Top
Hari bhoomi hindi news chhattisgarh

Atal Jayanti: 25 दिसंबर पर 9 करोड़ किसानों को संबोधित करेंगे पीएम मोदी, खाते में भेजेंगे 18000 करोड़ रुपए

पीएम नरेंद्र मोदी 25 दिसंबर को अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती पर यूपी में किसान सम्मेलन को संबोधित करेंगे। इस दौरान पीएम मोदी प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-KISAN) के तहत 18000 करोड़ रुपये किसानों के खाते में भेजेंगे।

Atal Jayanti: 25 दिसंबर पर 9 करोड़ किसानों को संबोधित करेंगे पीएम मोदी, खाते में भेजेंगे 18000 करोड़ रुपए
X

पीएम नरेंद्र मोदी 25 दिसंबर को अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती पर यूपी में किसान सम्मेलन को संबोधित करेंगे। इस दौरान पीएम मोदी प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-KISAN) के तहत 18000 करोड़ रुपये किसानों के खाते में भेजेंगे। वित्तीय लाभ की अगली किस्त 25 दिसंबर को दोपहर 12 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जारी करेंगे।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, 25 दिसंबर को पीएम किसान योजना की 7वीं किस्त किसानों के खाते में भेजी जाएगी। इस दौरान पीएम नरेंद्र मोदी यूपी के किसानों के साथ किसान सम्मेलन में संवाद करेंगे और नए कृषि कानून के बारे में जानकारी देंगे। पीएम मोदी पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के जन्मदिन पर किसानों से फिर संवाद करेंगे। इस बार अवध के किसानों को पीएम मोदी नए कृषि कानूनों की खूबियां बताएंगे।

वहीं पीएमओ से जानकारी मिली है कि बैठक में 6 राज्यों के चुनिंदा किसानों के साथ एक बातचीत शामिल होगी, जो कल्याण के लिए सरकार द्वारा की गई पहल पर अपने अनुभव साझा करेंगे। यह बातचीत केंद्र के प्रयासों का हिस्सा है। जिसमें 100 प्रेस कॉन्फ्रेंस और 700 बैठकें हुईंय़ हजारों की संख्या में किसानों ने बीते एक महीने के अंदर कृषि कानूनों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।

कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने लिखित किसानों को एक खुला पत्र भी जारी किया है। जिसमें 20 राज्यों से करीब 3 किसानों ने सरकार के कृषि बिलों को खुला समर्थन किया है। पीएम मोदी ने पत्र पर ट्वीट कर लिखा कि तोमर जी ने किसान भाइयों और बहनों को पत्र लिखकर एक विनम्र संवाद की कोशिश करके अपनी भावनाओं को व्यक्त किया है। मैं सभी योगदानकर्ताओं से अनुरोध करता हूं कि उनकी इस पहल को आगे बढ़ाया जाए।

किसानों का कहना है कि नए कानून उन्हें कॉर्पोरेट्स की दया पर छोड़ देंगे। केंद्र ने जोर देकर कहा कि यह केवल उन्हें बाजारों और अपनी पसंद की कीमतों पर बेचने का विकल्प देता है। अब तक किसानों के साथ कई बार संवाद हो चुका है।

Next Story