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70 साल पहले आज ही के दिन हो रही थी जिन्ना की हत्या की साजिश

जानिए इतिहास के पन्नों से 5 अगस्त को रची गई एक नेता की साजिश की पूरी कहानी।

70 साल पहले आज ही के दिन हो रही थी जिन्ना की हत्या की साजिश

भारत देश को आजाद हुए 70 साल बीत चुके हैं लेकिन 15 अगस्त को आजादी से पहले कई ऐसी तारीखें थीं जिनका हर एक दिन अपने आप में इतिहास बन गया।

ठीक आज ही के दिन 5 अगस्त (5 अगस्त 1947) को एक ऐसी साजिश थी जिसे अंजाम देने की तैयारी चल रही थी। ये साजिश किसी धमाके की नहीं बल्कि 'मोहम्मद अली जिन्ना' की मौत की साजिश थी।

जी हां. 5 अगस्त से ठीक एक दिन पहले कलत के खान नवाबजादा मोहम्मद असलम खान और सर सुल्तान अहमद ने अपनी रियासत के संबंध में लॉर्ड माउंटबेटन से मुलाकात की।
इस मुलाकात के दौरान मोहम्मद अली जिन्ना और लियाकत भी वहां पहुंच गए। वे इस बात पर सहमत थे कि कलत पर सुलह हो जाए।
यदि ऐसा होता तो एक समझौते पर हस्ताक्षर किए जाते, जिसमें लिखा होता कि पाकिस्तान सरकार स्वतंत्र औऱ संप्रभु राज्य के तौर कलत की हैसियत स्वीकार करती है यानि कि अब से उसकी हैसियत भारतीय रियासतों की हैसियत से अलग होगी।
लेकिन दोपहर बाद भोपाल के नवाब हमीदुल्ला ने वायसराय से भेंट की इस बीच उन्हें नेहरू की दो चिट्ठियां मिलीं। इनमें एक लाहौर से पलायन रोकने के बारे में थी, वहीं दूसरी में मंत्रिमंडल के 6 सदस्यों के नामों की सिफारिश में थी।
जिनमें डॉ. बी.आर. अंबेडकर, राजकुमारी अमृत कौर, रफी अहमद किदवई, श्यामा प्रसाद मुखर्जी, क्षणमुखं शेट्टी और नरहरि गाडगिल के नाम शामिल थे।
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