Top
Hari bhoomi hindi news chhattisgarh

IIT मद्रास विवाद: केंद्र पर लालू ने साधा निशाना, कहा- ये दलित का अपमान है

आईआईटी मद्रास ने दलित स्टूडेंट्स के एक फोरम पर बैन लगा दिया है।

IIT मद्रास विवाद: केंद्र पर लालू ने साधा निशाना, कहा- ये दलित का अपमान है
X
चेन्नई. आईआईटी मद्रास के दलित स्टूडेंट्स के एक फोरम पर बैन लगाने पर मामला गरमा गया है। इस मामले ने सियासी घमासान का मोड़ ले लिया है। राष्ट्रीय जनता दल प्रमुख लालू प्रसाद ने कहा है कि आईआईटी में छात्र संगठन पर बैन लगाकर केंद्र ने दलितों का अपमान किया है। आईआईटी मद्रास ने दलित स्टूडेंट्स के एक फोरम पर बैन लगाया है। क्योंकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार की नीतियों की आलोचना को लेकर मिली गुमनाम शिकायत के बाद छात्रों के एक ग्रुप के खिलाफ कार्रवाई की है, वे पीएम नरेंद्र मोदी के खिलाफ घृणा फैला रहे हैं।

आईआईटी के छात्रों ने अप्रैल 2014 में अंबेडकर पेरियार स्टूडेंट सर्कल (एपीएससी) नाम से एक डिस्‍कशन फोरम बनाया था। इस फोरम के बारे में किसी ने मानव संसाधन विकास (एचआरडी) मंत्रालय को शिकायत भेजी थी कि इसके जरिए एससी-एसटी स्‍टूडेंट्स को इकट्ठा कर गोमांस पर प्रतिबंध और हिंदी के इस्‍तेमाल को लेकर मोदी सरकार की नीतियों के खिलाफ माहौल बनाया जा रहा है।
स्‍मृति इरानी के इस मंत्रालय की ओर से आईआईटी मद्रास को चिट्ठी लिख कर इस बारे में अपना पक्ष रखने के लिए कहा गया था। मंत्रालय ने पत्र लिख कर मांगा था संस्था से जवाब एक अंग्रेजी अखबार में छपी खबर के मुताबिक, इस संबंध में केंद्र सरकार में अंडर सेक्रेटरी प्रिस्का मैथ्यू की ओर से 15 मई को एक पत्र भेजा गया था। पत्र में कहा गया था, 'अंबेडकर-परियार स्टूडेंट सर्कल द्वारा बांटे जा रहे पैंफलेट को लेकर आईआईटी मद्रास के छात्रों की ओर से लगातार शिकायतें मिल रही हैं। इसकी कुछ कॉपी भेजी जा रही है। इस संबंध में जितना जल्दी हो सके, संस्था अपने पक्ष मंत्रालय के सामने रखे।'
दलील सुने बिना लगा ग्रुप पर बैन
मंत्रालय से पत्र जारी होने के बाद 24 मई को आईआईटी डीन (स्टूडेंट्स) शिवकुमार एम श्रीनिवासन ने दलित स्टूडेंट्स संगठन (एपीएससी) के को-आर्डिनेटर्स को मेल भेज कर उन्हें अपनी गतिविधि रोकने के लिए कहा। दलित संगठन का आरोप है कि एचआरडी मंत्रालय का पत्र आने के बाद ही आईआईटी ने प्रतिबंध लगाया है। शिकायतों के पीछे दक्षिणपंथी संगठनों का हाथ बताया जा रहा है। आरोप है कि बैन लगाने के पहले संस्था की कोई दलील तक नहीं सुनी गई।
नीचे की स्लाइड्स में पढ़िए, पूरी खबर
-

खबरों की अपडेट पाने के लिए लाइक करें हमारे इस फेसबुक पेज को फेसबुक हरिभूमि, हमें फॉलो करें ट्विटर और पिंटरेस्‍ट पर-

और पढ़े: Haryana News | Chhattisgarh News | MP News | Aaj Ka Rashifal | Jokes | Haryana Video News | Haryana News App

Next Story
Top