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कोरोना वैक्सीन की कमी पर AIIMS के निदेशक रणदीप गुलेरिया ने दिया बड़ा ब्यान, कहीे ये बात

देशभर में कोरोना (Corona) के मामले लगातार तेजी से बढ़ते जा रहे हैं। बढ़ते मामलों से लोग भी दहशत में हैं। कई राज्‍यों में कोरोना वैक्‍सीन (Corona Vaccine) की किल्‍लत भी देखी जा रही है। पिछले दिनों सीरम इंस्टीट्यूट के प्रमुख अदार पूनावाला (Adar Punewal) ने एक चर्चा के दौरान यह माना था कि उसे वैक्सीन उत्पादन में तेजी लाने के लिए तीन हजार करोड़ रुपये की जरुरत होगी।

कोरोना वैक्सीन की कमी पर एम्स के निदेशक रणदीप गुलेरिया ने दिया बड़ा ब्यान, कहीे ये बात
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एम्स के निदेशक रणदीप गुलेरिया।

देशभर में कोरोना (Corona) के मामले लगातार तेजी से बढ़ते जा रहे हैं। बढ़ते मामलों से लोग भी दहशत में हैं। कई राज्‍यों में कोरोना वैक्‍सीन (Corona Vaccine) की किल्‍लत भी देखी जा रही है। पिछले दिनों सीरम इंस्टीट्यूट के प्रमुख अदार पूनावाला (Adar Punewal) ने एक चर्चा के दौरान यह माना था कि उसे वैक्सीन उत्पादन में तेजी लाने के लिए तीन हजार करोड़ रुपये की जरुरत होगी। उनके इस बयान पर एम्स प्रमुख रणदीप गुलेरिया (AIIMS Direcotr Randeep Guleria) ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सीरम इंस्टीट्यूट को उत्पादन बढ़ाने के लिए करीब 6 महीने पहले ध्यान देना चाहिए था। उन्होंने कहा कि इस स्थिति को समझने के लिए किसी रॉकेट साइंस की जरूरत नहीं थी कि आने वाले समय में ऐसी स्थिति पैदा होगी।

डॉ गुलेरिया के अनुसार हर मैन्युफैक्चर्स को डिमांड और अपनी विनिर्माण क्षमता के बारे में पता होता है। लिहाजा वो पहले से तैयारी कर सकते थे। अदार पूनावाला की फंड की जरूरत पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि मैं उन्हें फाइेनेंस संबंधित सलाह तो नहीं दे सकता लेकिन यह जरूर जानता हूं कि उनके पास उत्पादन बढ़ाने के लिए पर्याप्त संख्या में इनवेस्टर्स होंगे। क्योंकि सिर्फ भारत नहीं बल्कि पूरा विश्व इस वैक्सीन की मांग कर रहा है। उन्होंने कहा कि हमारे पास 50 ऐसे लोग हैं जो क्लीनिकल ट्राय़ल के दौर से गुजर रहे हैं क्योंकि लोग इसे सिर्फ मानवता के नजरिए से लिए बल्कि बाजार के दृष्टिकोण से भी देखते हैं।

बता दें कि पिछले कुछ दिनों से देश में वैक्सीन की कमी चर्चाओं में बनी हुई है। खासकर महाराष्ट्र ने इस कमी को लेकर केंद्र पर जोरदार प्रहार किया है। शुक्रवार को मुंबई में कई वैक्सीनेशन सेंटर्स को इसकी कमी के चलते बंद करना पड़ा था। अदार पूनावाला के अनुसार सीरम इंस्टीट्यूट वर्तमान में कोविशील्ड की रोजाना 2 लाख डोज और हर महीने 60 से 65 लाख डोज पैदा कर रहा है। उन्होंने कहा हमें हर महीने 100 से 110 मिलियन डोज का उत्पादन करना होगा लेकिन इसके लिए निवेश की जरूरत होगी। अदारपूनावाला के अनुसार, उन्होंने इसके लिए केंद्र को भी लिखा है। वहीं नीति आयोग के सदस्य और नेशनल कोविड वैक्सीनेशन पैनल के सदस्य डॉ वीके पॉल के अनुसार SII की तरफ से पिछले दिनों एक प्रस्ताव मिला है।

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