Hari bhoomi hindi news chhattisgarh
Breaking

भारतीय टैंकों का चीन के सामने निकला दम, अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिता से भारत हुआ बाहर

भारत का सबसे ताकतवर टैंक टी-90 आधी रेस से ही बाहर हो गया।

भारतीय टैंकों का चीन के सामने निकला दम, अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिता से भारत हुआ बाहर

डोकलाम विवाद पर भले ही भारत और चीन एक दूसरे को नूराकुस्ती दिखाते हुए बड़े-बड़े हथियारों की धमकी दे रहे हैं, लेकिन रूस में दोनों की महाशक्तियों का दम निकल गया। दरअसल, रूस में 19 देशों की सेनाओं के पराक्रम से सजे अंतर्राष्ट्रीय सैन्य खेल 2017 के दूसरे राउंड में भारत की किरकिरी तब हो गई जब उसके देश के टी-90 टैंक आधी रेस में गायब हो गया।

इस रेस में चीन पहले ही अपनी बेइज्जती करा चुका है। उसका एक टैंक पहले ही खराब हो राउंड में बाहर हो गया था लेकिन उसकी एक चुनौती शेष थी। भारत ने भी पहले राउंड को क्वालिफाई कर लिया था। फिलहाल भारतीय आर्मी के लिए यह प्रतियोगिता का अंत बिल्कुल अच्छा नहीं रहा, वह भी ऐसे वक्त में जब शुरुआती चरण में भारत की तरफ से बाकी देशों को कड़ी टक्कर दी जा रही थी। भारत को इस बार जीत के प्रबल दावेदारों में शामिल माना जा रहा था।

कई लोग हैं टीम का हिस्सा

इस अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिता में 19 टीमों ने हिस्सा लिया था, जिसमें कुल 4 टीमें फाइनल के लिए पहुंची हैं। हर एक टीम के भीतर कुल 21 सदस्य हैं। टीम में अहम सदस्यों के अलावा एक कोच, और तकनीकी टीम के भी लोग हैं जो टैंक में आई दिक्कतों को सही करने का काम करते हैं। इस प्रतियोगिता में कुल तीन राउंड हैं।

टैंक खराब, भारत अयोग्य

भारत के दोनों टैंक तकनीकी दिक्कतों की वजह से रेस को पूरा ही नहीं कर पाए। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, भारत इन खेलों के लिए टी-90 टैंक लेकर शामिल हुआ था। इसमें से एक प्रमुख और एक रिजर्व में रखा गया टैंक शामिल था, लेकिन रेस के दौरान दोनों ही टैंक खराब हो गए। इसके बाद भारत को अयोग्य घोषित करके बाहर कर दिया गया।

अब इनके बीच होगा फाइनल

अब रूस, बेलारूस, कजाकिस्तान और चीन फाइनल मुकाबले के लिए आगे बढ़ गए हैं। इन चारों में से ही कोई अब इस गेम को जीतेगा। रेस में रूस और कजाकिस्तान टी-72बी3 टैंक, बेलारूस टी-72 और चीन 96बी टैंक के साथ शामिल हुआ है। वहीं, भारत ने रूस द्वारा डिजाइन किए गए टी-90 टैंक के साथ उतरने का फैसला किया था। माना जा रहा था कि भारत रेस के लिए स्वदेशी टैंक अर्जुन को उतारेगा, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। शुरुआत में भारत रूस द्वारा मुहैया करवाए गए टी-72 टैंक से साथ उतरा था। लेकिन उन टैंक्स के साथ भारतीय आर्मी सहज नहीं थी, इसलिए जहाज के रास्ते भारत ने टी-90 टैंकों को मंगाया।

Next Story
Share it
Top