Hari bhoomi hindi news chhattisgarh
Breaking

INDEPENDENCE DAY: 3 अगस्‍त 1947 जिन्‍ना ने कहा-असैन्‍य देश होगा पाकिस्‍तान, पठानों को नहीं बनाया जा सकता गुलाम

विजय लक्ष्‍मी पंडिय जिस विमान से मास्‍को जा रही थीं उस पर भारत का झंडा लगा था।

INDEPENDENCE DAY: 3 अगस्‍त 1947 जिन्‍ना ने कहा-असैन्‍य देश होगा पाकिस्‍तान, पठानों को नहीं बनाया जा सकता गुलाम
नई दिल्ली. HARIBHOOMI.COM INDEPENDENCE DAY COUNTDOWN सीरीज के तहत आज हम आपको बताएंगे कि 3 अगस्‍त 1947 के दिन को जानना हमारे लिए क्यों जरूरी है। अभी आपने जाना कि 2 अगस्‍त 1947 जवाहर लाल नेहरु आर माउंटबेटन के बीच आजाद हिंद फौज और गौरखा सैनिकों के भविष्‍य पर चर्चा हुई। बता दें कि आजाद हिंद फौज का गठन 1 दिसम्‍बर 1942 मोहन सिंह के नेतृत्‍व में हुआ था। शुरुआत में इसमें 16300 सैनिक थे। बाद में 4 जुलाई, 1943 को सुभाषचन्द्र बोस ने 'आजाद हिन्द फौज' एवं 'इंडियन लीग' की कमान को संभाला। आजाद हिन्द फौज के सिपाही सुभाषचन्द्र बोस को नेताजी कहते थे। बोस ने अपने अनुयायियों को 'जय हिन्द' का नारा दिया।
3 अगस्‍त 1947 वायसराय हाउस में कोई राजनीतिक गतिविधि नहीं हुई। राजनीतिक गतिविधियां दिल्‍ली से बाहर ही हुई। श्रीनगर में गांधी ने कश्‍मीर के राजा हरि सिंह से बात की। प्रधानमंत्री काक समेत कई प्रतिनिधियों से बात की। इससे पहले गांधी ने मुजाहिद मंजिल जाकर नेशनल कांफ्रेंस के कार्यकर्ताओं से बात की।
इसके बाद शीतला नाथ जाकर कश्‍मीरी पंडितों की बात सुनी। मुजाहिद मंजिल के पास भारी संख्‍या में लोग मौजूद थे लेकिन गांधी सिर्फ तीन मिनट ही वहां रूके और भाषण नहीं दिया। इस बीच जम्‍मू-कश्‍मीर मुस्लिम कांफ्रेंस ने एक बयान जारी कर गांधी से कहा कि वे कश्‍मीर के मामले में दखलअंदाजी न करें। कराची में कृपलानी ने कहा कि जब तक भारत के दानों हिस्‍से एक नहीं होंगे इस क्षेत्र में शांति नहीं हो सकती।
विजय लक्ष्‍मी पंडिय मास्‍को जाते वक्‍त कराची रूकीं। वे जिस विमान में थीं उस विमान पर भारत का झंडा लगा था। ऐसा पहली बार हुआ था। लाहौर, हैदराबाद, बंबई और शोलापुर में हिंसक वारदातें हुईं। डेरा स्‍माइल खान में नवाबजादा अल्‍लाह नवाज खान ने कहा कि सेनाओं के जरिए पठानों को गुलाम नहीं बनाया जा सकता। कलकत्‍ता में समाजवादी नेता राम मनोहर लोहिया ने विलय संधियों की आलोचना की।
हैदराबाद के प्रधानमंत्री छतारी दिल्‍ली में थे और उन्‍होंने वायसराय से बात की। भोपाल के नवाब की चिट्ठी वायसराय को मिली। लिखा था कि मैं भारत की ओर हाथ बढाने को तैयार हूं अगर उसकी नीयत में खोट न हो। पंजाब की स्थिति बिगड़ने की वजह जिन्‍ना का गवर्नन जनरल बनने की इच्‍छा थी।
नीचे की स्‍लाइड्स में जानिए, जिन्‍ना ने कहा था कि असैन्‍य देश होगा पाकिस्‍तान -
खबरों की अपडेट पाने के लिए लाइक करें हमारे इस फेसबुक पेज को फेसबुक हरिभूमि और हमें फॉलो करें ट्विटर पर-

Next Story
Share it
Top