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Live: दिल्ली में चांद बाग से राजघाट तक निकाले जाने वाले प्रोटेस्ट को नहीं मिली इजाजत, बिहार में दिख रहा बंद का असर

भीम आर्मी के प्रमुख चंद्रशेखर आजाद के नेतृत्व में प्रमोशन में आरक्षण और संविधान बचाओं को लेकर आज भारत बंद का आह्वान किया। भारत बंद का असर बिहार और दिल्ली के कई इलाकों में देखने को मिल रहा है।

सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के खिलाफ बंद रहा पूरी तरह विफल, एससी समाज के लोगों ने शहर में किया प्रदर्शन
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विरोध प्रदर्शन (प्रतीकात्मक फोटो)

Bharat Bandh Live: भीम आर्मी के प्रमुख चंद्रशेखर आजाद के नेतृत्व में प्रमोशन में आरक्षण और संविधान बचाओं को लेकर आज भारत बंद का आह्वान किया है। सार्वजनिक पदों पर नियुक्तियां और पदोन्नति को लेकर विरोध हो रहा है। मोदी सरकार से सुप्रीम कोर्ट के फैसले को रद्द करने के लिए अध्यादेश लाने की मांग की जा रही है।

भारत बंद लाइव अपडेट (India close live update )

भारत बंद के समर्थन में राष्ट्रीय लोक समता पार्टी के सैकड़ों कार्यकर्ता सड़कों पर उतरे

दिल्ली में चांद बाग से राजघाट तक निकाले जाने वाले प्रोटेस्ट को नहीं मिली इजाजत

बिहार में भारत बंद का दिख रहा असर, भोजपुर में बंद समर्थकों ने पूर्वी रेलवे गुमटी के पास रेल ट्रैक पर बैठकर रेल परिचालन को रोका

बंद समर्थकों ने आरा-पटना-सासाराम मुख्य मार्ग को किया जाम

भारत बंद को बिहार में जनाधिकार पार्टी समेत कई स्थानीय पार्टियों ने दिया समर्थन

बेगूसराय में भीम आर्मी के कार्यकर्ताओं ने पावर हाउस चौक पर एनएच-31 को जाम

डीएमआरसी ने जाफराबाद मेट्रो स्टेशन को अगले आदेश तक किया बंद

बिहार के दरभंगा में भीम आर्मी के भारत बंद का असर दिखा। बंद के समर्थन में भाकपा (माले) ने ट्रेन रोकी

सीलमपुर जाफराबाद में भारत बंद का देख रहा असर

देश के कई हिस्सों में हो रहा भारत बंद का समर्थन

सुप्रीम कोर्ट ने 9 फरवरी को अपने आदेश में फैसला सुनाया था कि राज्य नियुक्तियों और पदोन्नति में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित सीटें प्रदान करने के लिए बाध्य नहीं हैं। कोर्ट ने पीडब्ल्यूडी, उत्तराखंड में सहायक अभियंता (सिविल) के पदों पर पदोन्नति में एससी और एसटी को आरक्षण से संबंधित याचिकाओं पर अपना फैसला सुनाया था।

चंद्रशेखर आजाद के नेतृत्व में भीम आर्मी के सदस्यों के एक बड़े समूह ने मंडी हाउस से जंतर मंतर तक विरोध मार्च किया था। अब वह समय आ गया है जब एसससी/एसटी/ओबीसी और अन्य अल्पसंख्यक लोगों को अपने अधिकारों के लिए एक साथ आने की आवश्यकता है। भारतीय जनता पार्टी देश में अल्पसंख्यकों के खिलाफ है।

पार्टी लाइनों के नेताओं ने एससी और एसटी के लिए नौकरियों में आरक्षण के सुप्रीम कोर्ट के फैसले की आलोचना की थी। पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने आरोप लगाया था कि कोटा प्रणाली को आजमाने और मिटाने के लिए भाजपा और आरएसएस काम कर रही हैं।

वहीं केंद्री रामविलास पासवान ने भी सरकार से अध्यादेश लाने और सर्वोच्च न्यायालय के फैसले को ठीक कहा था। लेकिन मामला फिर से अदालत में जाएगा, यह देखना होगा कि यह सफल होगा या नहीं। इसलिए, मेरी राय में एक अध्यादेश जारी करना और संविधान में संशोधन करना सबसे आसान तरीका है।

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