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अलविदा 2018: अंतरिक्ष में भारत के 5 सफल परीक्षण

विश्वभर में भारत का नाम स्वर्ण अक्षरों से लिखवाने वाला देश के भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (Indian Space Research Organization) ISRO ने भारत के विज्ञान विकास में बहुत बड़ा योगदान रहा है।

अलविदा 2018: अंतरिक्ष में भारत के 5 सफल परीक्षण

साल 2018 विदा होने वाला है और आज से दो दिन बाद हम नए साल 2019 (New Year 2019) में प्रवेश करने जा रहे हैं। हर वर्ष की तरह इस साल भी अंतरिक्ष में भारत ने कई सफल परीक्षण करके इतिहास रचा है।

विश्वभर में भारत का नाम स्वर्ण अक्षरों से लिखवाने वाला देश के भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (Indian Space Research Organization) ISRO ने भारत के विज्ञान विकास में बहुत बड़ा योगदान रहा है। चलिए आपको बताते हैं कि हर साल की तरह इस साल भी इसरो ने कौन-कौन सी 5 उपलब्धियां हासिल की हैं।

अंतरिक्ष में भारत के 5 सफल परीक्षण

* अग्नि 5 का सफल परीक्षण

* PSLV C-40 के जरिए एक साथ 31 उपग्रह को किया लॉन्च

* कम्यूनिकेशन सैटलाइट GSAT-7A का सफल लॉन्चिंग

* सबसे अधिक वजनी GSAT-11 का सफल प्रक्षेपण

* ISRO ने लॉन्च किया PSLV-C 43

* अग्नि 5 का सफल परीक्षण

भारत ने 10 दिसंबर 2018 को अग्नि 5 का सफल परीक्षण कर इतिहास रचा। ओडिशा तट के पास डॉ एपीजी अब्दुल कलाम द्वीप से परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम बैलिस्टिक मिसाइल अग्नि 5 का सफल प्रायोगिक परीक्षण किया था।

अग्नि 5 मिसाइल पांच हजार किमी की दूरी तक टारगेट भेदने में सक्षम है। रक्षा सूत्रों ने बताया था कि अग्नि 5 मिसाइल का स्वदेश में विकसित सातवां परीक्षण है। यह मिसाइल 1.5 टन तक के परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम है।

* PSLV C-40 के जरिए एक साथ 31 उपग्रह को किया लॉन्च

भारत ने इसी साल इतिहास रचते हुए चेन्नई से 110 किमी दूर स्थित श्रीहरिकोटा अंतरिक्ष केंद्र से इस 100वें उपग्रह के साथ 30 अन्य उपग्रह यानी कुल 31 उपग्रह अंतरिक्ष में प्रक्षेपित किए।

अपने इस 42वें मिशन के लिए इसरो (ISRO) के भरोसेमंद कार्योपयोगी ध्रुवीय उपग्रह प्रक्षेपण यान PSLV C-40 को भेजा जो कार्टोसेट-2 श्रृंखला के उपग्रह और 30 सह-यात्रियों को लेकर उड़ान भरी थी। कुल वजन लगभग 613 किलोग्राम ता। यह उपलब्धि ISRO के इतिहास में बहुत महत्वपूर्ण है। बता दें कि इस सैटेलाइट को पाकिस्तान के आतंकी ठिकानों की तस्वीर लेने के लिए बनाया गया है।

* कम्यूनिकेशन सैटलाइट GSAT-7A का सफल लॉन्चिंग

इसी साल 19 दिसंबर 2018 को ISRO ने अंतरिक्ष में संचार उपग्रह जीसैट-7ए (GSAT 7A) को लॉन्च किया गया है। जो कि सफल रहा। यह सैटेलाइट श्रीहरिकोटा से लॉन्च की गई थी। यह उपग्रह (सैटेलाइट) वायुसेना की संचार सुविधा बढ़ाएगा।

इसकी लागत लगभग 500-800 करोड़ बताई गई है। इसके बाद विमान, हवा में मौजूद अर्ली वार्निंग कंट्रोल प्लेटफॉर्म, ड्रोन और ग्राउंड स्टेशनों को आपस में जोड़े सकेगा। GSAT 7A को श्रीहरिकोटा के स्पेसपोर्ट के दूसरे लॉन्च पैड से GSLV-F11 रॉकेट के जरिए लांच किया गया है। इस सेटैलाइट से इंटरनेट की रफ्तार भी तेज होगी।

* सबसे अधिक वजनी GSAT-11 का सफल प्रक्षेपण

भारतीय अंतरिक्ष एजेंसी (ISRO) द्वारा बनाए 'सबसे अधिक वजनी' उपग्रह GSAT-11 को 5 दिसंबर 20148 को फ्रेंच गुआना के एरियानेस्पेस के एरियाने-5 रॉकेट से प्रक्षेपण किया गया। जिसका वजन करीब 5,845 किलोग्राम है।

इसकी के साथ ही दक्षिण अमेरिका के फ्रेंच गुयाना स्पेस सेंटर से फ्रांस के एरियन-5 रॉकेट के जरिए लॉन्च किया गया था। ISRO ने यह जानकारी भी दी थी कि उपग्रह GSAT-11 का सफल प्रक्षेपण देश में ब्रॉडबैंड सेवा को और बेहतर बनाने में मदद करेगा।

* ISRO ने लॉन्च किया PSLV-C 43

इसी साल 29 नवंबर 2018 को श्री हरिकोटा में सतीश धवन स्पेस सेंटर से ISRO ने भारत के पृथ्वी अवलोकन हाइपरस्पेक्ट्रल इमेजिंग सैटलाइट (HysIS) को लॉन्च किया। PSLV-C 43 के द्वारा इस सेटेलाइट को लॉन्च किया गया है।

इसमें आठ देशों के भी 30 सैटेलाइट छोड़े गए हैं। जिसमें कि 23 उपग्रह यूएस के हैं। PSLV-C 43 के अंतरिक्ष में पहुंचते ही ISRO ने ट्वीट करके मिशन के कामयाब होने की जानकारी दी थी।

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