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भारत और अमेरिका मिलकर करेंगे विकास, दोनों देशों के बीच उर्जा एवं सतत विकास के संबंध में सहयोग

स्वच्छ सतत भविष्य का निर्माण कर सकेंगे जिसके प्रति राष्ट्रपति ओबामा और प्रधनमंत्री मोदी प्रतिबद्ध हैं।

भारत और अमेरिका मिलकर करेंगे विकास, दोनों देशों के बीच उर्जा एवं सतत विकास के संबंध में सहयोग
वाशिंगटन. अमेरिकी ऊर्जा सचिव अर्नेस्ट मोनिज ने येल विश्वविद्यालय के सहयोग से टेरी द्वारा आयोजित पांचवें अमेरिका-भारत ऊर्जा भागीदारी सम्मेलन में कहा हमारी भागीदारी शानदार, विश्वसनीय, निरंतर और विकसित हो रही है। हम मिलकर एक स्वच्छ सतत भविष्य का निर्माण कर सकेंगे जिसके प्रति राष्ट्रपति ओबामा और प्रधनमंत्री मोदी प्रतिबद्ध हैं। इस क्षेत्र में मोदी द्वारा उठाए गए कदम की प्रशंसा करते हुए मोनिज ने प्रधानमंत्री नयी गति प्रदान कर रहे हैं।
मोनिज ने कहा कि भारत की महत्वाकांक्षी योजनाओं के लिए कम-उत्सर्जन वाले ऊर्जा समाधान की तलाश के क्षेत्र में परमाणु ऊर्जा ऐसा क्षेत्र है जिसमें हमें सहयेाग बढ़ाने की जरूरत है। टेरी नार्थ अमेरिका द्वारा आयोजित इस दो दिन के सम्मेलन में ऊर्जा, वित्त, नीति, प्रौद्योगिकी, जलवायु परिवर्तन और पर्यावरण क्षेत्र के विशेषज्ञों ने हिस्सा लिया जिन्होंने अमेरिका और भारत के बीच सहयोग पर विचार किया। यूएसएड के प्रशासक, राजीव शाह ने मोदी की ओबामा से मुलाकात और मिलकर काम करने के प्रति प्रतिबद्धता पर बात की। उन्होंने कहा इस सहयोग से अमेरिका और भारत के बीच नए कारोबार, भागीदारी और निवेश के मौके स्पष्ट होते हैं।
अमेरिकी कंपनी हरित भवनों के लिए उत्कृष्टता केंद्र बनाएगी
भारतीय पर्यावरण इकाई और एक अमेरिकी कंपनी ने भारत में मौजूदा भवनों में ऊर्जा दक्षता के आकलन और ऊर्जा संबंधी जांच के लिए उत्कृष्टा केंद्र स्थापित करने पर सहमति जताई है। टेरी नॉर्थ अमेरिकी के महानिदेशक और अध्यक्ष आर के पचौरी ने कल कहा कि द एनर्जी एवं रिसोर्सेज इंस्टीच्यूट (टेरी) और यूनाइटेड टेक्नोलाजीज कार्पोरेशन (यूटीसी) के बीच सहमति से ऊर्जा संसाधन के बेहतर उपयोग और पर्यावरण की रक्षा में मदद मिलेगी।
यूटीसी के जे माइकेल मैक्वेड ने कहा अगले 20 साल में भारत के शहरी इलाकों में जो विस्तार होना है उसके लिए आवश्यक है कि हम भारत के मौजूदा एवं भावी भवनों को ऊर्जा के मामले में और दक्ष बनाएं। यूटीसी का इस नए उत्कृष्टता केंद्र को बनाने में योगदान करना इस मिशन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। पचौरी ने कहा भवनों से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष तौर पर विभिन्न किस्म की गैस और प्रदूषणकारी तत्व निकलते हैं और उनका वैश्विक तौर पर ग्रीनहाउच्च्स गैस में 19 प्रतिशत योगदान है।
नीचे की स्लाइड्स में पढ़िए, भारत आएगी अमेरिकी कंपनी और होगा स्वर्ण आयात-
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