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INDEPENDENCE DAY: 20 जुलाई 1947 को फ्रंटियर पाकिस्तान का हिस्सा बना, लाहौर में हुए चार बम धमाके

फ्रंटियर का फैसला पाकिस्तान के पक्ष में जाता है।

INDEPENDENCE DAY: 20 जुलाई 1947 को फ्रंटियर पाकिस्तान का हिस्सा बना, लाहौर में हुए चार बम धमाके
नई दिल्ली. INDEPENDENCE DAY COUNTDOWN सीरीज के तहत आज हम आपको बताएंगे कि 20 जुलाई 1947 का दिन हमारे लिए जानना क्यों जरूरी है। आपने 19 जुलाई 1947 के बारे में जाना कि वायसराय ने एक आदेश जारी कर के भारत और पाकिस्‍तान के लिए अलग-अलग अंतरिम सरकार का गठन कर देते हैं। दूसरी तरफ जवाहर लाल नेहरू, सरदार पटेल, मौलाना आजाद, भावा बलदेव सिंह और जगजीवन राम को कांग्रेस सरकार में मंत्री बना दिए जाते हैं इसके अलावा मुस्लिम लीग के नेताओं की भी घोषणा कर दी जाती है।
अब हम आपको 19 जुलाई 1947 के बारे में बताएंगे कि ये दिन भारत की आजादी के रूप में किस तरह यादगार है। इसी दिन फ्रंटियर की रायशुमारी का परिणाम आता है जो बहुत ही कम अंतर से पाकिस्तान के हक में जाता है। ऐसा होने के पीछे जो कारण बताया गया वो ये था कि खान अब्दुल गफ्फार खान के बहिष्कार की वजह से बहुत कम लोगों ने अपने मतदान का प्रयोग किया था। जिसके कारण फ्रंटियर का फैसला बहुत ही कम वोट के अंतर से हुआ। इसे फैसले के आने के बाद पेशावर में गैर-मुस्लिम कर्मचारियों ने मांग की कि वो भारत में काम करना चाहते हैं।
दूसरी तरफ लाहौर में सरदार हरनाम सिंह ने कहा कि सिक्ख चिनाव नदी को पंजाब की सीमा बनाना चाहते हैं और इस पक्ष में हैं कि अमृतसर, गुरदास पुर और लाहौर को एक आर्थिक क्षेत्र माना जाए। इस बीच लाहौर में दंगों की वजह से माहौल तनाव पूर्ण बना रहता है और इसी दिन यहां चार बम धमाके होते हैं। जिसमें कई लोगों के मारे जाने की खबर आती है।
नीचे की स्लाइड्स में जानिए, दिल्ली में कांग्रेस कार्य समिति मिली इस आजादी के बारे में क्या कहा गया -
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