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Ahmed Patel News : इंदिरा गांधी ने पहली बार लड़वाया था चुनाव, पर्दे के पीछे रहकर कांग्रेस को मजबूत करने में रहा इस चाणक्य का अहम रोल

Ahmed Patel News : गांधी परिवार से अहमद पटेल की नजदीकियां इंदिरा के जमाने से थीं। खुद इंदिरा ने उन्हें भरूच से चुनाव लड़वाया था।

Ahmed Patel News : इंदिरा गांधी ने पहली बार लड़वाया था चुनाव, पर्दे के पीछे रहकर कांग्रेस को मजबूत करने में रहा इस चाणक्य का अहम रोल
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अहमद पटेल और इंदिरा गांधी

Ahmed Patel News : कांग्रेस में नबंर दो के वफादार, कांग्रेस पार्टी और 10 जनपथ के चाणक्य कहे जाने वाले और राज्यसभा सांसद अहमद पटेल (Ahmed Patel) का आज बुधवार सुबह गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में कोरोना से निधन हो गया। बीते दिनों उन्हें कोरोना पॉजिटिव पाया गया था, जिसके बाद उनका स्वास्थ्य लगातार गिरता गया। उनके बेटे फैजल ने जानकारी देते हुए सभी शुभचिंतकों से सामूहिक समारोहों से बचने की अपील की है। फिलहाल, अहमद पटेल का अंतिम संस्कार उनके गांव में होगा। गुजरात के भरूच जिले के पीरामल के रहने वाले हैं। परिवार ने बताया कि उनकी अंतिम इच्छा थी कि उनका अंतिम संस्कार उनके गांव में हो।

अहमद पटेल का परिवार (Family of Ahmed Patel)

अहमद पटेल के परिवार में उनकी पत्नी मेमूना पटेल, बेटा फैजल पटेल, बेटी मुमताज पटेल हैं। अहमद पटेल ने 1976 में मेमूना अहमद से शादी की थी। उनका परिवार राजनीति से फिलहाल दूर है। पटेल का जन्म 21 अगस्त 1949 को भरूच स्थित कृषिविद् परिवार में हुआ था। गुजरात में मोहम्मद इशिकजी पटेल और हवबेन मोहम्मदभाई के सबसे छोटे बेटे थे। उनके पिता एक सामाजिक कार्यकर्ता थे। वह भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के छात्र संगठन, यूथ कांग्रेस से अपने राजनीतिक करियर की शुरूआत की थी।

अहमद पटेल के बेटे फैजल पटेल 39 साल के हैं। फैजल बिजनेस एंटरप्रेन्योर हैं। वह मूल रूप से हेल्थकेयर, एजुकेशन और टेक्नोलॉजिकल सेक्टर में बदलाव लाने की दिशा में काम कर रहे हैं। उन्होंने देहरादून के दून पब्लिक स्कूल से हाईस्कूल की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद अमेरिका के हवाई पैसिफिक यूनिवर्सिटी से बीबीए की डिग्री ली। फैजल पटेल ने जिऑन डिस्ट्रिब्यूशन के नाम से अपना वेंचर भी शुरू किया है।

इंदिरा गांधी ने पहली बार लड़वाया था चुनाव (Indira Gandhi contested the election for the first time)

71 साल के अहमद पटेल को कांग्रेस का संकटमोचक भी कहा जाता था। प्रणब मुखर्जी की तरह वो भी कांग्रेस पार्टी के वफादारों में से एक थे। वह सोनिया गांधी के सबसे करीबी सलाहकारों में शामिल थे। कहते हैं कि गांधी परिवार से अहमद पटेल की नजदीकियां इंदिरा के जमाने से थीं। 1977 में जब वे सिर्फ 28 साल के थे, तो इंदिरा गांधी ने उन्हें भरूच से चुनाव लड़वाया था।

कांग्रेस को मजबूत करने में निभाई अहम भूमिका (Played an important role in strengthening Congress)

अहमद पटेल ने 16 साल तक कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के राजनीतिक सचिव के रूप में काम किया। समय के साथ उनका कद बढ़ता गया। कई स्तरों पर शीर्ष नेतृत्व और पार्टी के पदाधिकारियों के बीच एक सेतु के रूप में काम किया। कांग्रेस पार्टी को मजबूत करने का श्रेय उनको ही जाता है। 2004 में कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूपीए के सत्ता में आने के बाद पटेल ने मंत्रिमंडल में शामिल होने से इनकार कर दिया और इसके बजाय संगठन में काम करना पसंद किया। उन्होंने पर्दे के पीछे रहकर काम करते रहे। उन्हें अगस्त 2018 में लोकसभा चुनाव से पहले पार्टी कोषाध्यक्ष नियुक्त किया गया था। जब कांग्रेस को फंड की कमी का सामना करना पड़ा था।

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