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पाकिस्तान से ''मोस्ट फेवर्ड नेशन'' का दर्जा छीनने पर आज होगा फैसला

पाकिस्तान ने अभी तक भारत को MFN का दर्जा नहीं दिया है।

पाकिस्तान से मोस्ट फेवर्ड नेशन का दर्जा छीनने पर आज होगा फैसला
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नई दिल्ली. पाकिस्तान से मोस्ट फेवर्ड नेशन का दर्जा वापस लेने पर गुरूवार को एक बड़ा फैसला हो सकता है। उरी हमले के बाद पाकिस्तान को घेरने के लिए पीएम मोदी आज पाकिस्तान से मोस्ट फेवर्ड नेशन (MFN) का दर्जा छीनने के लिए समीक्षा बैठक करने वाले हैं। पाकिस्तान से मोस्ट फेवर्ड नेशन का दर्जा छीनने के इस फैसले से पाक की अर्थव्यवस्था पर बुरा असर पड़ सकता है।

जानकारी के मुताबिक़ देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरूवार को पाकिस्तान से मोस्ट फेवर्ड नेशन का दर्जा वापस लेने पर गुरूवार को एक बड़ी बैठक करने वाले हैं। बता दें कि 1999 में जब करगिल युद्ध हुआ तब भी भारत ने पाकिस्तान से मोस्ट फेवर्ड नेशन यानि सबसे पसंदीदा देश का दर्जा नहीं छीना था। 2008 में मुंबई में हमला हुआ तब भी भारत ने पाकिस्तान को बख्श दिया गया था। पठानकोट हमले के बाद भी भारत ने संयम से काम लिया था, लेकिन आब उरी में हुए एक बड़े आतंकी हमले ने पाकिस्तान के लिए अब दोस्ती के हाथों को पीछे खींचने पर मजबूर कर दिया है। इसलिए भारत अब पाक से MFN के दर्जे को वापस लेने की समीक्षा पर विचार कर रहा है।

क्या है MFN दर्जे के वापस लेने के मायने
पीएम के घर पर होने वाली बैठक में यही तय होना है कि पाकिस्तान का मोस्ट फेवर्ड नेशन का दर्जा बरकरार रखना है या नहीं। मोस्ट फेवर्ड नेशन का दर्जा मिलने का मतलब है कि पाकिस्तान को भारत में कारोबार की सुविधाएं देना। आयात (इंपोर्ट) शुल्क चुकाए बिना अपना माल बेचना। बता दें कि भारत ने यह दर्जा पाकिस्तान को दिया हुआ था, जबकि पाकिस्तान ने अभी तक भारत को MFN का दर्जा नहीं दिया है। इसलिए दर्जा खत्म होने का नुकसान सिर्फ और सिर्फ पाकिस्तान को बताया जा रहा है। हालांकि इस मामले में सरकार पर उद्योग संघों का कोई दवाब नहीं है उनका मन्ना है कि कि इससे भारत का कोई नुकसान नहीं है।

विश्व व्यापार संगठन के सदस्य देश होने के नाते 1996 में भारत ने पाकिस्तान को आपसी व्यापार के लिए MFN का दर्जा दिया था। WTO के नियम भारत को अधिकार देते हैं कि वो पाकिस्तान से MFN का दर्जा छीन सकता है। मोस्ट फेवर्ड नेशन का दर्जा खत्म होने का मतलब है कि पाकिस्तान को भारत में व्यापार में कोई रियायत नहीं मिल पाएगी। पाकिस्तान अपने देश में बना सामान भारत में बेचेगा तो उसे ड्यूटी चुकानी होगी और उसके व्यापारियों को ज्यादा पैसे खर्च करने होंगे। तो वहीं पाक को मुनाफा भी कम होगा।

गौरतलब है कि 2015-16 में भारत पाकिस्तान के बीच 17 हजार करोड़ रुपए का कारोबार हुआ है। पाकिस्तान ने 13 हजार 700 करोड़ रुपए का माल भारत से खरीदा और भारत को 3300 करोड़ रुपए का माल बेचा था। आपको बता दें कि भारत से कपास, खाद्य सामग्री, कॉफी, चाय, मसाले और सब्जियां निर्यात होती हैं जबकि पाकिस्तान से भारत मेवा-मसाले, सल्फर, रबड़, ऊन, और नमक आयात किया जाता है।

साभार- Ndtv

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