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कोविड-19 से मुकाबला करने के लिए शारीरिक दूरी और व्यावहारिक शिष्टाचार सबसे बड़ी सोशल वैक्सीन : डा. हर्ष वर्धन

केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री डा. हर्ष वर्धन ने कहा है कि वर्तमान परिस्थितियों में कोविड-19 से मुकाबला करने के लिए समुचित शारीरिक दूरी और व्यावहारिक शिष्टाचार सबसे बड़ी सोशल वैक्सीन है।

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डॉ हर्षवर्धन

केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री डा. हर्ष वर्धन ने कहा है कि वर्तमान परिस्थितियों में कोविड-19 से मुकाबला करने के लिए समुचित शारीरिक दूरी और व्यावहारिक शिष्टाचार सबसे बड़ी सोशल वैक्सीन है।

आज जब देश में लॉकडाउन 3.0 की अवधि पूरी होने जा रही हैं ऐसे में उन्होंने कहा कि देश बेहतर स्थिति में हैं और हमने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व में शुरूआती उपाय और जोरदार नीति एवं दृढता के साथ उत्साहजनक परिणाम दिखाए हैं। पिछले चौदह (14) दिन में कोविड मामलों के दोगुना होने की दर 11.5 दिन थी वह सुधर कर पिछले 3 दिनों में 13.6 दिन हो गई है।।

केंद्रीय मंत्री ने बताया कि देश में कोविड की मृत्यु दर 3.1 प्रतिशत है और रिकवरी दर में 37.5 प्रतिशत तक का सुधार हुआ है। शनिवार तक 3.1 प्रतिशत लोग आईसीयू में, 0.45 प्रतिशत लोग वेंटिलेटर पर और 2.7 प्रतिशत लोग ऑक्सीजन पर थे।

देश में 17 मई तक कोविड-19 से संक्रमित मामलों की कुल संख्या 90,927 थीं जिनमें से 34,109 लोग स्वस्थ होकर अपने घर जा चुके हैं। दुर्भाग्य से 2,872 लोगों की मृत्यु हुई हैं। पिछले 24 घंटों में देश में कोविड-19 के 4,987 नये पुष्ट मामले सामने आए है।

डा. हर्ष वर्धन ने बताया कि देश में कोविड-19 की जांच क्षमता में वृद्धि होकर प्रतिदिन एक लाख हो गई है और 373 सरकारी एवं 152 निजी प्रयोगशालाओं के द्वारा अब तक 22,79,324 जांच की जा चुकी है। कल एक ही दिन में 90,094 नमूनों की जांच की गई है। पिछले 24 घंटों में देश के 8 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों- अंडमान निकोबार, अरूणाचल प्रदेश, दादर नगर हवेली, चंडीगढ़, लद्दाख, मेघालय, मिजोरम और पडुच्चेरी में कोविड-19 का एक भी नया मामला सामने नहीं आया हैं।

देश में स्वास्थ्य ढ़ाचे की चर्चा करते हुए केंद्रीय मंत्री ने बताया कि कोविड-19 के प्रबंधन और मुकाबला करने के लिए देश में 1,80,473 बिस्तरों की सुविधा के साथ कोविड के 919 विशेष अस्पताल हैं। इसी प्रकार 1,28,304 बिस्तरों के साथ 2,044 विशेष कोविड स्वास्थ्य केंद्र तथा 9,536 क्वारंनटाइन सेंटर और 5,64,632 बिस्तरों की सुविधा के साथ 6,309 कोविड केयर सेंटर उपलब्ध हैं जिनमें आईसीयू, आइसोलेशन बिस्तर आदि सभी सुविधाएं है। केंद्र सरकार ने राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों तथा केंद्रीय संस्थानों को 90.22 लाख एन-95 मास्क और 53.98 लाख पीपीई किट उपलब्ध करवाए है।

