Top
Hari bhoomi hindi news chhattisgarh
Breaking

CAA Protest : उत्तर-पूर्वी दिल्ली में कैसे डली हिंसा की नींव!

माकपा के महासचिव सीताराम येचुरी ने दिल्ली में सीएए को लेकर भड़ी हिंसा के लिए केंद्र सरकार को जिम्मेदार ठहराया है। इसके अलावा उन्होंने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है।

CAA Protest : उत्तर-पूर्वी दिल्ली में कैसे डली हिंसा की नींव!सीएए विरोध प्रदर्शन

उत्तर-पूर्वी दिल्ली में सोमवार को नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) और एनआरसी के समर्थन और विरोधी गुटों के बीच हिंसा भड़क गई। जाफराबाद में हुई हिंसा की चिंगारी मौजपुर, भजनपुरा, गोकुलपुरी, सीलमपुर, चांदबाग और करावल नगर तक पहुंच गई। इन इलाकों में हिंसा हो रही है। हिंसा में हेड कांस्टेबल रतनलाल और एक प्रदर्शनकारी की मौत हो गई है। जबकि डीसीपी-एसीपी समेत 60 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। सभी घायलों को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया है। स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए मौके पर भारी संख्या में पुलिसबल तैनात है। साथ ही इलाके में धारा 144 लगा दी गई है। हिंसा को लेकर राजनीतिक दलों के नेताओं के बीच एक दूसरे पर आरोप लगाने का सिलसिला भी शुरू हो गया है। चलिए जानते हैं उत्तर-पूर्वी दिल्ली में कैसे डली हिंसा की नींव।

केंद्रीय गृह राज्य मंत्री जी किशन रेड्डी ने हिंसा को साजिश करार दिया

बता दें कि केंद्रीय गृह राज्य मंत्री जी किशन रेड्डी ने उत्तर-पूर्वी दिल्ली सीएए प्रदर्शन को लेकर हुई हिंसा को एक साजिश करार दिया है। जी किशन रेड्डी का कहना है कि अमेरिका के राष्ट्रपति की भारत यात्रा को देखते हुए दिल्ली में हिंसा की साजिश रची गई है। मैं इसकी निंदा करता हूं। भारत सरकार हिंसा को कभी बर्दाश्त नहीं करेगी। हम जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेंगे। गृह मंत्रालय स्थिति पर नजर बनाए हुए है। जी किशन रेड्डी ने आगे कहा कि अतिरिक्त बलों को दिल्ली में तैनात किया गया है। हमारी प्रमुख जिम्मेदारी दिल्ली में कानून व्यवस्था बनाए रखना है।

सीएए हिंसा को लेकर केंद्र जिम्मेदार

माकपा के महासचिव सीताराम येचुरी ने दिल्ली में सीएए को लेकर भड़ी हिंसा के लिए केंद्र सरकार को जिम्मेदार ठहराया है। इसके अलावा उन्होंने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है। येचुरी ने ट्वीट कर कहा कि मैं लोगों से शांति बनाए रखने की अपील करता हूं। आप किसी भी अफवाह या किसी प्रकार के उकसावे के शिकार न हों। शांति बनाए रखें। हालांकि, यह जिम्मेदारी केंद्र सरकार की है जिसने बड़े भारतीय समुदाय की शिकायतों को दूर करने का कोई प्रयास नहीं किया।

उत्तर-पूर्वी दिल्ली में कैसे डली हिंसा की नींव!

जानकारी के लिए आपको बता दें कि देश की राजधानी दिल्ली में नागरिकता कानून के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है। दिल्ली के शाहीन बाग में लगभग 70 दिनों से महिलाएं और बच्चे विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। शाहीन बाग की तर्ज पर हाल ही में पूर्वी दिल्ली के जाफराबाद मेट्रो स्टेशन के पास सैंकड़ों की संख्या में नागरिकता कानून प्रदर्शनकारियों ने सीलमपुर, मौजपुर और यमुना विहार को जोड़ने वाली सड़क को बंद करके विरोध प्रदर्शन शुरू किया। वहीं भाजपा नेता कपिल मिश्रा भी नागरिकता कानून के समर्थन पर धरने पर बैठ गए। कपिल मिश्रा ने रविवार को कहा था कि दिल्ली में हम दूसरा शाहीन बाग किसी भी हालात में नहीं बनने देंगे। हालांकि, पुलिस के समझाने पर कपिल मिश्रा वापस चले गए थे। प्रदर्शन के चलते मौजपुर चौराहे पर ट्रैफिक दोनों तरफ से बंद हो गया है।

नागरिकता कानून के समर्थन और पक्ष में विरोध कर रहे प्रदर्शनकारियों के बीच अचानक हिंसा भड़क गई। लेकिन इस बात की जानकारी नहीं मिली कि हिंसा की पहल किस तरफ से की गई थी। प्रदर्शनकारियों के बीच पथराव भी हुआ। पुलिस ने स्थिति पर काबू पाने के लिए आंसू गैस के गोले दागे। इसकी के साथ पुलिस ने स्थिति को कंट्रोल कर लिया था। लेकिन सोमवार को फिर से हिंसा शुरू हो गई। आज दोपहर बाद सीमलपुर से एक वीडियो वायरल हुआ। जिसमें देखा गया कि एक युवक ने तमंचे से आठ राउंड फायरिंग की।

इसके बाद धीरे-धीरे हिंसा की चिंगारी मौजपुर, भजनपुरा, गोकुलपुरी, चांदबाग और करावल नगर तक पहुंच गई। प्रदर्शनकारियों ने कई वाहनों और घरों को आग के हवाले कर दिया। प्रदर्शनकारियों के द्वारा एक पेट्रोल पंप भी फूंक दिया गया है। हिंसा में हेड कांस्टेबल रतनलाल और एक प्रदर्शनकारी की मौत हो गई है। जबकि डीसीपी-एसीपी समेत 60 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है। इलकों में धारा 144 लागू है। सुरक्षाबल फ्लैग मार्च कर रहे हैं।

Next Story
Top