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65 साल में 6 उपराष्ट्रपतियों ने तय किया राष्ट्रपति तक का सफर, जानें पूरी लिस्ट

डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन और शंकर दयाल शर्मा उपराष्ट्रपति पद का चुनाव निर्विरोध जीते हैं।

65 साल में 6 उपराष्ट्रपतियों ने तय किया राष्ट्रपति तक का सफर, जानें पूरी लिस्ट
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शनिवार को उपराष्ट्रपति चुनाव की वोटिंग के नतीजों में एनडीए के प्रत्याशी वेंकैया नायडू विपक्षी उम्मीदवार गोपाल कृष्ण गांधी से जीत गए। चुनाव के पहले ही वेंकैया के जीतने की संभावनाएं ज्यादा थी।

नायडू के उपराष्ट्रपति चुनाव जीतने पर अब देश में सभी बड़े संवैधानिक पदों पर भाजपा के नेताओं के नाम हो गए। नायडू ने गोपालकृष्ण को दोगुने वोटों के अंतर से हराया लेकिन 65 साल के इतिहास में कई उपराष्ट्रपतियों ने चुनाव में न केवल बेहतरीन जीत हासिल कीं बल्कि कुछ उपराष्ट्रपति को निर्विरोध भी चुने गए।

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इनमें से 6 उपराष्ट्रपति ऐसे रहे हैं जो बाद में राष्ट्रपति पद पर भी काबिज हुए। सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस रहे मोहम्मद हिदायतुल्ला (1977-82) तक उपराष्ट्रपति रहे। वे दो बार कार्यवाहक राष्ट्रपति रहे लेकिन फुलटाइम प्रेसिडेंट नहीं बन पाए। बता दें कि अब तक उपराष्ट्रपति पद के लिए ये 15वां चुनाव है और इस पद पर 12 नेता उपराष्ट्रपति बन चुके हैं।

ये हैं 6 उपराष्ट्रपति जो बने राष्ट्रपति

1) डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन (1952-62)

1952 में सर्वपल्ली राधाकृष्णन और शेख कादिर हुसैन ने उपराष्ट्रपति पद के लिए पर्चा भरा। रिटर्निंग ऑफिसर ने राधाकृष्णन का नामांकन वैध पाया और उन्हें 25 अप्रैल, 1952 को निर्विरोध उपराष्ट्रपति घोषित किया। इसके बाद 1962 में राधाकृष्णन राष्ट्रपति भी बने।

रिकॉर्ड- राधाकृष्णन पहले ऐसे नेता थे, जो लगातार दो बार उपराष्ट्रपति बने। उनके बाद हामिद अंसारी दूसरे ऐसे लीडर हैं जो दो बार इस पद पर चुने गए।

2) जाकिर हुसैन (1962-67)

राधाकृष्णन के बाद उपराष्ट्रपति पद के लिए हुए चुनाव में जाकिर हुसैन को 568 तो एनसी सामंतसिंहर को 14 वोट मिले। 13 मई, 1962 हुसैन ने उपराष्ट्रपति का पद संभाला। 1967 में हुसैन भारत के तीसरे राष्ट्रपति बने। 1969 में राष्ट्रपति रहने के दौरान ही उनका निधन हो गया।

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3) वीवी गिरि (1967-69)

1967 में वीवी गिरि भारत के उपराष्ट्रपति बने। चुनाव में उन्हें 483, दूसरे प्रत्याशी हिस्ट्री के प्रोफेसर रहे मोहम्मद हबीब को 193 वोट मिले। 1969 में जाकिर हुसैन की मौत होने के बाद गिरी कार्यवाहक राष्ट्रपति बने। बाद में उन्होंने उपराष्ट्रपति और कार्यवाहक राष्ट्रपति पद से इस्तीफा दे दिया और राष्ट्रपति पद के लिए चुनाव लड़ा। राष्ट्रपति चुनाव में गिरि को नीलम संजीव रेड्डी ने कड़ी टक्कर दी लेकिन सेकंड काउंट में वे जीतने में कामयाब रहे।

4) रामास्वामी वेंकटरमण (1984-87)

31 अगस्त, 1984 को आर. वेंकटरमण भारत के उपराष्ट्रपति बने। चुनाव में उन्होंने बापू चंद्रसेन कांबले को हराया। 1987 में ज्ञानी जैल सिंह के बाद वेंकटरमण भारत के राष्ट्रपति बने।

5) शंकर दयाल शर्मा (1987-92)

1987 में वेंकटरमण के राष्ट्रपति बनने के बाद उपराष्ट्रपति पद के लिए चुनाव हुआ। इसके लिए 27 प्रत्याशी ने नामांकन दाखिल किया। स्क्रूटनी में केवल शंकर दयाल शर्मा का नामांकन वैध पाया गया और वे उपराष्ट्रपति पद के लिए निर्विरोध चुने गए। 1992 में शर्मा ने राष्ट्रपति पद के लिए हुए चुनाव में जीजी स्वेल और राम जेठमलानी को हराया।

6) केआर नारायणन (1992-97)

शंकर दयाल शर्मा ने राष्ट्रपति चुनाव में खड़े होने के लिए उपराष्ट्रपति पद से इस्तीफा दे दिया था। तब 1992 में उपराष्ट्रपति पद के चुनाव में केआर नारायणन ने भारी बहुमत से चुनाव जीता। उन्हें 701 में से 700 वोट मिले।

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