Hari bhoomi hindi news chhattisgarh
Breaking

Ayodhya: सुप्रीम कोर्ट में अयोध्या जमीन विवाद पर सुनवाई जारी, जज ने कार्बन डेटिंग पर रामलला के वकील से पूछा ये सवाल

अयोध्या (Ayodhya) में रामजन्मभूमि-बाबरी मस्जिद जमीन विवाद (Land Dispute) को लेकर सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में शुक्रवार को 7वें दिन भी सुनवाई जारी है। बीती 6 अगस्त से सुप्रीम कोर्ट लगातार सुनवाई हो रही है।

Ayodhya: सुप्रीम कोर्ट में अयोध्या जमीन विवाद पर सुनवाई जारी, जज ने कार्बन डेटिंग पर रामलला के वकील से पूछा ये सवाल

अयोध्या (Ayodhya) में रामजन्मभूमि-बाबरी मस्जिद जमीन विवाद (Land Dispute) को लेकर सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में शुक्रवार को 7वें दिन भी सुनवाई जारी है। बीती 6 अगस्त से सुप्रीम कोर्ट लगातार सुनवाई हो रही है। यह केस इलाहाबाद हाईकोर्ट (Allahabad High Court) द्वारा जमीन विवाद पर फैसले देने के खिलाफ याचिका पर चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पीठ सुनवाई कर रही है। बीते बुधवार को छठे दिन हुई सुनवाई में अखाड़ा, वक्फ बोर्ड, रामलला विराजमान ने अपनी दलीलें रखी थी। आज रामलला के वकील सीएस. वैद्यनाथन अपनी दलीलें पेश कर रहे हैं।

यहां पढ़ें अयोध्या मामले का पूरा आज का लाइव अपडेट -

सुप्रीम कोर्ट में कार्बन डेटिंग के मुद्दे पर बहस हो रही है। जिसमें कहा गया है कि क्या मूर्ति की कार्बन डेटिंग हुई थी। जबकि वकील ने दूसरे मेटेरियल के कार्बन डेटिंग के बारे में बता रहे थे तभी जज ने मूर्ति को लेकर यह सवाल पूछा।

वहीं वकील ने 1990 में ली गई तस्वीरों के बारे में कहा कि उस वक्त दीवारों पर शेर और कमल के चिन्ह्र हैं। जो इस्लाम का हिस्सा नहीं हैं।

सुनवाई के दौरान जज भूषण ने कहा कि 1950 और 1990 में हुई जांचों की फोटो में ज्यादा फर्क नहीं। लेकिन तस्वीरें पहले से ज्यादा साफ और स्पष्ट दिखी है।

रामलला के वकील की टिप्पणी पर सुन्नी वक्फ बोर्ड के वकील ने कहा कि गलियों और सड़कों कहीं भी नमाज अदा करना गलत है। सुनवाई के दौरान रामलला के वकीन ने एएसआई की रिपोर्ट दिखाई।

रामलला के वकील ने तीसरी दलील देते हुए कहा कि साल 1950 में विवादित जमीन की जांच हुई। जिसमें जन्मभूमि को लेकर कई सबूत मिले। इसमें नक्शे, मूर्तियां और कई रास्ते थे। साथ ही साधू संतों के आश्रम भी मिले।

आगे सुनवाई के दौरान रामलला के वकील सीएस. वैद्यनाथन ने कहा की सुमित्रा भवन में शेषनाग की मूर्ति मिली। साल 1990 में पुरातत्व विभाग ने एक रिपोर्ट दी थी। जो उन्होंने कोर्ट में पेश की।

सुबह 11 बजे के बाद अयोध्या मामले पर कोर्ट ने सुनवाई शुरू हुई। जिसके बाद सबसे पहले रामलला के वकील ने जन्मभूमि की खुदाई के कुछ सबूत कोर्ट में पेश किए। जिसमें कई मुर्तियां और भगवान राम की मूर्ति भी थी।

अयोध्या जमीन विवाद को लेकर सुप्रीम कोर्ट में मामले की सुनवाई शुरू हो गई है। आज सुनवाई का 7वां दिन है।

सबसे रामलला पक्ष सुप्रीम कोर्ट में अपना पक्ष और देंगे सबूत

सुबह 11 बजे सुप्रीम कोर्ट में होगी अयोध्या में जमीन विवाद को लेकर अहम सुनवाई

Share it
Top