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Budget 2021 Income Tax Expectations : कल से टैक्स में मिलेगी कितनी रियायत, कारोबारियों को ये है उम्मीद

एक फरवरी को केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण सोमवार को बजट पेश करेंगी।

Budget 2021 Income Tax Expectations : कल से टैक्स में मिलेगी कितनी रियायत, कारोबारियों को ये है उम्मीद
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केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण

Budget 2021 Income Tax Expectations : संसद का बजट सत्र जारी है। इसी बीच एक फरवरी को केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण सोमवार को बजट पेश करेंगी। सरकार के इस बजट से आम आदमी से लेकर नौकरी करने वाले और देश के कारोबारियों को काफी उम्मीद है। सरकार का उद्देश्य कोरोना महामारी के बाद बुरी तरह प्रभावित हुई अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने की तैयारी है। वहीं टैक्स पेयर को भी राहत देनी होगी।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण सुबह करीब 11 बजे शुरू होगा। सीएआईटी ने कहा कि बजट में एक नेशनल ट्रेड पॉलिसी फार रिटेल ट्रेड, ई कॉमर्स नीति और ई कॉमरस रेगुलेटरी अथॉरिटी का गठन किया जाए साथ ही एक वॉलेंटरी डिस्क्लोजर स्कीम की सरकार को घोषणा करनी चाहिए। कॉन्फेडरेशन ऑफ आल इंडिया ट्रेडर्स ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि मौजूदा समय में व्यापारी वित्तीय संकट से जूझ रहे हैं। ऐसे में इन कारोबारियों को उम्मीद है।

इस साल सरकार इनकम टैक्स पॉलिसी में बदलाव कर सकती है। इस बार टैक्स एक्सपर्ट को उम्मीद है कि सरकार आयकर लाभ के संबंध में एनपीएस या राष्ट्रीय पेंशन योजना में कुछ बदलाव कर सकती है। टीयर I की ओर योगदान के लिए नियोक्ता के योगदान का 14 फीसदी केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए अनुमत है। लेकिन जब यह अन्य कर्मचारियों के लिए आता है, तो नियोक्ता से योगदान का अधिकतम 10 फीसदी सेक्शन 80सीसीडी (2) के तहत कटौती होती है।

वहीं पूंजी बाजार के नजरिए से बजट को देखा जाए तो इक्विटी शेयरों, इक्विटी एमएफ पर एलटीसीजी की गणना करते समय प्रमुख अपेक्षाओं में अनुक्रमण की अनुमति होती है और कर देयता के खिलाफ एसटीटी के सेटऑफ की अनुमति होती है। जिसे घटना कर एक साल करना है। वहीं कहा है कि प्रति वर्ष प्राप्तकर्ता की राशि 2 से 3 लाख रुपये हो। इंडेक्सेशन के लिए एडजस्ट करने के बाद 36 महीने से ज्यादा के डेट म्युचुअल फंड यूनिट्स पर लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन्स पर 20 फीसदी कर लगता है। 36 महीने या उससे कम समय के लिए इकाइयों पर अल्पकालिक पूंजीगत लाभ व्यक्ति की आय में जोड़ा जाता है और लागू स्लैब दर के अनुसार कर लगाया जाता है।

वहीं कोरोनवायरस महामारी के बीच और उपभोग को बढ़ावा देने के लिए मध्यम वर्ग के करदाताओं को राहत देने के लिए केंद्र सरकार बजट 2021 में मानक कटौती की सीमा बढ़ा सकती है। वहीं स्टैंडर्ड डिडक्शन एक निश्चित कटौती है, जो विशिष्ट आयकर निर्धारणकर्ताओं को खर्च के लिए दी जाती है। या निवेश किए गए खर्चों की परवाह किए बिना की जाती है। 2018-19 के बजट में पेश किए गए मानक कटौती ने चिकित्सा और परिवहन भत्ते को बदल दिया था। इसके बाद के बजट में इसे बढ़ाकर 50 हजार कर दिया गया।

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