार होंगे, जब तक कि बीआईएस विनिर्देश भारतीय मानक ब्यूरो अधिनियमत्र2016 (11 का 1986) के तहत अधिसूचित नहीं हो जाता। इसके लिए मोटर वाहन नियमों में संशोधनों को अंतिम रुप देने के लिए सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने प्रस्तावित संशोधन पर आम जनता सहित सभी हितधारकों से सुझाव और टिप्पणियां आमंत्रित की हैं, जिन्हें संयुक्त सचिव (एमवीएल) सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय, परिवहन भवन, संसद मार्ग, नई दिल्ली के ईमेल jspb-morth@gov.in) पर 9 अगस्त तक भेजा जा सकता है।

दरअसल हाईड्रोजन ईंधन आधारिक वाहनों की सुरक्षा के लिए कुछ जरूरी नियम बनाने आवश्यक है, क्योंकि हाइड्रोजन गैस बहुत ज्वलनशील होती है। ऐसे में इसके प्रोडक्शन, स्टोरेज, ट्रांसपोर्ट और डिलीवरी में काफी सावधानी बरतने जैसे पहलुओं के आधार पर सुरक्षा मानकों की दिशा में सरकार को मोटर वाहन नियम में बदलाव कराना होगा। सरकार का मानना है कि हाइड्रोजन ईंधन के इस्तेमाल से वायु प्रदूषण के स्तर को कम करने में मदद मिलेगी। हाइड्रोजन चालित वाहन से कार्बन उत्सर्जन न के बराबर है और वहीं हाइड्रोनज ईंधन का इस्तेमाल बढ़ने से देश की पेट्रोलियम पदार्थों पर निर्भरता कम होगी।

वायु प्रदूषण से मिलेगी राहत

केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय ने पिछले साल ई-वाहनों और प्रदूषण रहित वैकल्पिक ईंधनों के रुप में हाइड्रोजन चालित वाहनों को लेकर एक मसौदा तैयार किया था, ताकि देश में वायु प्रदूषण से मुक्ति मिल सके। सरकार के इस मसौदे के तहत देश में सरकार की तरफ से पहले हाइड्रोजन आधारित फ्यूल स्टेशन, वाहन और अन्य इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए 680 करोड़ रुपए अनुमानित फंड बनाने का प्रस्ताव था।

इसमें नवीन एवं नवीकरण ऊर्जा मंत्रालय द्वारा देभशर में 10 जगह हाइड्रोजन फ्यूल स्टेशन लगाया जाने प्रस्ताव किया गया था। वहीं हाइड्रोजन चालित वहानों के डिजाइन, टेस्टिंग के लिए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस समेत तमाम तरह की योजनाएं प्रस्तावित की गई हैं। इस मसौदे के मुताबिक तेल और गैस कंपनियों को 10 हाइड्रोजन वितरण स्टेशन स्थापित करने का निर्देश तक दे दिया गया। सरकार का मकसद है कि देश को हमेशा में लिए वायु प्रदूषण से मुक्त किया जा सके।ksxodj

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