Hari bhoomi hindi news chhattisgarh
Breaking

INDEPENDENCE DAY: 5 जुलाई 1947 को आजादी का बिल पास होने पर इसे गांधी ने बताया था जहर

महात्मा गांधी जी ने इंडियन इंडिपेंडेंस बिल को भारत-पाकिस्तान के लिए जहर बताया था।

INDEPENDENCE DAY: 5 जुलाई 1947 को आजादी का बिल पास होने पर इसे गांधी ने बताया था जहर
नई दिल्ली. I-DAY COUNTDOWN की सीरिज के तहत आज हम आपको बताएंगे कि हम भारतीयों के लिए 5 जुलाई 1947 का दिन कैसे महत्वपूर्ण रहा था। इस सीरिज में अब तक आपने पढ़ा कि कैसे मात्र डेढ़ सेकेंड में ब्रिटिश पार्लियामेंट में इंडियन इंडिपेंडेंस बिल पेश कर दिया गया। इसके बाद ही भारत की आजादी का रास्ता साफ हो गया था। साथ में यह भी कि, 15 अगस्त 1947 को भारत से ब्रिटिश राज खत्म हो जाएगा और दो देशों आजाद भारत व पाकिस्तान का जन्म होगा।
5 जुलाई 1947 का दिन भी भारतीय इतिहास में एक अहम जगह रखता है। आज के दिन ही ब्रिटेन की पार्लियामेंट में जहां भारतीय इंडियन इंडिपेंडेंस बिल पास हुआ था तो दूसरी ओर भारत में अभी भी ज्यादातर लोगों को इस बिल के बारे में ज्यादा कुछ नहीं मालूम था। उन दिनों समाचार के साधन ज्यादा न होने की वजह से महत्वपूर्ण खबरें भी कई दिनों बाद मिल पाती थीं। इसके लिए लोगों को देश के नेताओं या महत्वपूर्ण शख्सियतों की प्रतिक्रियाओं का इंतजार रहता था।
इसलिए इस दिन महात्मा गांधी की प्रार्थना सभा में और दिनों के मुकाबले काफी ज्यादा लोग आए हुए थे। लोगों को उम्मीद थी महात्मा गांधी इंडियन इंडिपेंडेंस बिल के बारे में कुछ कहेगें। इससे पहले माउंटबेटन बिल में शामिल प्रस्तावों पर खेद जता चुके थे। लेकिन गांधी ने प्रार्थना के बाद अपने भाषण की शुरूआत इंडियन इंडिपेंडेंस बिल से न शुरू करके इस बात से की कल शाम (चार जुलाई को) एडविना माउंटबेटन (लार्ड माउंटबेटन की पत्नी) उन से मिलने आई थीं। उन्हें कोई खास काम नहीं था वो आईं और जमीन पर बैठ गईं। गांधी ने एडविना से कहा कि कोई भी अंग्रेज हमें धोखा देना नहीं चाहता है लेकिन इस बिल में जहर भरा हुआ है।
नीचे की स्लाइड्स में पढ़िए, गांधी जी को किस बात का दर्द था -
खबरों की अपडेट पाने के लिए लाइक करें हमारे इस फेसबुक पेज को फेसबुक हरिभूमि और हमें फॉलो करें ट्विटर पर-
Next Story
Share it
Top