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2028 तक जापान को पीछे छोड़ दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा भारत : रिपोर्ट

पिछले साल भारत की इकॉनमी 2.26 खरब डॉलर थी।

2028 तक जापान को पीछे छोड़ दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा भारत : रिपोर्ट
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भारत तेज विकास दर के रथ पर सवार होकर दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था 2028 तक बन जाएगा। अमेरिकी फर्म की रिपोर्ट में कहा गया है कि इस दौरान भारत अपनी विकास गति से जापान को पीछे छोड़ दुनिया में तीसरा स्थान हासिल कर लेगा।

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भारत अभी ही ब्राजील और रूस को पीछे छोड़ ब्रिक देशों में चीन के बाद दूसरी सबसे बड़ी इकॉनमी बन गया है। 2019 तक भारत फ्रांस और ब्रिटेन को पछाड़ जर्मनी के बाद दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी इकॉनमी बनने की राह पर है।

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अमेरिका के एक बैंक मेरिल लिन्च ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि 2028 तक भारत जर्मनी और जापान को जीडीपी (डॉलर के टर्म में) के मामले में पछाड़ देगा। इस रिपोर्ट में उम्मीद जताई गई है कि अगले दशक में भारत की इकॉनमी 10 फीसदी की रफ्तार से बढ़ेगी और जापान की इकॉनमी (1.6 फीसदी) को पीछे छोड़ देगी।

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अमेरिकन ब्रोकरेज ने 7 फीसदी की दर से भारत की वास्तविक जीडीपी ग्रोथ की क्षमता का अनुमान जताया है। पिछले साल भारत की इकॉनमी 2.26 खरब डॉलर थी। हालांकि 2028 में अमेरिका और चीन के बाद दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी इकॉनमी की साइज क्या होगी, इस संबंध में रिपोर्ट में जानकारी नहीं दी गई है।

रिपोर्ट का शीर्षक 'इंडिया 2028: द लास्ट ब्रिक इन द वॉल' है। इसमें कहा गया है कि निर्भरता अनुपात में गिरावट, वित्तीय परिपक्वता और लोगों की बढ़ती आय व सामर्थ्य ऐसे तीन प्रमुख कारक होंगे जिनकी वजह से भारत सर्वाधिक तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में शामिल होगा।

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रिपोर्ट के मुताबिक 2028 में भारत का निर्भरता अनुपात (0-14 साल और 65 साल से आयु वर्ग में अनुत्पादक आबादी) का प्रतिशत अभी के 52.2 फीसदी के मुकाबले घटकर 46.2 फीसदी रह जाएगा।

इससे जीडीपी पर बचत दर के 32 फीसदी के बराबर रहने का अनुमान है। 2000-17 से तुलना करें तो बचत दर 31.4 फीसदी रही थी। बढ़ती बचत दर से 2028 में इन्वेस्टमेंट रेट भी जीडीपी के 35 फीसदी होनी चाहिए।

2017 में यह दर 32.4 फीसदी और 1980, 1990 के दशक में 22.1 फीसदी रही थी। ऐसा होने पर भारत का चालू खाता घाटा जीडीपी के 2-2.5 फीसदी रहने का अनुमान है। इसी के आधार पर रिपोर्ट में अनुमान जताया गया है कि भारत 7.1 फीसदी की विकास दर से आगे निकल 10 फीसदी की विकास दर से आगे बढ़ेगा।

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