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Budget 2019 Highlights: एक साल के लिए क्या खास होगा महिला वित्त मंत्री की स्ट्रेटजी में, इन 5 पॉइंट से समझें

Budget 2019 Highlights: 17वीं लोकसभा (17th Parliament) का पहला बजट सत्र (First Budget Session) 17 जून से शुरू हो चुका है। इस सत्र के दौरान मोदी सरकार (Modi Govt) के दूसरे कार्यकाल का पहला बजट पेश होगा। देश की पहली महिला वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (First Finance Women Minister Nirmala Sitharaman) 5 जुलाई को आम बजट (Union Budget 2019) पेश करेंगी और इसके साथ ही वो देश की पहली बजट पेश करने वाली महिला भी बन जाएंगी।

बजट 2019: एक साल के लिए क्या खास होगा महिला वित्त मंत्री की स्ट्रेटजी में, ये हैं 5 बिंदूBudget 2019 what is strategy of women finance minister with 5 points

Budget 2019 Highlights: 17वीं लोकसभा (17th Parliament) का पहला बजट सत्र (First Budget Session) 17 जून से शुरू हो चुका है। इस सत्र के दौरान मोदी सरकार (Modi Govt) के दूसरे कार्यकाल का पहला बजट पेश होगा। देश की पहली महिला वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (First Finance Women Minister Nirmala Sitharaman) 5 जुलाई को आम बजट (Union Budget 2019) पेश करेंगी और इसके साथ ही वो देश की पहली बजट पेश करने वाली महिला भी बन जाएंगी। 5 जुलाई (5th July) को वित्त वर्ष 2019-20 (Financial Year 2019-20) के लिए आम बजट पेश होगा।

लेकिन उससे पहले बीते शनिवार को बजट डॉक्यूमेंट्स (Budget Documents) की छपाई के काम का शुभारंभ वित्त मंत्रालय में हलवा सेरेमनी (Halwa Ceremony) से किया गया। कहते हैं कि इस दिन से बजट की तैयारियां तेजी से शुरू हो जाती हैं और सभी अधिकारियों को नॉर्थ ब्लॉक में एक जगह पर कैद कर बहारी दुनिया से संपर्क तोड़ दिया जाता है। बजट पेश होने तक इन अधिकारियों को रखा जाता है ताकि बजट लीक ना हो सके। मोदी सरकार अपना अंतिरम बजट पेश कर चुकी है अब वो नई सरकार का नया बजट पेश करेगी। ऐसे में इस बजट पर भी आम आदमी की हर सेक्टर पर निगाहे होंगी।

क्या होगी नई स्ट्रेटजी

मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल 2024 तक है ऐसे में सरकार की योजना होगी इन 5 सालों में देश की वार्षिक वृद्धि दर को 8 फीसदी किया जाए। ऐसे में इसके लिए महिला वित्त मंत्री और उनके विभाग को नई स्ट्रेटजी पर काम करना होगा। इसमें नई नौकरियां पर ज्यादा काम करना होगा ताकि रोजगार से ज्यादा से ज्यादा साधन पैदा हो सकें।


पहला पॉइंट-

सबसे पहले देश में बढ़ती बेरोजगारी को कम करने के लिए मोदी सरकार को योजना बनानी होगी कि आखिर 5 साल में युवाओं को कितनी नौकरी मिलेगी। पिछली सरकार में विपक्ष ने रोजगार के मुद्दें पर चुनाव प्रचार के दौरान सबसे ज्यादा भुना। ऐसे में समय समय पर सरकार लेबर फोर्स सर्वे करवाती रहती है। 2017 से 2018 के बीच 6.1 फीसदी बेरोजगारी की दर रही। जो बीते 45 सालों में सबसे ज्यादा थी।

दूसरा पॉइंट-

मोदी सरकार ने अपने अंतरिम बजट में किसानों का काफी ध्यान रखा। जिसके तहत उन्होंने एक योजना बनाई कि हर साल किसान को 6 हजार रुपये दिए जाएंगे। जो तिमाही किस्त में होगी। ऐसे में सरकार का ध्यान ग्रामीण भारत पर रहेगा। महिला वित्त मंत्री इस बजट में ग्रामीण क्षेत्रों में विकास और रोजगार के साधनों को बढ़ाने की तरफ ज्यादा कदम उठाएगी।

तीसरा पॉइंट-

अभी हाल ही के दिनों में आरबीआई ने रेपो दर को कम कर दिया है। ऐसे में इसका लाभ लोन और ईएमआई के लोगों को मिलेगा। ऐसे में सरकार मौद्रिक नीति पर ज्यादा काम करेगी। ताकि आम लोगों को भी इसका फायदा हो। 9 सालों में पहली रेपो रेट इतनी कम हुई है।


चौथा पॉइंट-

मोदी सरकार ने अपने अंतरिम बजट में स्वास्थ्य और शिक्षा के लिए कई घोषणाए की। उसमें से एक आयुष्मान भारत योजना के बार में भी बताया गया। इस बजट में स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए आवंटन को बढ़ाया जा सकता है। ऐसे में बजट से शिक्षा क्षेत्र को भी उम्मीद है। शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए गांवों में स्‍कूल और कॉलेज खोलने पर जोर रहेगा। वहीं स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए जरूरी कदम उठाए जाएंगे। उच्च शिक्षा के रास्तों को और भी सरल बनाया जाएगा। ताकि भारत में शिक्षा का स्तर ऊपर उठ सके।

पांचवा पॉइंट-

चुनावी साल को देखते हुए मोदी सरकार ने अपने अंतरिम बजट में करदाताओं को बड़ा तोहफा दिया था। जिसमें उन्होंने 5 लाख टैक्सेबल को टैक्स के दायरे से बाहर रखा था। जो साल में 5 लाख कमाते हैं उन्हें कोई टैक्स नहीं देना होगा। ऐसे में इस बार के बजट में टैक्स स्लैब में कोई बदलाव होने की संभावना नहीं है।

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