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INDEPENDENCE DAY:9 जुलाई 1947 को रेडक्लिफ ने की नेहरू-जिन्‍ना से मुलाकात, बंगाल में हुआ विस्‍फोट

रात में कई शहरों में बम धमाके हुए और 17 से अधिक लोगों की जानें गईं।

INDEPENDENCE DAY:9 जुलाई 1947 को रेडक्लिफ ने की नेहरू-जिन्‍ना से मुलाकात, बंगाल में हुआ विस्‍फोट

नई दिल्‍ली. INDEPENDENCE DAY COUNTDOWN सीरीज के तहत आज हम आपको बताएंगे कि 9 जुलाई का दिन हमारे लिए क्‍यों महत्‍व रखता है। आपने 8 जुलाई के बारे में जाना कि बंगाल के विभाजन के बाद अब पंजाब विभाजन की तैयारियां शुरू होने लगी थीं। जिसके विरोध में पूरे पंजाब प्रांत में 50 लाख से ज्यादा सिखों ने सर पर काला कपड़ा बांधकर गुरूद्वारों में दुआ मांगी और आम सभाएं करके विभाजन का विरोध किया।

9 जुलाई का दिन इसलिए महत्‍वपूर्ण है कि बंगाल में दोनों देशों की सीमाओं को तय करने के लिए सीमा आयोग की पहली बैठक हुई। इस बैठक में सीमा आयोग के मुखिया रेडक्लिफ शामिल नहीं हुए। वहीं, बंगाल में चौथे दिन दंगा और अधिक उग्र हो गया। रात में कई शहरों में बम धमाके हुए। 17 से अधिक लोगों की जानें गईं। दो बम ट्रॉम पर भी फोड़ दिए गए। जिससे ट्रॉम बाधित हुई और इसकी सेवाएं बंद कर दी गईं।

उधर, दिल्‍ली में खाकसार आंदोलन में नेहरू और कांग्रेस के खिलाफ नारे लगाए गए। बदले में उन पर आंसूगैस के गोले दागे गए। 17 से ज्‍यादा आंदालनकारियों को हिरासत में लिया गया। एक अहम चीज यह हुई कि जिन्‍ना के गवर्नर जनरल बनाए जाने के सवाल पर गांधी ने कहा कि जिन्‍ना साहब गवर्नर बनने को कांटों का ताज समझेंगे और आवाम के लिए काम करेंगें, तो अच्‍छा होगा। इसी में सबकी भलाई है।
इसी दिन रेडक्लिफ ने जवाहर लाल नेहरू और जिन्‍ना से तीन घंटे तक बात की। रेडक्लिफ ने नेहरू और जिन्‍ना से अलग-अलग कमरों में बात की। 9 जुलाई को ही वायसराय ने अपनी डायरी में एक दिन पहले गांधी गांधी से हुई मुलाकात दर्ज की। यह मुलाकात रजवाड़ों और रियासतों को भारत में मिलाने से संबधित थी। वायसराय ने यहां पर कांग्रेस और उसके नेताओं को आड़े हाथों लिया और लिखा कि, आप सबको दिल जीतने की बात करते हैं और ठीक इसके उलट रियासतों को धमकी भी देते हैं।
वासयराय की डायरी में दर्ज इस बात पर गांधी सिर्फ हंस कर रह गए। वायसराय ने ऐसा इसलिए लिखा क्योंकि सरदार पटेल ने रियासतों को धमकी भरे अंदाज में कहा था, कांग्रेस ने आपकी ओर दोस्‍ती का हाथ बढ़ाया है लेकिन वह यह बर्दाश्‍त नहीं किया जाएगा कि आप अपने इलाके में जन भावना को दबाने की कोशिश करें।
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