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केंद्र सरकार के गोदामों में गेहूं और चावल का पर्याप्त भंडार

कोरोनावायरस की रोकथाम के लिए देश के अलग-अलग हिस्सों में लॉकडाउन शुरू हो गया है। लोगों ने घरों में राशन जमा करना शुरू कर दिया है। लेकिन इससे ज्यादा घबराने की जरूरत नहीं है। सरकार के पास गेहूं, दाल, तेल और चीनी का पर्याप्त भंडार है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार देश में 10 मार्च तक 58.49 मीट्रिक टन अनाज (गेहूं और चावल) का भंडार था। यह भंडार बफर स्टॉक से काफी ज्यादा है। इसके अलावा सरकारी गोदामों में 3 मीट्रिक टन दाल, 1.1 मीट्रिक टन खाद्य तेल और 4 मीट्रिक टन चीनी की भंडार है। ऐसे में किसी भी व्यक्ति को अनाज या अन्य खाद्य पदार्थ का भंडार करने की जरूरत नहीं है।

केंद्र सरकार के गोदामों में गेहूं और चावल का पर्याप्त भंडारवैज्ञानिकों ने कोरोना वायरस की बनाई वैक्सीन

कोरोनावायरस की रोकथाम के लिए देश के अलग-अलग हिस्सों में लॉकडाउन शुरू हो गया है। लोगों ने घरों में राशन जमा करना शुरू कर दिया है। लेकिन इससे ज्यादा घबराने की जरूरत नहीं है। सरकार के पास गेहूं, दाल, तेल और चीनी का पर्याप्त भंडार है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार देश में 10 मार्च तक 58.49 मीट्रिक टन अनाज (गेहूं और चावल) का भंडार था। यह भंडार बफर स्टॉक से काफी ज्यादा है। इसके अलावा सरकारी गोदामों में 3 मीट्रिक टन दाल, 1.1 मीट्रिक टन खाद्य तेल और 4 मीट्रिक टन चीनी की भंडार है। ऐसे में किसी भी व्यक्ति को अनाज या अन्य खाद्य पदार्थ का भंडार करने की जरूरत नहीं है।

राशन की दुकानों पर 1 साल तक आपूर्ति संभव

58.49 मीट्रिक टन अनाज से देश की सभी राशन की दुकानों पर आपूर्ति की जा सकती है। सभी प्रकार के राशन कार्डधारक और अन्य वेलफेयर स्कीम्स के लाभार्थी को एक साल तक अनाज की आपूर्ति होती रहेगी। सेंट्रल पूल में 1 अप्रैल तक जरा भी अनाज नहीं खरीदने की स्थिति में भी अनाज की किल्लत नहीं होगी। स्टॉक की यह स्थिति काफी अच्छी है। इसका कारण यह है कि अगले महीने से अनाज की खरीदारी शुरू होने जा रही है। इसके अलावा 2020 में अच्छी फसल पैदा होने का अनुमान जताया जा रहा है। अनाज के अच्छे स्टॉक से सरकार को भी विश्वास मिला है और उसने सभी राज्यों से अपने कोटे का 6 महीने का राशन एडवांस में लेने को कहा है।

2018-19 में 57 मीट्रिक टन गेहूं-चावल का वितरण

आंकड़ों के अनुसार वित्त वर्ष 2018-19 में पूरे देश में राशन की दुकानों के जरिए 57 मीट्रिक टन गेहूं और चावल का वितरण किया गया था। इसमें नेशनल फूड सिक्योरिटी मिशन (एनएफएसए), मिड-डे मील, चाइल्ड डवलपमेंट स्कीम, अन्नपूर्णा योजना और डिफेंस फोर्सेज के लिए के लिए दिया गया अनाज भी शामिल है। केंद्र सरकार की एजेंसी नेफेड के अधिकारी के अनुसार नेफेड के पास इस समय 3 मीट्रिक टन दालों का भंडार है जिसमें 50 फीसदी केवल चना दाल है। जरूरत पड़ने पर इस चना दाल को तुरंत बाजार में उतारा जा सकता है।

कई राज्यों ने मुफ्त अनाज वितरण की घोषणा की

उत्तर प्रदेश सरकार ने 16.5 मिलियन गरीब परिवारों को 1 महीने का राशन मुफ्त देने की घोषणा की है। दिल्ली सरकार ने प्रति व्यक्ति-प्रतिमाह 7 किलो गेहूं और 5 किलो चावल बिना चार्ज देने का ऐलान किया है। पुणे शहर में आवश्यकता पड़ने पर एक महीने का राशन एडवांस दिया जाएगा। केरल सरकार ने कोरोना पीड़ितों को मुफ्त खाद्य अनाज देने का ऐलान किया है। राजस्थान सरकार ने 1 करोड़ बीपीएल परिवारों को दो महीने का अनाज मुफ्त में एडवांस देने की घोषणा की है। इसके अलावा एनएफएसए से बाहर के लोगों को आवश्यक वस्तुओं के फूड पैकेट दिए जाएंगे। कर्नाटक सरकार ने प्रत्येक बीपीएल परिवार को 10 किलो चावल और 2 किलो गेहूं मुफ्त देने की घोषणा की है। बिहार सरकार ने भी मुफ्त राशन व 1000 नकद का ऐलान किया है।

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