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इस्लामिक देशों के साथ मिलकर भारत कसेगा पाक पर नकेल

कश्मीर मसले पर OIC देशों के साथ बातचीत के लिए भारत खास कोशिश कर रहा है

इस्लामिक देशों के साथ मिलकर भारत कसेगा पाक पर नकेल
नई दिल्ली. पाकिस्तान को उसी की बिरादरी के हाथों पटखनी देने के लिए के मास्टर प्लान बनाया है। इकनॉमिक्स टाइम्स पर प्रकाशित खबर के मुताबिक, भारत ने कश्मीर और सीमा पार आतंकवाद पर अपने रुख से इस्लामिक सहयोग संगठन के देशों के सामने लाने के लिए एक कूटनीतिक पहल शुरू की है। जानकारों के मुताबिक पिछले कुछ हफ्तों के दौरान जब फॉरेन ऑफिस लेवल पर बातचीत के लिए सेक्रटरी स्तर के डिप्लोमैट्स ने साउथईस्ट एशिया और अफ्रीकी देशों का दौरा किया, तो उसमें कश्मीर पर भी चर्चा की गई।
सूत्रों के मुताबिक, जब भारत अपने यहां या इन देशों में अपने सहयोगियों के साथ फॉरेन ऑफिस स्तर पर बातचीत करेगा, तो कश्मीर और आतंकवाद के खिलाफ जंग अहम मुद्दे होंगे। उदाहरण के तौर पर विदेश मंत्रालय में सेक्रटरी (ईस्ट) प्रीति सरन इस सिलसिले में पिछले महीने मलेशिया और इंडोनेशिया में थीं। इस्लामी सहयोग संगठन (OIC) के सदस्य देश मलयेशिया और इंडोनेशिया दोनों आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई और कट्टरपंथी ताकतों को खत्म करने के लिए भारत के साथ मिलकर काम कर रहे हैं।
भारत और मलयेशिया ने मदरसा एजुकेशन पर भी पार्टनरशिप करने का फैसला किया है। इसी तरह, सेक्रटरी लेवल के अधिकारी और फॉरेन सर्विस इंस्टिट्यूट के डीन अमरेंद्र खटुआ कश्मीर के डिवलेपमेंट प्रॉजेक्ट्स पर चर्चा के लिए पश्चिमी अफ्रीकी देश नाइजर पहुंचे। नाइजर OIC की सब्सिडियरी इकाइयों में शामिल है। कश्मीर मसले पर OIC देशों के साथ बातचीत के लिए भारत खास कोशिश कर रहा है।
दरअसल, कश्मीर मसले पर इन देशों का पहले अलग नजरिया रहा है। 57 देश OIC के मेंबर हैं। इससे जुड़े कई मुल्क भारत के साथ रिश्ते मजबूत कर रहे हैं। हाल में जब विदेश राज्य मंत्री एम. जे. अकबर ने लेबनान, सीरिया और इराक का दौरा किया था, तो इन देशों ने भारत के साथ इकनॉमिक पार्टनरशिप के अलावा सुरक्षा और आतंकवाद के खिलाफ अभियानों में भी सहयोग मांगा।
इन देशों ने पश्चिम एशिया में भारत के बड़े रोल की मांग की और पाकिस्तान का कश्मीर राग इन पर असर नहीं डाल पाया। भारतीय रवैये के उलट पाकिस्तान ने सार्वजनिक तौर पर ऐलान किया है कि वह 'कश्मीर और भारतीय अत्याचार' के मुद्दे पर समर्थन जुटाने के लिए वह अलग-अलग देशों की राजधानियों में 22 दूत भेजेगा। पाकिस्तानी प्रधानमंत्री नवाज शरीफ इस सिलसिले में खुद संयुक्त राष्ट्र के महासचिव को दो बार चिट्ठी लिख चुके हैं। साथ ही, उन्होंने विदेश मंत्रालय को निर्देश दिया है कि इस मसले पर पाकिस्तान की राय से विभिन्न देशों को रूबरू कराया जाए।
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