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INDEPENDENCE DAY: 3 सितंबर 1947 को पाकिस्तान ने शुरु कर दिया कश्मीर पर हमला

1947 में पाकिस्तान ने कबाइलियों की मदद से धावा बोला और कश्मीरी पंडितों का कत्लेआम किया।

INDEPENDENCE DAY: 3 सितंबर 1947 को पाकिस्तान ने शुरु कर दिया कश्मीर पर हमला
नई दिल्ली. INDEPENDENCE DAY COUNTDOWN सीरीज के तहत आज हम आपको बताएंगे कि आजादी के बाद 3 सितंबर 1947 के दिन को जानना हमारे लिए क्यों जरूरी है। अब तक आपने जाना कि 2 सितंबर 1947 को कलकत्‍ता हाउस में गांधी के इर्द-दीर्ध भारी भीड़ थी। गांधी ने नोआखली यात्रा का विचार त्‍याग दिया। इस मौके पर उन्‍होंने कलकत्‍ता में फैली सांप्रदायिक हिसा को रोकने के लिए लोगों से शांति की अपील की। इन दिनों कलकत्‍ता समेत देश के कई हिस्‍सो में सांप्रदायिक हिंसा फैली हुई थी। गांधी आजादी भारत की यह सांप्रदायिक तस्‍वीर देखकर दुखी थे। इधर दिल्‍ली में भी हिंसा की कुछ घटनाओं की खबर थी।
3 सितंबर 1947 को आजाद भारत में पहला दंगा कश्मीर के लिए हुआ। 1947 में पाकिस्तान ने कबाइलियों की मदद से धावा बोला और कश्मीरी पंडितों का कत्लेआम किया। 3 सितंबर 1947 से पाकिस्तान ने कश्मीर पर हमला करना शुरू किया जिसे कश्मीर के राजा हरिसिंह गंभीरता से नहीं लिया। इसके चलते आधे से ज्यादा कश्मीर से हिंदुओं का पलायन शुरू हो गया। पाकिस्तान ने अपने इस ऑपरेशन को नाम दिया था- ऑपरेशन गुलमर्ग।
भारत-पाकिस्तान दो अलग-अलग मुल्क तो बन गए लेकिन दोनों के बीच स्थित कश्मीर का रजवाड़ा सीमा विवाद की जड़ बन गया। दरअसल 'इंडिया इंडिपेंडेंस एक्ट' के तहत कश्मीर को भारत या पाकिस्तान के साथ विलय का फ़ैसला करने के लिए स्वतंत्र कर दिया गया। आज़ादी के समय कश्मीर के राजा हरि सिंह ने भारत या पाकिस्तान में विलय पर कोई फ़ैसला नहीं किया था। 22 अक्टूबर 1947 तक हथियारबद्ध कबाइलियों की फौज ने नरसंहार किया और जब तक भारतीय सेना पहुंचती उन्होंने आधे कश्मीर पर कब्जा कर लिया था।
नीचे की स्लाइड्स में जानिए, किस तरह के हालात पैदा हो गया था-
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