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चीन को ‘इकनॉमिकल स्ट्राइक’ से सिखाना होगा सबक

चीनी सामान अमेरिका में आसानी से नहीं पहुंच पाता है।

चीन को ‘इकनॉमिकल स्ट्राइक’ से सिखाना होगा सबक
नई दिल्ली. राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) के आनुषांगिक संगठन स्वदेशी जागरण मंच (एसजेएम) का कहना है कि वो दीवाली तक देशभर में चीनी उत्पादों के विरोध में युद्धस्तर पर जागरूकता अभियान चलाएगा। इसका मकसद जहां देश में स्वदेशी वस्तुआें और उत्पादों के प्रयोग को बढ़ावा देना है। वहीं उरी में हुए आतंकी हमले के बाद चीन द्वारा पाकिस्तान को दिए जा रहे समर्थन के खिलाफ ड्रैगन को सबक सिखाना भी है। एसजेएम के दिल्ली प्रांत के संयोजक सुशील पांचाल ने हरिभूमि से बातचीत में कहा कि जिस तरह से भारतीय सेना ने एलओसी लांघकर आतंकी लांच पैड्स पर हमले कर पाकिस्तान को सबक सिखाया। ठीक वैसे ही दीवाली पर चीनी पटाखों व उनके सभी उत्पादों के इस्तेमाल पर रोक लगाकर चीन को सबक सिखाया जा सकता है। इसके लिए एसजेएम आमजनता के बीच बृहस्पतिवार से युद्धस्तर पर जागरूकता अभियान की शुरूआत करेगा। इसमें युवा आबादी को मुख्य रूप से शामिल किया जाएगा।
इकनॉमिकल स्ट्राइक से सिखाएंगे सबक
सुशील ने कहा कि हम अपने अभियान के दौरान जनता से कहेंगे कि अगर वो सच्चे मायने में उरी हमले के शहीदों को श्रद्धांजलि देना चाहते हैं और पाकिस्तान को सबक सिखाना चाहते हैं तो उन्हें चीनी वस्तुआें का प्रयोग बंद करना होगा। साथ ही सभी देशवासियों को प्रण लेना होगा कि वो चीनी उत्पादों का किसी भी सूरत में प्रयोग नहीं करेंगे। आमजनता के इस कदम से पाकिस्तान के साथ-साथ चीन को सबक मिलेगा। क्योंकि मौजूदा दौर में आतंकवाद के मुद्दे पर पाकिस्तान को चीन का पूरा साथ मिल रहा है। ऐसे में दोनों को सबक सिखाने के लिए यह कदम उठाया जाना जरूरी है। यह चीन के खिलाफ भारत द्वारा की गई इकनामिकल स्ट्राइक होगी। जब एक बार देश में चीनी माल बिकना बंद हो जाएगा तो ड्रैगन की कमर अपने आप टूट जाएगी।
स्कूलों में नारों से जागरूकता
एसजेएम बृहस्पतिवार से राजधानी दिल्ली के सभी सरकारी और निजी स्कूलों में जाकर वहां के प्रिंसिपल और मैनेजमेंट समिति के लोगों से मिलकर बच्चों में स्वदेशी अपनाओ का नारा बुलंद करने के मुद्दे पर बातचीत करेगा। इसके लिए संगठन की ओर से कुछ स्लोगन भी तैयार किए गए हैं। इसमें ‘जब बाजार जाएंगे, माल स्वदेशी लाएंगे’, ‘स्वदेशी अपनाओ, देश बचाओ’, ‘स्वास्थ्य हित में चीनी छोड़ो, राष्ट्रहित में चाइनीज’, विदेशी वस्तु त्यागकर बोलो वंदेमातरम मुख्य रुप से शामिल हैं। सरकारी स्कूलों में प्रार्थनासभा में इन नारों के जरिए बच्चों को संकल्प दिलाने की कोशिश भी एसजेएम के द्वारा की जाएगी।
एंटी डंपिंग ड्यूटी बढ़ाने की मांग
एसजेएम सरकार से मांग करता है कि वो चीनी वस्तुआें के प्रयोग को कम करने के लिए उनपर एंटी डंपिंग ड्यूटी बढ़ाए। ऐसा करने पर व्यापारी चीनी वस्तुआें को खरीद ही नहीं सकेंगे और उन्हें स्वदेशी सामान खरीदने पर ही मजबूर होना पड़ेगा। दुनिया में अमेरिका ऐसा देश है जिसने चीनी उत्पादों पर 249 फीसदी एंटी डंपिंग ड्यूटी लगायी हुई है। इसकी वजह से चीनी सामान अमेरिका में आसानी से नहीं पहुंच पाता है।
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