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पीएम मोदी ने ठुकराया पाक का न्योता, SAARC सम्मेलन में नहीं होंगे शामिल

भारत ने पाकिस्तान की इमरान खान सरकार को एक बड़ा झटका देते हुए दक्षिण एशियाई क्षेत्रीय सहयोग संगठन (सार्क) सम्मेलन का न्योता ठुकरा दिया है। विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने पाक को लताड़ते हुए कहा कि सीमा पार से आतंक रुकने तक पाक से कोई बातचीत नहीं की जाएगी।

पीएम मोदी ने ठुकराया पाक का न्योता, SAARC सम्मेलन में नहीं होंगे शामिल

भारत ने आज पाकिस्तान की इमरान खान सरकार को एक बड़ा झटका देते हुए दक्षिण एशियाई क्षेत्रीय सहयोग संगठन (सार्क) सम्मेलन का न्योता ठुकरा दिया है। विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने पाक को लताड़ते हुए कहा कि सीमा पार से आतंक रुकने तक पाक से कोई बातचीत नहीं की जाएगी।

हालांकि ये पहलीबार नहीं है इससे पहले भी भारत ने सार्क (SAARC) सम्मेलन का बायकाट किया था। उस दौरान भारत के साथ कई और देशों ने भी सार्क सम्मेलन के लिए पाक जाने से मना कर दिया था।

इससे पहले पाकिस्तानी मीडिया में खबर आई थी पाक सार्क सम्मेलन के लिए पीम मोदी को निमंत्रण भेजेगा। पाक मीडिया ने ये ख़बरें पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता डॉक्टर मोहम्मद फैसल के हवाले से दी थी।

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आपको बता दें कि साल 2016 में उरी हमले के बाद पाकिस्तान में होने वाले सार्क सम्मेलन का भारत सहित सभी देशों ने बायकॉट कर दिया था। ऐसे में इस सम्मेलन को सफलतापूर्वक कराने के लिए पाक कोई कसर नहीं छोड़ना चाहता है। 20वें दक्ष‍िण एशि‍याई क्षेत्रीय सहयोग संघ (सार्क) सम्मेलन का आयोजन पाकिस्तान में हो रहा है।

आठ सदस्य हैं सार्क के

सार्क के फिलहाल आठ देश सदस्य हैं जिनमें अफगानिस्तान, बांग्लादेश, भूटान, भारत, नेपाल, मालदीव, पाकिस्तान और श्रीलंका हैं।

आखिरी बार सार्क शिखर सम्मेलन 2014 में काठमांडू में आयोजित किया गया था। सार्क की स्थापना 1985 में की गई थी। सार्क शिखर सम्मेलन, दक्षिण एशिया के आठ देशों के राष्ट्राध्यक्षों की होने वाली बैठक है, जो हर दो साल में होती है।

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2016 में किया था बहिष्कार

इससे पहले 2016 में 19वें सार्क शिखर सम्मेलन का आयोजन भी पाकिस्तान में किया जाना था, लेकिन भारत समेत बांग्लादेश, भूटान और अफगानिस्तान ने इस समिट में हिस्सा लेने से इनकार कर दिया था, जिसके बाद ये सम्मेलन रद्द करना पड़ा था। बांग्लादेश घरेलू परिस्थितियों का हवाला देते हुए इस सम्मेलन में शामिल नहीं हुआ था।

सम्मेलन रद्द न हो पाक को सता रहा डर

पाकिस्तान में सत्ता परिवर्तन हो चुका है और इमरान खान के नेतृत्व में नई सरकार इस बार सभी सदस्य देशों को मनाने की कोशिश करती दिखाई दे रही है, क्योंकि उसे डर है कि सितंबर, 2016 की तरह इस बार भी कहीं सदस्य देश इसमें शिरकत की योजना कैंसिल न कर दें और सम्मेलन रद्द न करना पड़े।

पाकिस्तान वार्ता का इच्छुक

पाक विदेश मंत्रालय ने मंगलवार को कहा कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री अपने पहले भाषण में ही कह चुके हैं कि अगर भारत शांति और बातचीत के लिए एक कदम बढ़ाता है, तो पाकिस्तान दो कदम आगे आएगा। वहीं विदेश मंत्री फैसल ने कहा कि हमने भारत के साथ युद्ध लड़ा है, संबंध अचानक से ठीक नहीं हो सकते।

वीजा नहीं लगेगा, मीडिया आमंत्रित

विदेश मंत्रालय ने कहा कि करतारपुुर कॉरिडोर का उद्घाटन आज 28 नवंबर को होगा। यह 6 महीने में पूरा हो जाएगा। इससे भारत के सिख समुदाय को करतारपुर साहिब आने के लिए वीजा की जरूरत भी नहीं पड़ेगी। करतारपुर के उद्घाटन समारोह को कबर करने के लिए भारतीय मीडिया को भी आमंत्रण दिया।

कॉरिडोर खत्म करेगा दुश्मनी: सिद्धू

वहीं दूसरी ओर कांग्रेस नेता और पंजाब सरकार में कैबिनेट मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू करतारपुर कॉरिडोर के उद्घाटन समारोह में हिस्सा लेने के लिए मंगलवार को लाहौर पहुंचे। सिद्धू ने कहा कि यह कॉरिडोर एक ब्रिज की तरह होगा जो दोनों देशों के बीच दुश्मनी खत्म करेगा। मुझे विश्वास है कि इस कॉरिडोर से लोगों के बीच आपसी संपर्क बढ़ेगा और दोनों देशो में शांति आएगी। इस कॉरिडोर में शांति, समृद्धि और व्यापारिक रिश्ते सुधारने की व्यापक संभावनाएं हैं।

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