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INDEPENDENCE DAY: 20अगस्‍त 1947 डा. राजेन्‍द्र प्रसाद की अध्‍यक्षता में असेंबली में बैठक, सदस्‍यों ने ली शपथ

इस दिन असेंबली में 15 अगस्त 1947 के दिन भारतीय झंडे फहराने के लिए हुई घटनाओं पर बात हुई

INDEPENDENCE DAY: 20अगस्‍त 1947  डा. राजेन्‍द्र प्रसाद की अध्‍यक्षता में असेंबली में बैठक, सदस्‍यों ने ली शपथ

नई दिल्ली. INDEPENDENCE DAY COUNTDOWN सीरीज के तहत आज हम आपको बताएंगे कि आजादी के बाद 19 अगस्‍त 1947 के दिन को जानना हमारे लिए क्यों जरूरी है। अब तक आपने जाना कि 19 अगस्‍त 1947 तक यह तय नहीं हुआ था कि कश्‍मीर का विलय भारत में होगा या पाकिस्‍तान में। आजाद भारत की रूपरेखा कैसी हो इस पर नेहरू, गांधी, पटेल, राजेन्‍द्र प्रसाद समेत सभी नेता विचार कर रहे थे। कई रियासतों ने अभी तय नहीं किया था कि वे पाकिस्‍तान में शामिल होंगे यार हिंदुस्‍तान में। रियासतों के मुखिया दानों की देशों के नेताओं के सम्‍पर्क में थे और अपनी- अपनी आशंकाएं जता रहे थे।

कश्‍मीर और हैदराबाद ने भी अभी तक कोई निर्णय नहीं लिया था। अभी कश्‍मीर के महराज ने तय नहीं किया था कि वे भारत में शामिल होंगें या पाकिस्‍तान में। कश्‍मीर को पाकिस्‍तान में शामिल करने की मंशा रखने वाले कई ग्रुप सक्रिय थे और कश्‍मीर पर कब्‍जा जमाने के लिए हमले कि तैयारी में थे। 19 अगस्‍त तक तय नहीं हुआ था कि कश्‍मीर पाकिस्‍तान का हिस्‍सा बनेगा या भारत में शामिल होगा।

20 अगस्‍त 1947 को 20 अगस्त 1947 को राष्ट्रपति राजेन्द्र प्रसाद ने असेंबली में मौजूद सांसदो से संकल्प लेने के लिए कहा और यह संकल्प अंग्रेजी और हिन्दुस्तानी भाषा में हुआ। जो लोग संकल्प नही करना चाहते थे राष्ट्रपति ने उन्हें खड़ा होने के आदेश दिया था। इस दिन असेंबली में 15 अगस्त 1947 के दिन भारतीय झंडे फहराने के लिए हुई घटनाओं पर बात हुई, जिसमें आगरा, कानपुर, झांसी, जबलपुर की घटना मुख्य थी, क्योंकि उसमें ब्रिटिश सरकार के झंडे को हटाकर भारतीय झंडे को फहराया गया था। कुछ ब्रिटिश कमांडों इसका विरोध कर रहे थे।

नीचे की स्लाइड्स में जानिए, किन सदस्‍यों ने ली शपथ -

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