डा. हर्ष वर्धन ने कहा कि देश सामान्य स्थिति में लौटने की दिशा में आगे बढ़ रहा है और कोविड-19 के संक्रमण से बचने के लिए लोगों को शारीरिक स्वच्छता के सामान्य उपाय जैसे 20 सेकेंड़ तक साबुन से अथवा एलकोहल युक्त सेंनिटाइजर से हाथ धोना, सार्वजनिक स्थलों पर नहीं थूकना, कार्यस्थलों और लगातार छुई जाने वाली सतहों जैसे टेबल आदि को सेनिटाइज करना, हमेशा सार्वजनिक स्थानों पर फेस कवर उपयोग करना आदि की सलाह दी जा रही है। साथ ही खुद की श्वसन क्रिया को भी सामान्य बनाए रखने पर जोर दिया जा रहा है।

डा. हर्ष वर्धन ने कहा कि वर्तमान समय में शारीरिक दूरी और व्यावहारिक शिष्टाचार से बढ़कर और कोई बड़ी सोशल वैक्सीन उपलब्ध नहीं है। उन्होंने सुझाव दिया कि एक दूसरे के साथ संपर्क के समय दो गज की दूरी के सिद्धांत को सुनिश्चित किया जाए। साथ ही सामाजिक और अन्य समारोह में एकत्रित होने के बजाय वर्चुअल मीटिंग को चुनना सबसे बेहतर विकल्प है। उन्होंने यह सलाह भी दी कि जब तक अति आवश्यक नहीं हो तब तक यात्रा नहीं की जाए और संक्रमण से बचने के लिए भीड़ भाड़ के स्थानों से बचा जाए।

उन्होंने कहा कि पर्याप्त सावधानियों और सुरक्षित ढंग से बनाया गया भोजन, खाने से हम कोविड-19 के फैलाव को रोक सकते हैं। भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण ने इस संबंध में कुछ आसान उपाय अपनाने की सलाह दी है जैसे कि कच्चे फलों एवं सब्जियों को साफ पानी से धोना, पूरी तरह से पका हुआ मांस खाना, कच्चे मांस और पकाए हुए भोजन के लिए अलग अलग चोपिंग बोर्ड और चाकू का उपयोग करना, खाने के बर्तनों, पानी की बोतलों अथवा कप आदि का आपस में इस्तेमाल नहीं करना आदि के साथ ही टेबल आदि को जीवाणु मुक्त करने के लिए उनकी सही ढंग के पाउडर व तरल पदार्थों से सफाई करना आदि का कोविड-19 के दौरान खाद्य सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए पालन किया जाना चाहिए।

डा. हर्ष वर्धन ने देश के स्वास्थ्य कर्मियों जैसे डाक्टरों, नर्स, एएनएम, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के साथ ही पैथोलोजिस्ट लैब टेक्नीशियन वैज्ञानिकों और अन्य कोरोना योद्धाओं की इस महामारी के दौरान अपनी निस्वार्थ सेवाएं प्रदान करने के लिए अपनी गहरी कृतज्ञता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि ये फ्रंट लाइन योद्धा लोगों का जीवन बचाने के लिए अपनी जान को जोखिम में डालकर विपरीत परिस्थितियों के बावजूद रात दिन राष्ट्र को अपनी बहुमूल्य सेवाएं दे रहे हैं। जिसके लिए उनकी सराहना एवं प्रोतसाहन दिया जाना चाहिए और उनके विरूद्ध किसी भी प्रकार के अभद्र व्यवहार, हिंसा और अनाचार का सख्त ढंग से विरोध किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि कोविड-19 के विरूद्ध यह जंग सबके सामूहिक प्रयासों एवं सहयोग से ही जीती जा सकती हैं। उन्होंने सभी से स्व मूल्यांकन में मदद करने वाले और कोविड के संबंध में सटीक जानकारी देने वाले आरोग्य सेतु एप को डाउनलोड़ करने की अपील भी की। साथ ही उन्होंने गलत सूचनाओं, अफवाहों, निराधार दावों और अन्य मिथकों का शिकार होने से बचने के लिए लोगों को सचेत करते हुए स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, आईसीएमआर, सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय और प्रेस सूचना ब्यूरों (पीआईबी) की बेवसाइट्स और ट्वीटर हैंडल पर उपलब्ध प्रामाणिक जानकारियों का पालन करना की सलाह भी दी।

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