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भारत और इज़राइली कंपनी के बीच रद्द हुआ ''50 करोड़ डॉलर'' का रक्षा सौदा, जानें पूरा मामला

भारत ने इजरायल के साथ किए 50 करोड़ डॉलर के ऐंटी-टैंक गाइडेड मिसाइल ''स्पाइक'' से जुड़े रक्षा सौदे को रद्द कर दिया है।

भारत और इज़राइली कंपनी के बीच रद्द हुआ

भारत ने इजरायल के साथ किए 50 करोड़ डॉलर के ऐंटी-टैंक गाइडेड मिसाइल 'स्पाइक' से जुड़े रक्षा सौदे को रद्द कर दिया है। इजरायल के एक शीर्ष हथियार कंपनी ने इसकी पुष्टि की है और साथ ही प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की पहली भारत यात्रा से पहले नई दिल्ली की तरफ से लिए इस फैसले पर अफसोस जाहिर किया है।

14 जनवरी को भारत आएंगे नेतन्याहू

आपको बता दें कि इजराइल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू 14 जनवरी को भारत दौरा शुरू करेंगे और माना जा रहा है कि वह इस मुद्दे को भारत के समक्ष उठाएंगे। राफेल ऐडवांस डिफेंस सिस्टम्स लिमिटेड के प्रवक्ता इशाई डेविड ने कहा, 'राफेल को भारतीय रक्षा मंत्रालय से आधिकारिक अधिसूचना मिली है कि वे स्पाइक की डील को रद्द कर रहे हैं।'

भारत पर लगाए आरोप

स्पाइक का इस्तेमाल विश्वभर में 26 देश कर रहे हैं। माना जाता है कि भारत ने रक्षा खरीद के नियमों पर खरा उतरने और लंबी व कठिन प्रक्रिया के बाद इसका चुनाव किया था। कंपनी ने अपने बयान में कहा, 'इस बात पर जोर दिया जाना चाहिए कि कॉन्ट्रैक्ट पर साइन करने से पहले इसे रद्द कर दिया गया है, जबकि राफेल मांग पर पूरी तरह खरा उतर रहा था।'

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20 सालों से देश दिलाया उन्नत सिस्टम

इसके मुताबिक, 'राफेल को फैसले पर अफसोस है और यह भारतीय रक्षा मंत्रालय के साथ सहयोग करने तथा भारत के साथ काम करने की अपनी रणनीति के साथ प्रतिबद्ध है, क्योंकि पिछले दो दशकों से यह भारत को सबसे उन्नत और नया सिस्टम उपलब्ध कराता रहा है।' कंपनी ने हालांकि डील के रद्द होने के पीछे की कोई वजह नहीं बताई है।

नेतन्याहू संग कंपनी के सीईओ आएंगे भारत

राफेल के सीईओ भी नेतन्याहू के साथ भारत दौरे पर आ सकते हैं। कंपनी ने हाल ही में हैदराबाद में अपने एक फैसिलिटी की शुरुआत की थी जहां प्रॉजेक्ट पर काम पूरा किया जाना था, लेकिन कंपनी के सूत्रों का कहना है कि इसे भारतीय साझीदारों के साथ अन्य राफेल प्रॉजेक्ट्स के लिए तैयार किया गया है।

मूल प्रस्ताव के मुताबिक, भारत ने सेना के लिए 50 करोड़ डॉलर की कीमत के एटीजीएम खरीदने की योजना बनाई थी।

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