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इजराइल में लड़ाकू विमान उड़ाएगी इंडियन एयरफोर्स, चीन और पाक को नहीं मिली एंट्री

वायुसेना की टीम तब रवाना हुई है जब इसी साल पीएम मोदी खुद इजराइल गए थे।

इजराइल में लड़ाकू विमान उड़ाएगी इंडियन एयरफोर्स, चीन और पाक को नहीं मिली एंट्री

पहली बार भारतीय वायुसेना का 45 सदस्यीय दल ब्लू फ्लैग-17 युद्धभ्यास में हिस्सा लेने के लिए इजराइल रवाना हो गया है। वायुसेना की टीम ग्रुप कैप्टन मालुक सिंह की अगुवाई में स्पेशल ऑपरेशन के लिए बने ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट सी-130 सुपर हरक्यूलिस से गरुड़ कमांडो के साथ पूरी टीम रवाना हुई है।

इस युद्धाभ्यास में भारत और इजराइल के अलावा अमेरिका, फ्रांस, इटली, जर्मनी जैसे देश हिस्सा लेंगे। ये अभ्यास दो से 16 नवंबर तक इजराइल के उवादा एयरबेस पर होगा।

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इस बहुपक्षीय सैन्य मकसद आपसी सामरिक साझेदारी को मजबूत और बेहतर करना है। साथ ही युद्धकला की बारीकियों, अपनी ऑपरेशनल क्षमता को बेहतर करने के साथ जानकारियों का आदान-प्रदान करना भी होता है।

बहुप्रशिक्षित जवानों संग सख्त होगा अभ्यास

वायुसेना की टीम तब रवाना हुई है जब इसी साल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी खुद इजराइल गए थे। वायुसेना के मुताबिक इस अभ्यास के जरिए वायुसेना को मौका मिलेगा कि वो दुनिया की बेहतरीन पेशेवर सेना के साथ ना केवल अनुभव साझा करने का बल्कि काफी कुछ सीखने को मौका मिलेगा।

वहीं इजराइल का एक रक्षा दल भारत में आया हुआ है जिसने मंगलवार को जम्मू-कश्मीर में सेना की उत्तरी कमान के मुख्यालय का दौरा किया। इजरायल सेना का नेतृत्व मेजर जनरल याकोव कोबी बराक कर रहे थे।

चीन और पाक को नहीं मिली एंट्री

यह पहली बार है जब भारत ने इजराइल में होने जा रहे किसी युद्धाभ्यास में भाग लेने के लिए अपनी सैन्य टुकड़ी भेजी हो। पीएम नरेंद्र मोदी की इस साल हुए इजराइल दौरे के बाद यह टुकड़ी अभ्यास के लिए गई है।

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जानकारी के अनुसार चीन और पाकिस्तान इस युद्धाभ्यास में शामिल होना चाहते थे, लेकिन दोनों देशों को इस इवेंट में एंट्री नहीं मिली।

रक्षा मंत्रालय की ओर से आधिकारिक बयान में कहा गया कि ब्लू फ्लैग-17 एक बहुपक्षीय युद्धाभ्यास है, इससे दोनों देशों के रिश्ते मजबूत होंगे। इस अभ्यास से देश की सेना को युद्ध की और बारीकियां सीखने को मिलेंगी।

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