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Birthday Special: जानें कौन हैं सर्जिकल स्‍ट्राइक के मास्‍टर माइंड माने जाने वाले अजीत डोभाल, मोदी सरकार ही नहीं इंदिरा गांधी के वक्त भी किए थे बड़े बड़े काम

Birthday Special: भारत का जेम्स बांड कहने जाने वाले राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल का 20 जनवरी को 75वां जन्मदिन है।

Birthday Special: जानें कौन हैं सर्जिकल स्‍ट्राइक के मास्‍टर माइंड माने जाने वाले अजीत डोभाल, मोदी सरकार ही नहीं इंदिरा गांधी के वक्त भी किए थे बड़े बड़े काम

Birthday Special: भारत का जेम्स बॉन्ड कहने जाने वाले राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल का 20 जनवरी को 75वां जन्मदिन है। वर्तमान में वो भारत के प्रधानमंत्री के रूप में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार हैं। जो देश के सुरक्षा के हर मुद्दे पर उनका सलाह देते हैं।

उत्तराखंड से है नाता

अजीत कुमार डोभाल का नाता उत्तराखंड से है। वो केरल कैडर के एक सेवानिवृत्त भारतीय पुलिस सेवा (IPS) अधिकारी और एक पूर्व भारतीय खुफिया और कानून प्रवर्तन अधिकारी के तौर पर जिम्मेदारियां निभा चुके हैं।

अजीत डोभाल ने कई अहम मामलों में निभाई अहम भूमिका

साल 1945 में उत्तराखंड में जन्मे अजीत डोभाल भारत के सबसे युवा पुलिस अधिकारी थे, जिन्हें सैन्य कर्मियों के लिए वीरता पुरस्कार कीर्ति चक्र से सम्मानित किया जा चुका है। वहीं सर्जिकल स्ट्राइक और पाकिस्तान में सीमा में घुसकर बालाकोट एयर स्ट्राइक का मास्टर माइंड भी उन्हें ही कहा जाता है। तभी तो उन्हें भारत का जेम्स बांड भी कहा जाता है।

उन्होंने पूर्वोत्तर में उग्रवाद से निपटने के लिए निर्णायक कदम, डोभाल ने 1968 में एक आईपीएस अधिकारी के रूप में अपना पुलिस करियर शुरू किया और मिजोरम और पंजाब में उग्रवाद विरोधी अभियानों में अमह भूमिका निभाई। 1999 में कंधार में भारतीय हवाई जहाज का अपहरण में आतंकवादियों से वार्ताकारों में से एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।

पाकिस्तान में अंडरकवर बनकर किया था काम

इतना ही नहीं वो पाकिस्तान में एक अंडरकवर ऑपरेटिव के तौर पर भी काम कर चुके हैं। कहते हैं कि गुप्त एजेंट के रूप में एक साल कार्य करने के बाद उन्हें 6 साल तक इस्लामाबाद में भारतीय उच्चायोग के तौर पर काम किया।

इतना ही नहीं उन्होंने 1984 में खालिस्तानी उग्रवाद से निपटने के लिए 'ऑपरेशन ब्लू स्टार' के लिए खुफिया जानकारी जुटाने में भी अहम भूमिका निभाई थी। इसके अलावा वो अपने करियर का एक बड़ा हिस्सा इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) में गुजार चुके हैं।

2014 के बाद से मोदी सरकार में मिली अहम जिम्मेदारी

इसके बाद साल 2009 में रिटायर होने के बाद डोभाल विवेकानंद इंटरनेशनल फाउंडेशन के संस्थापक निदेशक बने और फिर 2014 में अजीत डोभाल ने इराक के तिकरित में एक अस्पताल में फंसी 46 भारतीय नर्सों की रिहाई में भी अहम भूमिका निभाई थी। उन्हें पिछले साल ही पांच और सालों के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार के रूप में फिर से नियुक्त किया गया और नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार के दूसरे कार्यकाल में कैबिनेट रैंक दिया गया।

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