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Exclusive : सेना प्रमुख बोले, केंद्र सरकार की मंजूरी मिलते ही करेंगे PoK पर कब्जा

संसद के संकल्प के हिसाब से पूरा जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है। अगर संसद चाहेगी और सरकार की तरफ से हमें मंजूरी दी जाएगी तो भारतीय सेना पीओके को हासिल करेगी और उसे भारत का हिस्सा बनाएगी।

केंद्र सरकार की मंजूरी मिलते ही भारतीय सेना करेगी PoK पर कब्जा : सेना प्रमुखसेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरावने

सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरावने ने दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस की है। इस दौरान सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरावने ने कहा कि हमें भविष्य के लिए तैयार होना होगा और हमारे प्रशिक्षण में इसी पर जोर दिया जाएगा। चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) की नियुक्ति और सैन्य मामलों के विभाग का निर्माण एकीकरण की दिशा में एक बहुत बड़ा कदम है। हम अपनी तरफ से यह सुनिश्चित करेंगे कि यह सफल हो।

भारतीय सेना पहले की तुलना में आज बेहतर

सेना प्रमुख 2 साल पहले सेना उपाध्यक्ष द्वारा कमी का हवाला देते हुए सेना की तैयारियों पर कहा कि भारतीय सेना पहले की तुलना में आज बेहतर तैयार है। हमें भविष्य के लिए तैयार होना होगा और हमारे प्रशिक्षण में इसी पर जोर दिया जाएगा।

लाइन ऑफ कंट्रोल (एलओसी) पर पाकिस्तान सेना और आतंकियों के खतरे पर उन्होंने कहा कि एलओसी बेहद सक्रिय हैं। रोजाना खुफिया अलर्ट प्राप्त होते हैं और उन्हें बहुत गंभीरता से देखा जाता है। इस सतर्कता के कारण, हम बीएटी (बॉर्डर एक्शन टीम) के नाम से जाने जानी वाली इन क्रियाओं को विफल करने में सक्षम रहे हैं।

संसद में बोले गृह मंत्री

जम्मू-कश्मीर को लेकर केंद्र सरकार का रूख बिलकुल स्पष्ट रहा है। इसमें बीते वर्ष 5 अगस्त को जम्मू-कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा देने वाली धारा-370 को हटाते वक्त स्वयं गृह मंत्री अमित शाह ने संसद में कहा था कि पीओके को मिलाकर पूरा जम्मू-कश्मीर हमारा है। इसके लिए अगर जरूरत पड़ी तो हम अपनी जान भी दे देंगे। साथ ही रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी लोकसभा में बीते संसद सत्र के दौरान कई मौकों पर पीओके को भारत का अभिन्न अंग बताते हुए साफ तौर यह कह चुके हैं कि अब पाकिस्तान से जब भी बात होगी तो केवल भारत के वर्तमान नक्शे पर मौजूद जम्मू-कश्मीर को लेकर नहीं बल्कि पाक अधिकृत कश्मीर को लेकर भी खुलकर बात होगी।

पीओके पर खौफजदा पाक

जनरल नरवणे का यह बयान एक ऐसे वक्त में सामने आया है जब बीते वर्ष फरवरी के अंत में भारतीय वायुसेना द्वारा एलओसी लांघकर पाक में बने हुए आतंकी ठिकानों को बालाकोट एयरस्ट्राइक के जरिए नेस्तनाबूद किया गया और इसके कुछ महीने बाद 5 अगस्त को केंद्र सरकार ने जम्मू-कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा देने वाली संविधान प्रदत धारा-370 को संसद की मंजूरी से समाप्त कर दिया। इससे पाकिस्तान के पीओके को लेकर बुरी तरह से हाथ-पांव फूले हुए हैं। पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान को सोते-जगाते हर वक्त यह डर सताने लगा है कि कहीं अब भारतीय सेना एलओसी को पार कर पीओके को अपने कब्जे में न ले ले। इससे बचने के लिए कभी खुद पाक पीएम पीओके जाकर भारत को गीदड़भभकी देते रहते हैं तो दूसरी ओर उन्होंने पीओके से लगी एलओसी पर पाक सेना का बड़ी तादाद में जमावड़ा बढ़ाकर इस इलाके को छावनी में भी तब्दील कर दिया है।

चीन सीमा पर बातचीत रास्ता

चीन सीमा पर भारतीय सेना की भावी रणनीति को लेकर पूछे गए एक अन्य सवाल के जवाब में सेनाप्रमुख ने कहा कि वहां भारत-चीन के बीच में वास्तविक नियंत्रण रेखा है। दोनों देशों के शीर्ष नेतृत्व ने कुछ वक्त पहले वुहान सम्मेलन में और उसके बाद चेन्नई में हुए हालिया द्विपक्षीय सम्मेलन में यह तय किया है कि एलएसी पर दोनों देशों की सेनाओं के बीच उत्पन्न होने वाली किसी भी परिस्थिति या समस्या का समाधान केवल बातचीत से ही निकाला जाएगा। यह सरकार का आदेश है। जिसका सेना पालन करेगी।

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